पूर्वी भारत के विकास से भारत का विकास होगा: मयूरभंज में PM मोदी, ₹47,000 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून 2026 को ओडिशा के मयूरभंज में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का स्पष्ट विजन है — पूर्वी भारत के विकास से भारत का विकास। यह कार्यक्रम ओडिशा में भाजपा सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर राज्य से जुड़ी ₹47,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
पूर्वोदय नीति और पूर्वी भारत की नई पहचान
मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोदय नीति पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा, 'जिस पूर्वी भारत को कांग्रेस के दौर में पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया गया था, आज वह प्रगति का प्रवेश द्वार बन रहा है।' उनके अनुसार ओडिशा इस बदलाव का सबसे सशक्त साक्षी है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वी राज्यों में अवसंरचना और निवेश को लेकर राष्ट्रीय विमर्श तेज़ हो रहा है।
₹47,000 करोड़ की परियोजनाएँ: बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा
कार्यक्रम में बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, रेलवे और शिक्षा से जुड़ी अनेक परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया, जिन पर कुल लगभग ₹47,000 करोड़ व्यय किए जाएँगे। मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं से ओडिशा के आम नागरिकों के जीवन में सीधा और ठोस बदलाव आएगा। गौरतलब है कि यह निवेश ओडिशा के इतिहास में एकल आयोजन में घोषित सबसे बड़े विकास पैकेजों में से एक है।
पहाड़पुर बनेगा 'सोलर विलेज': मुफ्त बिजली और अतिरिक्त आय का रास्ता
प्रधानमंत्री ने पहाड़पुर गाँव को सोलर विलेज के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस गाँव के हर घर तक सोलर पावर पहुँचाई जाएगी, जिससे ग्रामीणों को मुफ्त बिजली मिलेगी और अतिरिक्त उत्पादित बिजली उनकी कमाई का ज़रिया बनेगी। मोदी ने इसकी तुलना कोणार्क सूर्य मंदिर की ऐतिहासिक पहचान से करते हुए कहा कि जिस तरह कोणार्क सूर्य का प्रतीक है, उसी तरह पहाड़पुर सौर ऊर्जा की नई पहचान बनेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की बधाई, संथाली भाषा को सम्मान
मोदी ने इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा, 'मयूरभंज की धरती पर पली-बढ़ी माननीय राष्ट्रपति आज हमारे बीच उपस्थित हैं — यह हम सबके लिए गौरव की बात है।' मोदी ने पंडित रघुनाथ मुर्मू को भी याद किया, जिन्होंने संथाली भाषा के लिए 'ओल चिकी' लिपि विकसित की थी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने संथाली भाषा में भारत का संविधान प्रस्तुत किया है और ओडिशा की विभूतियों को पद्म सम्मान से नवाज़ा है।
2036 और 2047: ओडिशा और भारत का साझा लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने भविष्य के दो ऐतिहासिक पड़ावों का उल्लेख किया — 2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष और 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष। उन्होंने कहा कि ओडिशा और देश का लक्ष्य एक ही दिशा में है — 'ओडिशा की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो भारत मजबूत होगा।' उन्होंने 'डबल इंजन सरकार' की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया और ओडिशा को विकास की बुलंदियों पर पहुँचाने का आह्वान किया।