पुणे में 21 जुलाई से 3 अगस्त तक धारा 37 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश, 5 या अधिक लोगों के जमाव पर रोक
सारांश
मुख्य बातें
पुणे पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में 21 जुलाई की रात 12:01 बजे से 3 अगस्त की रात 12:00 बजे तक 14 दिनों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37(1), 37(2) और 37(3) के तहत जारी यह आदेश पुलिस उपायुक्त (विशेष शाखा) डॉ. प्रशांत अमृतकर द्वारा हस्ताक्षरित है। इसका उद्देश्य शहर में आगामी राजनीतिक-सामाजिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान सार्वजनिक शांति बनाए रखना है।
प्रतिबंध का कारण और पृष्ठभूमि
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पुणे में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा मोर्चे, धरना-प्रदर्शन, बंद और अनशन जैसे कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे जयंती एवं अन्य त्योहारों के आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाना उचित समझा। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में ऐसे संवेदनशील अवसरों पर धारा 37 के तहत निवारक आदेश जारी करने की परंपरा रही है।
मुख्य प्रतिबंध और निषेध
पुलिस आयुक्त की पूर्व अनुमति के बिना पाँच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, सभा आयोजित करने या जुलूस निकालने पर पूर्णतः रोक रहेगी। इसके अतिरिक्त निम्नलिखित गतिविधियाँ भी प्रतिबंधित की गई हैं:
विस्फोटक, ज्वलनशील या दाहक पदार्थ, पत्थर, हथियार, तलवार, भाले, लाठी, डंडे, बंदूक या शारीरिक नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी उपकरण को साथ लेकर चलना, एकत्र करना या तैयार करना। किसी व्यक्ति, नेता या प्रतीकात्मक पुतले का प्रदर्शन अथवा दहन करना। भड़काऊ या अश्लील नारेबाजी करना और सार्वजनिक रूप से उत्तेजक भाषण देना।
आदेश में एक उल्लेखनीय प्रावधान यह भी है कि सोशल मीडिया पर रील बनाकर दहशत फैलाने, धमकी देने या अपराध का महिमामंडन करने जैसी गतिविधियों पर भी कार्रवाई की जाएगी — जो डिजिटल युग की चुनौतियों को देखते हुए एक नई और महत्त्वपूर्ण व्यवस्था है।
किन पर लागू नहीं होगा यह आदेश
प्रतिबंधात्मक आदेश सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों, अपने कर्तव्यों के तहत हथियार रखने के लिए अधिकृत अधिकारियों तथा 3.5 फुट तक की लाठी रखने वाले निजी सुरक्षा गार्ड और चौकीदारों पर लागू नहीं होगा।
उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 135 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश की अवधि समाप्त होने के बाद भी उल्लंघन से जुड़े मामलों में जाँच और दंडात्मक प्रक्रिया जारी रह सकती है।
नागरिकों से अपील
पुणे पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधात्मक आदेशों का स्वैच्छिक पालन करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। 3 अगस्त के बाद स्थिति की समीक्षा के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।