हैदराबाद में गणेश विसर्जन जुलूस में अजगर से नृत्य, वन्यजीव कानून उल्लंघन पर मामला दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के जवाहर नगर में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान एक भारतीय रॉक अजगर को नृत्य प्रदर्शन में इस्तेमाल करने पर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के उल्लंघन में मामला दर्ज किया गया है। ग्रेटर हैदराबाद सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (GHSPCA) और पुलिस ने रविवार रात संयुक्त अभियान में उस अजगर और एक मुर्गी को बचाया।
मुख्य घटनाक्रम
विशाखापत्तनम के एक नृत्य समूह की एक महिला सदस्य ने गले में जीवित अजगर लपेटकर जवाहर नगर में गणेश विसर्जन जुलूस में प्रदर्शन किया, जिससे सनसनी फैल गई। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की शिकायत पर मधुरा नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के साथ मिलकर GHSPCA ने बचाव अभियान चलाया।
GHSPCA के अनुसार, संगठन के स्वयंसेवक इस समूह पर लगभग पाँच दिनों से नज़र रख रहे थे, जब उन्हें सूचना मिली थी कि सार्वजनिक प्रदर्शनों में एक जीवित सांप का इस्तेमाल हो रहा है। 19 सितंबर 2026 को यही समूह कोंडापुर में भी प्रदर्शन कर चुका था।
अजगर की स्वास्थ्य स्थिति
GHSPCA के मुताबिक बचाए गए अजगर के मुंह में संक्रमण पाया गया है। फिलहाल उसका एक पशु चिकित्सक द्वारा उपचार किया जा रहा है। यह अजगर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत संरक्षित प्रजाति की श्रेणी में आता है, जिसे सार्वजनिक प्रदर्शन या किसी भी व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है।
समूह का विवरण और जाँच
महिलाओं सहित यह नृत्य समूह गणेश चतुर्थी उत्सव के दौरान हैदराबाद के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन कर रहा था। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।
पिछली घटनाएँ और GHSPCA का अभियान
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब GHSPCA ने हैदराबाद में ऐसे बचाव अभियान चलाए हों। पिछले वर्ष संगठन ने आदिबतला पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत सुरमगुट्टा स्थित श्री येल्लम्मा थाली देवालयम में पिंजरों में बंद आठ कोबरा सपेरों से बचाए थे। GHSPCA के स्वयंसेवक नाग पंचमी के दौरान भी सांपों को बचाने के लिए सक्रिय रहते हैं और आम लोगों से अपील करते हैं कि सपेरा दिखने पर तुरंत संगठन को सूचित करें।
आगे क्या होगा
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस विशाखापत्तनम के इस नृत्य समूह के अन्य सदस्यों की पहचान कर रही है। वन विभाग और GHSPCA मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश में हैं कि बचाया गया अजगर स्वस्थ होने के बाद उसके प्राकृतिक आवास में पुनः छोड़ा जाए।