पुणे मेट्रो लाइन-3: माण-हिंजवडी से शिवाजीनगर तक 4 नवंबर से सेवा शुरू, PM मोदी 3 नवंबर को करेंगे उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
पुणे मेट्रो लाइन-3 — जिसे 'पिंक लाइन' या 'पुणेरी मेट्रो' भी कहा जाता है — 4 नवंबर 2026 से माण-हिंजवडी और शिवाजीनगर के बीच यात्रियों के लिए खुल जाएगी। इससे एक दिन पहले, यानी 3 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी और पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उद्घाटन समारोह की रूपरेखा
म्हालुंगे-बालेवाड़ी स्थित श्री शिवछत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 3 नवंबर को सुबह 10:30 बजे उद्घाटन समारोह होगा। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार भी उपस्थित रहेंगे।
परियोजना की मुख्य विशेषताएँ
यह मेट्रो लाइन 23.203 किलोमीटर लंबी है और पूरी तरह एलिवेटेड है। यह माण से हिंजवडी के राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क होते हुए शिवाजीनगर तक जाएगी। परियोजना की अनुमानित लागत ₹8,313 करोड़ है और इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, देश में पीपीपी मॉडल पर लागू होने वाली यह पहली मेट्रो परियोजना है।
पहले चरण में खुलने वाले 17 स्टेशन
शुरुआत में 23 में से 17 स्टेशन यात्रियों के लिए खोले जाएंगे। इनमें माण, माण-एमआईडीसी सर्कल फेज-2, माण बस डिपो, हिंजवडी फेज-2 सर्कल-1 और 2, पद्मभूषण चौक, शिवछत्रपति शिवाजी महाराज चौक, हिंजवडी फेज-1, वाकड चौक, श्री शिवछत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मिटकॉन, आरके लक्ष्मण म्यूजियम, औंध, सकालनगर, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय, कृषि महाविद्यालय और जिला एवं सत्र न्यायालय स्टेशन शामिल हैं। बाकी छह स्टेशन चरणबद्ध तरीके से खोले जाएंगे — दो स्टेशन नवंबर 2026 के अंत तक और शेष चार जनवरी 2027 तक।
सेवा समय और आवृत्ति
मेट्रो सेवा 4 नवंबर को सुबह 6 बजे आरंभ होगी। माण से जिला न्यायालय की ओर अंतिम ट्रेन रात 10:30 बजे और जिला न्यायालय से माण की ओर अंतिम ट्रेन रात 11:40 बजे रवाना होगी। पीक ऑवर में हर 6 मिनट और सामान्य समय में हर 12 मिनट पर ट्रेन उपलब्ध रहेगी। प्रतिदिन 2 से 2.5 लाख यात्रियों के इस सेवा का उपयोग करने का अनुमान है।
इंटरकनेक्टिविटी और सुविधाएँ
जिला न्यायालय स्टेशन महामेट्रो की लाइन-1 (पिंपरी-चिंचवड़ से स्वारगेट) और लाइन-2 (वनाज से रामवाड़ी) से जुड़ेगा, जिससे यात्रियों को शहर के विभिन्न हिस्सों तक आसान पहुँच मिलेगी। दोनों मेट्रो सेवाओं के लिए एक संयुक्त टिकटिंग ऐप भी तैयार किया गया है। ट्रेनें अल्स्टॉम की वातानुकूलित हैं और इनमें मोबाइल व लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इस लाइन की सभी ट्रेनें करीब 100 महिला ट्रेन पायलट चलाएंगी और स्टेशन कर्मचारियों में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएँ होंगी।
पर्यावरण और सुरक्षा
परियोजना में मेट्रो स्टेशनों और कार डिपो में 7.60 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता स्थापित की गई है, जिससे परियोजना की करीब 30 प्रतिशत बिजली जरूरत पूरी होगी। निर्माण में विशेष सामग्री के उपयोग से लगभग 28,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन रोकने, 2,000 टन स्टील और 60 करोड़ लीटर पानी बचाने का दावा अधिकारियों ने किया है। परियोजना से प्रभावित पेड़ों के बदले 5,500 नए पेड़ लगाए गए हैं और 750 पेड़ों का पुनर्रोपण किया गया है। सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा महामंडल के 350 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, और रेलवे डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) से निरीक्षण व सुरक्षा संबंधी अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। यह मेट्रो लाइन हिंजवडी आईटी पार्क, औंध, बाणेर, बालेवाड़ी और शिवाजीनगर के यातायात दबाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।