राघव चड्ढा ने PM मोदी को भेंट की गणेश मूर्ति, एक्स पर लिखा — 'हमेशा याद रहेगी यह सुबह'
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 8 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें भगवान गणेश की मूर्ति उपहार में दी। इस मुलाकात की तस्वीर चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की, जिसमें वे PM मोदी को मूर्ति भेंट करते दिखाई दे रहे हैं।
मुलाकात और एक्स पोस्ट
एक्स पर साझा की गई पोस्ट में राघव चड्ढा ने लिखा, 'एक सुबह जो हमेशा याद रहेगी। PM मोदी से मिलने का सौभाग्य मिला। विस्तृत और समृद्ध बातचीत हुई। उनके बहुमूल्य समय और मार्गदर्शन से सीखने का अवसर देने के लिए हृदय से आभारी हूँ।' चड्ढा ने इस भेंट को अपने संसदीय कार्यकाल का यादगार क्षण बताया।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब राघव चड्ढा संसद में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े एक अहम मुद्दे पर सक्रिय रूप से आवाज़ उठा रहे हैं।
संसद में 'कट मनी' पर उठाई थी आवाज़
इससे ठीक दो दिन पहले, 6 अगस्त को राज्यसभा के शून्यकाल के दौरान राघव चड्ढा ने कुछ डॉक्टरों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के बीच प्रचलित 'कट मनी' या रेफरल कमीशन की व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि इस अनौपचारिक तंत्र का पूरा आर्थिक बोझ अंततः मरीज़ों पर ही पड़ता है।
चड्ढा ने सदन में कहा था, 'मरीज़ का इलाज करने के लिए नहीं, बल्कि उसे रेफर करने के लिए डॉक्टर को ₹3,000 तक दिए जाते हैं। इसके लिए तय कमीशन रेट, एजेंट और समानांतर इंसेंटिव इकोनॉमी काम कर रही है।'
डायग्नोस्टिक सेंटरों पर आरोप
राघव चड्ढा ने आरोप लगाया था कि डायग्नोस्टिक सेंटर अपने खातों में इन भुगतानों को 'मार्केटिंग एक्सपेंस' के रूप में दर्ज करते हैं, जबकि डॉक्टर इसे 'रेफरल कमीशन' बताते हैं। गौरतलब है कि इन दोनों पक्षों के बीच होने वाले इस लेन-देन की पूरी कीमत मरीज़ के अंतिम बिल में जोड़ दी जाती है।
यह ऐसे समय में उठाया गया मुद्दा है जब देशभर में निजी स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत को लेकर आम जनता में असंतोष बढ़ रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता की माँग लगातार तेज़ होती जा रही है।
आम जनता पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि रेफरल कमीशन की यह व्यवस्था न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को महँगा बनाती है, बल्कि डॉक्टर-मरीज़ के बीच विश्वास को भी कमज़ोर करती है। जब मरीज़ को अनावश्यक जाँचों के लिए भेजा जाता है, तो उसकी जेब पर सीधा असर पड़ता है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मुद्दे पर कोई नीतिगत कदम उठाती है या नहीं, और क्या PM मोदी के साथ हुई 'विस्तृत बातचीत' में यह विषय भी शामिल था।