पुणे मेट्रो पिंक लाइन का उद्घाटन: PM मोदी ने ₹8,300 करोड़ की 23 KM लाइन को दिखाई हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को पुणे मेट्रो पिंक लाइन का उद्घाटन किया — यह ₹8,300 करोड़ की लागत से बनी 23 किलोमीटर लंबी मेट्रो कॉरिडोर है जो हिंजेवाड़ी के आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ती है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह पुणे की अर्बन मोबिलिटी में एक बड़ी छलांग है।
उद्घाटन की घोषणा
उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'इंतजार कुछ देर में खत्म होगा! बहुत इंतजार वाली पुणे मेट्रो पिंक लाइन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ देर में हरी झंडी दिखाएंगे।' यह पोस्ट तब आई जब पूरे पुणे में उद्घाटन को लेकर उत्साह चरम पर था।
इससे एक दिन पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने भी एक्स पर लिखा था कि यह लाइन महिलाओं द्वारा संचालित है और इसकी बिजली की लगभग एक तिहाई ज़रूरत सोलर एनर्जी से पूरी होने की उम्मीद है।
पिंक लाइन की प्रमुख विशेषताएँ
पुणे मेट्रो पिंक लाइन मान से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट तक फैली है और 23 किलोमीटर की दूरी तय करती है। यह कॉरिडोर हिंजेवाड़ी के तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत हज़ारों आईटी पेशेवरों और आम नागरिकों की दैनिक यात्रा को सुगम बनाएगा।
इस परियोजना की एक उल्लेखनीय विशेषता इसका महिला-नेतृत्व वाला परिचालन है, जो भारत के बुनियादी ढाँचे के विकास में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि भारत में मेट्रो प्रणालियों में महिला ऑपरेटरों की तैनाती अब एक प्रगतिशील प्रवृत्ति बनती जा रही है।
मुख्यमंत्री फडणवीस की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री फडणवीस ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि ₹8,300 करोड़ की इस परियोजना के शुरू होने से हज़ारों लोगों के लिए रोज़ाना आना-जाना आसान होगा। उन्होंने इसे 'मॉडर्न मोबिलिटी और एक विकसित भारत की ओर एक गर्व का कदम' बताया।
फडणवीस ने यह भी कहा कि नई पिंक लाइन पुणे को एक 'तेज़, स्मार्ट और ज़्यादा कनेक्टेड शहर' बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इसे 'सस्टेनेबल पुणे का एक नया दौर' भी कहा।
सस्टेनेबिलिटी और ऊर्जा का पहलू
पीएम मोदी के अनुसार, इस मेट्रो लाइन की बिजली की लगभग एक तिहाई ज़रूरत सोलर एनर्जी से पूरी होने की उम्मीद है। यह देश की मेट्रो परियोजनाओं में हरित ऊर्जा के बढ़ते प्रयोग की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2030 तक अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
पुणे के हिंजेवाड़ी क्षेत्र में लाखों आईटी कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें अब तक यातायात जाम और लंबी दूरी की परेशानी झेलनी पड़ती थी। पिंक लाइन के चालू होने से उनकी दैनिक यात्रा में उल्लेखनीय सुधार आने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर पुणे के पश्चिमी हिस्सों में रियल एस्टेट और कारोबारी गतिविधियों को भी गति दे सकता है।