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राहुल गांधी को जनता ने बार-बार नकारा: असम के नवनिर्वाचित भाजपा विधायक भूपेन कुमार बोरा

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राहुल गांधी को जनता ने बार-बार नकारा: असम के नवनिर्वाचित भाजपा विधायक भूपेन कुमार बोरा

सारांश

असम प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष से भाजपा विधायक बने भूपेन कुमार बोरा ने राहुल गांधी को जनता द्वारा 'बार-बार नकारे गए' नेता करार दिया। बिहपुरिया से जीत के बाद दिया यह बयान असम में भाजपा की मजबूत होती स्थिति और कांग्रेस के संगठनात्मक संकट दोनों को एक साथ उजागर करता है।

मुख्य बातें

भूपेन कुमार बोरा ने 22 मई को गुवाहाटी में कहा कि भारत की जनता ने राहुल गांधी के नेतृत्व को बार-बार अस्वीकार किया है।
बोरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटना जनता के विश्वास का प्रमाण बताया।
बोरा असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के पूर्व अध्यक्ष थे, जिन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा जॉइन की।
भाजपा ने उन्हें बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया, जहाँ उन्होंने जीत दर्ज की।
NDA ने असम विधानसभा चुनाव में निर्णायक जनादेश हासिल किया; हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हुआ।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए असम के नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक भूपेन कुमार बोरा ने 22 मई को गुवाहाटी में पत्रकारों से कहा कि भारत की जनता ने राहुल गांधी के नेतृत्व को बार-बार अस्वीकार किया है। बोरा ने दावा किया कि कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की जा रही टिप्पणियों से अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता और घटाते जा रहे हैं।

मुख्य आरोप और बयान

बोरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से देश के प्रधानमंत्री पद की आकांक्षा रखते थे, किंतु भारत की जनता ने उन्हें इस भूमिका के लिए उपयुक्त नहीं समझा। उनके अनुसार, 'राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनना चाहते थे, लेकिन देश की जनता उन्हें इस पद पर नहीं चाहती।'

भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटना जनता के उनके नेतृत्व में अटूट विश्वास का प्रमाण है। उनके शब्दों में, 'नरेंद्र मोदी तीन बार इसलिए प्रधानमंत्री बने क्योंकि देश की जनता उन्हें भारत का नेतृत्व करते देखना चाहती थी।'

राहुल गांधी की भाषा पर आपत्ति

बोरा ने राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री के विरुद्ध कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए लहजे और शब्दों की भी आलोचना की। उनका कहना था कि इस तरह की भाषा कांग्रेस नेता की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुँचा रही है और उन्हें जनता के बीच 'और भी कम स्वीकार्य' बना रही है।

भूपेन बोरा का राजनीतिक सफर

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के पूर्व अध्यक्ष रहे बोरा ने हाल ही में संपन्न असम विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। इस दलबदल ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा बटोरी थी। भाजपा ने उन्हें बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया, जहाँ उन्होंने जीत दर्ज की।

यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने असम विधानसभा चुनाव में निर्णायक जनादेश हासिल किया, जिससे मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि बोरा का कांग्रेस से भाजपा में आना असम में कांग्रेस के कमजोर होते जनाधार की बड़ी तस्वीर का हिस्सा है। आलोचकों का कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का इस तरह पाला बदलना कांग्रेस के संगठनात्मक संकट को और गहरा करता है। वहीं, भाजपा इस घटनाक्रम को अपनी बढ़ती स्वीकार्यता के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

आने वाले दिनों में देखना होगा कि राहुल गांधी और कांग्रेस इन हमलों का किस तरह जवाब देते हैं और असम में विपक्ष की भूमिका किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नहीं पूछती कि जो नेता खुद पाला बदल चुके हैं, उनकी विश्वसनीयता इस बहस में कितनी है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूपेन कुमार बोरा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
भूपेन कुमार बोरा ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा रखते थे, लेकिन भारत की जनता ने उनके नेतृत्व को बार-बार नकारा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध इस्तेमाल की जाने वाली भाषा राहुल गांधी की जन-स्वीकार्यता को और कम कर रही है।
भूपेन कुमार बोरा कौन हैं और उन्होंने भाजपा क्यों जॉइन की?
भूपेन कुमार बोरा असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के पूर्व अध्यक्ष हैं, जिन्होंने असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया। उनके इस कदम ने राज्य की राजनीति में व्यापक चर्चा बटोरी थी।
भूपेन बोरा किस सीट से जीते हैं?
भाजपा ने भूपेन कुमार बोरा को बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया, जहाँ उन्होंने असम विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। वे अब नवनिर्वाचित भाजपा विधायक के रूप में सक्रिय हैं।
असम विधानसभा चुनाव में किसकी जीत हुई?
भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने असम विधानसभा चुनाव में निर्णायक जनादेश हासिल किया। इसके बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हुआ।
क्या राहुल गांधी ने भूपेन बोरा के बयान पर कोई प्रतिक्रिया दी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से भूपेन बोरा के इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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