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महंगाई-बेरोजगारी पर सरकार का ध्यान नहीं — राजद विधायक भाई वीरेंद्र का मोदी सरकार पर हमला

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महंगाई-बेरोजगारी पर सरकार का ध्यान नहीं — राजद विधायक भाई वीरेंद्र का मोदी सरकार पर हमला

सारांश

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने मोदी के 25 वर्षीय जश्न को उपलब्धियों का खोखला प्रचार बताया और महंगाई-बेरोजगारी पर सरकार की चुप्पी को कठघरे में खड़ा किया। 8 अक्टूबर को तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राज्यपाल भवन तक मार्च और 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन — विपक्ष का दबाव बढ़ता दिख रहा है।

मुख्य बातें

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने 7 अक्टूबर 2026 को पटना में मोदी सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और अपराध से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री मोदी के 'दुश्मन को घर में घुसकर मारा' वाले बयान पर कहा — आज़ादी की लड़ाई में सभी धर्मों ने कुर्बानी दी, सरकार हिंदू-मुस्लिम में उलझी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 8 अक्टूबर को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राज्यपाल भवन तक ऑल-पार्टी पैदल मार्च।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर एफआईआर को विपक्ष को डराने की कोशिश बताया; पंजाब CM भगवंत मान के ओएसडी पर सीबीआई कार्रवाई को संवैधानिक संस्था का राजनीतिक दुरुपयोग करार दिया।
युवाओं से 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन में जुड़ने की अपील।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने 7 अक्टूबर 2026 को पटना में प्रेस के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोहों की तीखी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी उपलब्धियों का बखान तो कर रही है, लेकिन महंगाई, बेरोजगारी और अपराध जैसे ज़मीनी मुद्दों पर उसका ध्यान नहीं है।

मोदी के बयान पर पलटवार

प्रधानमंत्री मोदी के 'दुश्मन को घर में घुसकर मारा' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि देश की आज़ादी की लड़ाई में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई — सभी समुदायों के लोगों ने कुर्बानी दी है। उनके अनुसार, सरकार का ध्यान हिंदू-मुसलमान के मुद्दों पर ज़्यादा रहता है, जबकि देश की असली समस्याएँ महंगाई और बेरोजगारी हैं। उन्होंने कहा कि अपराध बढ़ रहा है और इन विषयों पर सरकार को प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देना चाहिए।

25 वर्षीय कार्यक्रमों पर सवाल

भाई वीरेंद्र ने प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन के जश्न पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेश यात्राओं को तो उपलब्धि बता रही है, लेकिन बेरोजगारों को रोज़गार देने और महंगाई नियंत्रित करने की दिशा में अपेक्षित काम नहीं हुआ। उनके अनुसार, जनता की कमाई का इस्तेमाल सही ढंग से नहीं हो रहा और बेरोजगारी चरम पर है।

मुख्य चुनाव आयुक्त और ऑल-पार्टी मार्च

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 8 अक्टूबर को प्रस्तावित ऑल-पार्टी मार्च पर राजद विधायक ने कहा कि सरकार चाहे जितनी एफआईआर करे, वे डरने वाले नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के विधायक, सांसद और संगठन के पदाधिकारी राज्यपाल भवन तक पैदल मार्च में शामिल होंगे। भाई वीरेंद्र ने माँग की कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

राहुल गांधी पर एफआईआर और विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि सरकार को विपक्षी नेताओं को डराने के बजाय जनता के मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। गिरिराज सिंह की टिप्पणियों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भविष्य में सरकार बदलने पर यह आकलन किया जाएगा कि किसने क्या किया और किस पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आज़ादी के आंदोलन और आपातकाल के विरोध का उदाहरण देते हुए कहा कि दमन से आंदोलन नहीं रुकते।

सीबीआई कार्रवाई और युवाओं से अपील

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई पर भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों में जासूसी करने वाले लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है और इसके ज़रिए राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाया जाता है। 10 अक्टूबर से जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन के संदर्भ में उन्होंने युवाओं से — चाहे वे किसी भी दल या धर्म से जुड़े हों — आगे आने और देश के भविष्य के लिए आवाज़ उठाने की अपील की। आने वाले दिनों में विपक्षी एकता और सड़क पर दबाव की यह रणनीति बिहार की राजनीति की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि खुद महागठबंधन शासित राज्यों का रिकॉर्ड भी जाँच के घेरे में आता है। ज्ञानेश कुमार पर ऑल-पार्टी मार्च चुनाव आयोग की स्वायत्तता के सवाल को केंद्र में ले आया है, जो आने वाले बिहार के राजनीतिक समीकरणों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। सीबीआई के 'राजनीतिक हथियार' वाले आरोप पुराने हैं, पर हर बार जब नई सरकार पर ये लगते हैं, तो संस्थागत विश्वसनीयता का सवाल और गहरा होता जाता है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने मोदी सरकार पर क्या आरोप लगाए?
भाई वीरेंद्र ने 7 अक्टूबर 2026 को पटना में कहा कि सरकार अपनी उपलब्धियाँ गिनाने में व्यस्त है, लेकिन महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते अपराध पर उसका ध्यान नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विदेश यात्राओं के अलावा सरकार ने रोज़गार और महंगाई नियंत्रण पर अपेक्षित काम नहीं किया।
8 अक्टूबर का ऑल-पार्टी मार्च किसके खिलाफ और क्यों है?
यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राज्यपाल भवन तक पैदल निकाला जाएगा। महागठबंधन के विधायक, सांसद और संगठन के पदाधिकारी इसमें शामिल होंगे। भाई वीरेंद्र ने माँग की है कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर एफआईआर पर राजद का क्या रुख है?
भाई वीरेंद्र ने इसे विपक्ष को डराने की कोशिश बताया और कहा कि कानूनी कार्रवाई से वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि आज़ादी के आंदोलन में भी लोगों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन आंदोलन रुका नहीं।
पंजाब CM भगवंत मान के ओएसडी पर सीबीआई कार्रवाई पर भाई वीरेंद्र का क्या कहना है?
उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई जैसी संवैधानिक संस्था का राजनीतिक दुरुपयोग हो रहा है। उनके अनुसार, विपक्षी दलों के भीतर जासूसों को संरक्षण दिया जाता है और इसके ज़रिए राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को फँसाया जाता है।
जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर का प्रदर्शन क्या है?
सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) की ओर से 10 अक्टूबर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन प्रस्तावित है। भाई वीरेंद्र ने युवाओं से — चाहे वे किसी भी दल या धर्म से जुड़े हों — इसमें शामिल होकर महंगाई, बेरोजगारी और अपराध के मुद्दों पर सरकार पर दबाव बनाने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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