एसआईआर प्रक्रिया में एक भी वैध वोट नहीं कटेगा: पंजाब सीएम भगवंत मान का ऐलान

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एसआईआर प्रक्रिया में एक भी वैध वोट नहीं कटेगा: पंजाब सीएम भगवंत मान का ऐलान

सारांश

मतदाता सूचियों में हेराफेरी की देशव्यापी चिंताओं के बीच पंजाब सीएम भगवंत मान ने एसआईआर प्रक्रिया में एक भी वैध वोट न कटने देने का संकल्प लिया। AAP कार्यकर्ता हर बूथ पर BLO के साथ तैनात रहेंगे और चुनाव आयोग से पारदर्शी प्रक्रिया की माँग की गई है।

मुख्य बातें

पंजाब सीएम भगवंत मान ने 16 मई को घोषणा की कि एसआईआर प्रक्रिया में एक भी वैध वोट रद्द नहीं होगा।
AAP नेता और कार्यकर्ता राज्य के प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ-स्तरीय अधिकारियों (BLO) के साथ तैनात रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग (ECI) से पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ एसआईआर संचालित करने का आग्रह किया।
कई राज्यों में लाखों वास्तविक मतों को हटाए जाने और फर्जी प्रविष्टियों की शिकायतों का उन्होंने संदर्भ दिया।
मान ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास बनाए रखना लोकतंत्र की बुनियाद है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार, 16 मई को चंडीगढ़ में स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के अंतर्गत राज्य में एक भी वैध मत को रद्द नहीं होने देगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब कई राज्यों में मतदाता सूचियों से वास्तविक नाम हटाए जाने और फर्जी प्रविष्टियाँ जोड़े जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

मुख्यमंत्री की मुख्य घोषणा

भगवंत मान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि AAP के नेता और कार्यकर्ता बूथ-स्तरीय अधिकारियों (BLO) के साथ राज्य के प्रत्येक मतदान केंद्र पर तैनात रहेंगे। उनका उद्देश्य एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी करना और किसी भी अनियमितता को तत्काल रोकना है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी विशेष राजनीतिक दल के पक्ष में फर्जी मत डालने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चुनाव आयोग से आग्रह

मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग (ECI) से आग्रह किया कि वह पूरी एसआईआर प्रक्रिया को पूर्ण ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संचालित करे। उन्होंने जोर दिया कि जनता की आपत्तियों का शीघ्र और उचित समाधान किया जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न हो। उनके अनुसार, सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पूरी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल रखा जाएगा।

अन्य राज्यों की शिकायतों का संदर्भ

मान ने कहा कि विभिन्न राज्यों से लाखों वास्तविक मतों को हटाए जाने और सत्यापन प्रक्रिया में हेरफेर की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे नागरिकों में गहरी चिंता उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता राज्य में ऐसी किसी भी प्रथा को होने नहीं देगी। गौरतलब है कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने कई राज्यों में संदेह जताया है।

लोकतंत्र और संस्थागत विश्वास पर जोर

भगवंत मान ने कहा कि यदि नागरिक मतदाता सूचियों की पवित्रता और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर से विश्वास खोने लगें, तो लोकतंत्र का आधार कमज़ोर पड़ जाता है। उन्होंने माँग की कि राजनीतिक दलों द्वारा उठाई गई प्रत्येक शिकायत का बिना देरी के पारदर्शी समाधान हो। आगे आने वाले दिनों में एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी को लेकर AAP की रणनीति और स्पष्ट होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह केवल राजनीतिक संदेश है। चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है — किसी राज्य सरकार के कार्यकर्ताओं द्वारा BLO के साथ 'तैनाती' की व्यावहारिक सीमाएँ और कानूनी दायरा स्पष्ट नहीं किया गया। मतदाता सूची की पवित्रता की माँग जायज़ है, पर उसे पारदर्शी तंत्र चाहिए — दलीय निगरानी नहीं।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया क्या है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है जिसमें बूथ-स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं। इसका उद्देश्य फर्जी नाम हटाना और पात्र नागरिकों का नाम जोड़ना है।
पंजाब सीएम भगवंत मान ने एसआईआर पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 16 मई को कहा कि AAP एसआईआर प्रक्रिया में एक भी वैध वोट रद्द नहीं होने देगी। उन्होंने AAP कार्यकर्ताओं को हर बूथ पर BLO के साथ तैनात रखने की बात कही और चुनाव आयोग से पारदर्शी प्रक्रिया की माँग की।
क्या अन्य राज्यों में एसआईआर को लेकर विवाद है?
हाँ, कई राज्यों से लाखों वास्तविक मतों को हटाए जाने और सत्यापन प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। मुख्यमंत्री मान ने इन्हीं शिकायतों का संदर्भ देते हुए पंजाब में ऐसी स्थिति न आने देने का संकल्प जताया।
AAP एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी कैसे करेगी?
मुख्यमंत्री मान के अनुसार AAP के नेता और कार्यकर्ता बूथ-स्तरीय अधिकारियों (BLO) के साथ राज्य के प्रत्येक मतदान केंद्र पर तैनात रहेंगे। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी पूरी प्रक्रिया में शामिल रखने की बात कही गई है।
चुनाव आयोग से मुख्यमंत्री की क्या माँग है?
भगवंत मान ने चुनाव आयोग से माँग की है कि एसआईआर प्रक्रिया पूर्ण ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता से संचालित हो। उन्होंने यह भी कहा कि जनता और राजनीतिक दलों की आपत्तियों का बिना देरी के समाधान किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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