पुनीत केरेहल्ली की गिरफ्तारी पर BJP नेता ईश्वर सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप माँगा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता ईश्वर सिंह ठाकुर ने 29 सितंबर 2026 को बीदर में हिंदू कार्यकर्ता पुनीत केरेहल्ली की गिरफ्तारी को अनुचित बताते हुए केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मामले में हस्तक्षेप करने की माँग की। ठाकुर ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में हिंदुत्व, गौ रक्षा और सनातन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें कथित तौर पर डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
मामले की पृष्ठभूमि
BJP नेता ठाकुर के अनुसार, पुनीत केरेहल्ली ने गौ रक्षा के क्षेत्र में काम किया और कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करने जैसे कार्यों में भी सक्रिय रहे। उन्होंने यह भी दावा किया कि मांस के नाम पर गलत सामग्री भेजे जाने के खिलाफ पुनीत ने कार्रवाई की थी।
ठाकुर ने बताया कि बेंगलुरु में एक जुलूस का मार्ग बदलकर कथित तौर पर राष्ट्र रक्षणा के जिला कार्यालय के पास लाया गया, जहाँ कथित तौर पर धांधली और हमला हुआ। घटना के बाद पुलिस ने पुनीत के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। ठाकुर का कहना है कि यह मामला आत्मरक्षा से जुड़ा था।
पुनीत की स्थिति और अनशन
BJP नेता ने बताया कि पुनीत केरेहल्ली के खिलाफ मामला दर्ज हुए करीब 30 दिन हो चुके हैं और वह जेल में हैं। पुनीत पिछले 17 दिनों से अनशन पर हैं। ठाकुर के अनुसार, पुनीत का उद्देश्य केवल अपने लिए न्याय पाना नहीं, बल्कि कर्नाटक में हिंदू समाज, सनातन और राष्ट्र के लिए काम करने वाले समस्त कार्यकर्ताओं के लिए न्याय की माँग करना है।
केंद्र से हस्तक्षेप की अपील
ठाकुर ने केंद्र सरकार से मामले का संज्ञान लेने की अपील करते हुए कहा कि कर्नाटक में जिस तरह की कार्रवाई हो रही है, उस पर केंद्र को विचार करना चाहिए और राज्य सरकार को इसे रोकने के निर्देश देने चाहिए। उन्होंने कर्नाटक के नेताओं और हिंदू संगठनों से भी पुनीत के पक्ष में आवाज उठाने की अपील की।
रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर आपत्ति
ठाकुर ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा भगवान राम और महादेव को लेकर की गई कथित तुलना पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भगवान की तुलना करना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है और मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बयानों को पूरे देश की जनता देखती है। ठाकुर ने भगवान राम और शबरी के प्रसंग तथा महादेव के समुद्र मंथन से जुड़े विषकंठ/नीलकंठ प्रसंग का उल्लेख करते हुए देवताओं के बीच तुलना को अनुचित बताया।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ दल और BJP के बीच हिंदुत्व कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक तनाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा केंद्र-राज्य राजनीतिक संबंधों में एक नया आयाम जोड़ सकता है।