10 अक्टूबर 2026
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जयपुर में सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई, 24 हिरासत में; राजस्थान से 12 ट्रेनें रद्द

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जयपुर में सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई, 24 हिरासत में; राजस्थान से 12 ट्रेनें रद्द

सारांश

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन से पहले राजस्थान पुलिस ने जयपुर में 24 लोगों को हिरासत में लिया और सीकर-अलवर में भी कार्रवाई के आरोप सामने आए। पुलिस ने मारपीट के दावों को नकारा, जबकि सीजेपी नेताओं ने दबाव और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया। राजस्थान से 12 ट्रेनें रद्द।

मुख्य बातें

जयपुर में 10 अक्टूबर 2026 को सीजेपी प्रदर्शन से पहले पुलिस ने 24 लोगों को हिरासत में लिया।
सीकर और अलवर में भी एहतियाती कार्रवाई के आरोप, पुलिस ने मारपीट के दावों से इनकार किया।
सीजेपी सह-प्रभारी दीपक बलियान ने दावा किया कि उन पर दबाव बनाया गया और मोबाइल जब्त किया गया; पुलिस ने आरोप खारिज किए।
रेलवे ने नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन के पास यातायात बाधा की आशंका से राजस्थान की 12 ट्रेनें रद्द कीं।
दो ट्रेनों को पाँच-पाँच घंटे की देरी से चलाने का निर्णय; साबरमती, उदयपुर, श्रीगंगानगर मार्ग प्रभावित।
BNSS धारा 163 दिल्ली में लागू होने का हवाला देते हुए पुलिस ने कार्रवाई को उचित बताया।

राजस्थान पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में होने वाले सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे लोगों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई करते हुए जयपुर में कम से कम 24 लोगों को हिरासत में लिया। सीकर और अलवर जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई के आरोप सामने आए हैं। इसके साथ ही, दिल्ली में संभावित यातायात अवरोध की आशंका के चलते रेलवे ने राजस्थान से संचालित होने वाली 12 ट्रेनें रद्द कर दीं और दो ट्रेनों को पाँच-पाँच घंटे की देरी से चलाने का निर्णय लिया।

जयपुर में हिरासत का ब्यौरा

जयपुर में शुक्रवार रात तक पुलिस ने विभिन्न जिलों में बँटकर कार्रवाई की। पूर्वी जिले की पुलिस ने 8, उत्तरी जिले की पुलिस ने 1 और दक्षिणी जिले की पुलिस ने 8 लोगों को पाबंद किया। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से की गई।

यह ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू थी, जो बड़े जमावड़े पर प्रतिबंध लगाती है।

सीकर और अलवर में आरोप

सीकर जिले में अधिवक्ता सुरेंद्र, जिन्हें संजू वर्मा के नाम से भी जाना जाता है, को कथित तौर पर शुक्रवार को रींगस स्थित उनके आवास से उस समय हिरासत में लिया गया जब वह दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे।

सीजेपी के संगठनात्मक सह-प्रभारी दीपक बलियान ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उन्हें गुरुवार देर रात मंखेड़ा गाँव स्थित उनके घर से ले गए और गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में पहुँचाया। बलियान ने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल न होने के लिए उन पर दबाव बनाया गया, उनके साथ धक्का-मुक्की हुई और उनका मोबाइल फोन भी ले लिया गया।

पार्टी के सह-प्रभारी आशुतोष रांका ने भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उन्हें जबरन अपने साथ ले गए और उनके साथ मारपीट की।

पुलिस का पक्ष

कठूमर थाना प्रभारी चंद्रशेखर शर्मा ने मारपीट और जबरन हिरासत के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में BNSS धारा 163 लागू होने के संबंध में समझाने के लिए बलियान को ले जाया गया था और उन्हें रात करीब दो बजे उनके घर वापस छोड़ दिया गया। पुलिस ने औपचारिक हिरासत और मारपीट दोनों आरोपों से स्पष्ट इनकार किया है।

गौरतलब है कि दोनों पक्षों के बीच तथ्यों को लेकर विरोधाभास बना हुआ है और स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है।

रेल सेवाओं पर असर

प्रदर्शन से पहले रेलवे ने नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के आसपास भारी यातायात और संभावित सड़क अवरोधों की आशंका को देखते हुए राजस्थान से संचालित होने वाली 12 ट्रेनें रद्द कर दीं। दो अन्य ट्रेनों को पाँच-पाँच घंटे की देरी से चलाने का निर्णय लिया गया।

इन बदलावों का असर साबरमती, उदयपुर, श्रीगंगानगर और दिल्ली मार्गों पर चलने वाली ट्रेनों पर पड़ा है। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों का नवीनतम समय और परिचालन संबंधी जानकारी अवश्य जाँच लें।

आगे की स्थिति

सीजेपी का प्रदर्शन 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में निर्धारित था। राजस्थान के कई जिलों में पुलिस की एहतियाती कार्रवाई और ट्रेन रद्दीकरण से स्पष्ट है कि प्रशासन ने बड़े पैमाने पर तैयारी की थी। प्रभावित यात्री और प्रदर्शनकारी दोनों पक्ष इस घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और सीजेपी नेता 'जबरदस्ती और मारपीट' का दावा कर रहे हैं — लेकिन स्वतंत्र सत्यापन का अभाव चिंताजनक है। ट्रेन रद्दीकरण का असर उन आम यात्रियों पर भी पड़ा जिनका प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं था, जो सार्वजनिक असुविधा के दायरे को और व्यापक करता है। यह घटनाक्रम नागरिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक सतर्कता के बीच की बारीक रेखा पर एक बार फिर बहस को जन्म देता है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी का दिल्ली प्रदर्शन क्या था और यह कब हुआ?
सीजेपी (CJP) का प्रदर्शन 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में निर्धारित था। इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राजस्थान के विभिन्न जिलों से लोग दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे, जिसके मद्देनजर पुलिस ने एहतियाती कार्रवाई की।
जयपुर में कितने लोगों को हिरासत में लिया गया और किन इलाकों में कार्रवाई हुई?
जयपुर में कुल 24 लोगों को हिरासत में लिया गया — पूर्वी जिले में 8, उत्तरी जिले में 1 और दक्षिणी जिले में 8। इसके अलावा सीकर और अलवर जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई के आरोप सामने आए हैं।
सीजेपी नेताओं ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए और पुलिस का क्या जवाब रहा?
सीजेपी सह-प्रभारी दीपक बलियान ने दावा किया कि पुलिस उन्हें रात को जबरन ले गई, दबाव बनाया और मोबाइल जब्त किया। सह-प्रभारी आशुतोष रांका ने मारपीट का आरोप लगाया। हालाँकि, कठूमर थाना प्रभारी चंद्रशेखर शर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बलियान को केवल BNSS धारा 163 के बारे में समझाने के लिए ले जाया गया और रात करीब दो बजे घर छोड़ दिया गया।
राजस्थान से कौन-सी ट्रेनें रद्द की गईं और किन मार्गों पर असर पड़ा?
रेलवे ने दिल्ली के नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों के पास यातायात बाधा की आशंका से राजस्थान से 12 ट्रेनें रद्द कीं और दो ट्रेनों को पाँच-पाँच घंटे की देरी से चलाने का निर्णय लिया। साबरमती, उदयपुर, श्रीगंगानगर और दिल्ली मार्ग पर चलने वाली ट्रेनें इससे प्रभावित हुईं।
BNSS धारा 163 क्या है और इसे दिल्ली में क्यों लागू किया गया?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 बड़े जमावड़े और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रावधान करती है। दिल्ली में सीजेपी के बड़े प्रदर्शन के मद्देनजर इसे लागू किया गया था, जिसे पुलिस ने राजस्थान में की गई कार्रवाई का आधार बताया।
राष्ट्र प्रेस
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