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पूर्वी भारत के विकास से भारत का विकास होगा: मयूरभंज में PM मोदी, ₹47,000 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण

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पूर्वी भारत के विकास से भारत का विकास होगा: मयूरभंज में PM मोदी, ₹47,000 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण

सारांश

मयूरभंज में PM मोदी का संदेश साफ था — पूर्वी भारत अब पिछड़ेपन का नहीं, प्रगति का प्रतीक है। ओडिशा भाजपा सरकार की दूसरी वर्षगाँठ पर ₹47,000 करोड़ की परियोजनाएँ, पहाड़पुर सोलर विलेज की घोषणा और 2036-2047 के दोहरे लक्ष्य — यह 'पूर्वोदय' को ज़मीन पर उतारने की कोशिश है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 20 जून को मयूरभंज, ओडिशा में ओडिशा भाजपा सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनसभा को संबोधित किया।
कार्यक्रम में ₹47,000 करोड़ की बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया।
पहाड़पुर गाँव को सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा — हर घर को सोलर पावर और अतिरिक्त बिजली से कमाई का अवसर।
मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएँ दीं और पंडित रघुनाथ मुर्मू की 'ओल चिकी' लिपि के योगदान को याद किया।
केंद्र सरकार की पूर्वोदय नीति के तहत पूर्वी भारत को 'प्रगति का प्रवेश द्वार' बताया गया।
2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष और 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष को साझा राष्ट्रीय लक्ष्य बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून 2026 को ओडिशा के मयूरभंज में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का स्पष्ट विजन है — पूर्वी भारत के विकास से भारत का विकास। यह कार्यक्रम ओडिशा में भाजपा सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर राज्य से जुड़ी ₹47,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।

पूर्वोदय नीति और पूर्वी भारत की नई पहचान

मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोदय नीति पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा, 'जिस पूर्वी भारत को कांग्रेस के दौर में पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया गया था, आज वह प्रगति का प्रवेश द्वार बन रहा है।' उनके अनुसार ओडिशा इस बदलाव का सबसे सशक्त साक्षी है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वी राज्यों में अवसंरचना और निवेश को लेकर राष्ट्रीय विमर्श तेज़ हो रहा है।

₹47,000 करोड़ की परियोजनाएँ: बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा

कार्यक्रम में बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, रेलवे और शिक्षा से जुड़ी अनेक परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया, जिन पर कुल लगभग ₹47,000 करोड़ व्यय किए जाएँगे। मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं से ओडिशा के आम नागरिकों के जीवन में सीधा और ठोस बदलाव आएगा। गौरतलब है कि यह निवेश ओडिशा के इतिहास में एकल आयोजन में घोषित सबसे बड़े विकास पैकेजों में से एक है।

पहाड़पुर बनेगा 'सोलर विलेज': मुफ्त बिजली और अतिरिक्त आय का रास्ता

प्रधानमंत्री ने पहाड़पुर गाँव को सोलर विलेज के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस गाँव के हर घर तक सोलर पावर पहुँचाई जाएगी, जिससे ग्रामीणों को मुफ्त बिजली मिलेगी और अतिरिक्त उत्पादित बिजली उनकी कमाई का ज़रिया बनेगी। मोदी ने इसकी तुलना कोणार्क सूर्य मंदिर की ऐतिहासिक पहचान से करते हुए कहा कि जिस तरह कोणार्क सूर्य का प्रतीक है, उसी तरह पहाड़पुर सौर ऊर्जा की नई पहचान बनेगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की बधाई, संथाली भाषा को सम्मान

मोदी ने इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा, 'मयूरभंज की धरती पर पली-बढ़ी माननीय राष्ट्रपति आज हमारे बीच उपस्थित हैं — यह हम सबके लिए गौरव की बात है।' मोदी ने पंडित रघुनाथ मुर्मू को भी याद किया, जिन्होंने संथाली भाषा के लिए 'ओल चिकी' लिपि विकसित की थी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने संथाली भाषा में भारत का संविधान प्रस्तुत किया है और ओडिशा की विभूतियों को पद्म सम्मान से नवाज़ा है।

2036 और 2047: ओडिशा और भारत का साझा लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने भविष्य के दो ऐतिहासिक पड़ावों का उल्लेख किया — 2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष और 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष। उन्होंने कहा कि ओडिशा और देश का लक्ष्य एक ही दिशा में है — 'ओडिशा की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो भारत मजबूत होगा।' उन्होंने 'डबल इंजन सरकार' की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया और ओडिशा को विकास की बुलंदियों पर पहुँचाने का आह्वान किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन की गति अब भी सवालों के घेरे में है। ₹47,000 करोड़ का यह पैकेज प्रभावशाली दिखता है, पर असली परीक्षा यह है कि इन परियोजनाओं की समयसीमा और जवाबदेही तंत्र क्या है। पहाड़पुर सोलर विलेज जैसी घोषणाएँ प्रतीकात्मक रूप से सशक्त हैं, लेकिन ओडिशा के आदिवासी बहुल ज़िलों में ऊर्जा और रोज़गार की खाई पाटने के लिए दीर्घकालिक नीतिगत प्रतिबद्धता ज़रूरी है। 2036 और 2047 के लक्ष्य राजनीतिक दृष्टि से प्रेरक हैं, पर इनकी विश्वसनीयता मध्यावधि मील के पत्थरों और पारदर्शी निगरानी पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने मयूरभंज में कौन-सी प्रमुख घोषणाएँ कीं?
PM मोदी ने मयूरभंज में ओडिशा के विकास से जुड़ी लगभग ₹47,000 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनमें बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा शामिल हैं। साथ ही पहाड़पुर गाँव को सोलर विलेज बनाने की घोषणा भी की गई।
पूर्वोदय नीति क्या है और इसका ओडिशा से क्या संबंध है?
पूर्वोदय केंद्र सरकार की वह नीति है जिसके तहत पूर्वी भारत — ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश — के विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया गया है। मोदी के अनुसार, पूर्वी भारत का विकास ही भारत के समग्र विकास की कुंजी है।
पहाड़पुर सोलर विलेज योजना से ग्रामीणों को क्या फायदा होगा?
पहाड़पुर गाँव के हर घर तक सोलर पावर पहुँचाई जाएगी, जिससे ग्रामीणों को मुफ्त बिजली मिलेगी। अतिरिक्त उत्पादित बिजली को बेचकर ग्रामीण अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे।
ओडिशा भाजपा सरकार के 2 साल पूरे होने पर क्या विशेष आयोजन हुआ?
ओडिशा में भाजपा सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मयूरभंज में एक बड़ा जनसमारोह आयोजित किया गया, जिसमें PM मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उपस्थित रहीं। इस दौरान ₹47,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।
2036 और 2047 के लक्ष्यों का ओडिशा से क्या संबंध है?
2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे और 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष। PM मोदी ने इन दोनों पड़ावों को ओडिशा और भारत के साझा विकास लक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि ओडिशा की मज़बूत अर्थव्यवस्था ही भारत को मज़बूत बनाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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