राजकोट नगर निगम ने ड्रोन और AI से खोजे मच्छर पनपने के 4,731 ठिकाने, 59 वर्ग किमी में चला अभियान
सारांश
मुख्य बातें
राजकोट नगर निगम (RMC) ने डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए ड्रोन-आधारित सर्वेक्षण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की निगरानी प्रणाली का उपयोग कर 59.39 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में मच्छरों के पनपने की 4,731 संभावित जगहों की पहचान की है। नगर निगम द्वारा 25 सितंबर 2026 को जारी आँकड़ों के अनुसार यह अभियान शहर के उच्च जोखिम वाले वार्डों में सक्रिय रूप से चल रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
नगर निगम के आँकड़ों के अनुसार, पहचानी गई 4,731 जगहों में से 1,340 स्थानों पर फील्ड स्टाफ ने कीटनाशक का छिड़काव कर मच्छरों के प्रजनन-स्रोतों को नष्ट किया है। ड्रोन ने कुल 40 घंटे और 9 मिनट तक कीटनाशक का हवाई छिड़काव किया। यह सर्वेक्षण राजकोट के कुल 161.85 वर्ग किलोमीटर नगर-क्षेत्र के 59.39 वर्ग किलोमीटर हिस्से में अब तक पूरा हो चुका है।
तकनीक का उपयोग और कार्यपद्धति
ड्रोन ऑपरेशन में नालियाँ, पानी जमा होने वाले गड्ढे, नदी-तल में बने जलाशय और अन्य दुर्गम स्थान शामिल किए गए — वे जगहें जहाँ पारंपरिक तरीके से छिड़काव कठिन या जोखिम भरा होता है। ड्रोन सर्वे से प्राप्त डेटा संबंधित वार्डों और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मियों को भेजा जा रहा है, जो जमीनी स्तर पर जाँच और उपचार करते हैं। गौरतलब है कि AI की मदद से उच्च जोखिम वाले वार्ड 11, 18, 3, 4 और 13 को प्राथमिकता दी गई है।
पारंपरिक उपाय भी जारी
ड्रोन अभियान के समानांतर, 17 से 23 सितंबर 2026 के बीच नगर निगम के फील्ड वर्करों, शहरी आशा कार्यकर्ताओं और एमपीएचडब्ल्यू ने 1,50,172 घरों में लार्वानाशक गतिविधियाँ चलाईं। 933 घरों में फॉगिंग की गई, जबकि अधिक मच्छर-प्रभावित क्षेत्रों में वाहन-माउंटेड फॉगिंग मशीनों का उपयोग किया गया। सार्वजनिक स्थलों, संवेदनशील सोसायटियों और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर विशेष छिड़काव अभियान चलाया गया।
निरीक्षण, नोटिस और जन-स्वास्थ्य निगरानी
स्वास्थ्य विभाग ने मच्छर-पनपने की जगहों की पहचान के लिए 409 गैर-आवासीय स्थानों का निरीक्षण किया, जिनमें कंस्ट्रक्शन साइट, स्कूल, अस्पताल, होटल, औद्योगिक इकाइयाँ, हॉस्टल, धार्मिक स्थल, पेट्रोल पंप और सरकारी दफ्तर शामिल थे। रिहायशी इलाकों में 312 लोगों और वाणिज्यिक क्षेत्रों में 92 लोगों को नोटिस जारी किए गए तथा लागू नियमों के तहत प्रशासनिक शुल्क भी वसूले गए।
इसी अवधि में जल-जनित बीमारियों की निगरानी के तहत लगभग 3,04,556 लोगों का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान 6,559 क्लोरीन टैबलेट और 743 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए, तथा 3,484 आरसी टेस्ट किए गए।
आम जनता से अपील
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों के अंदर और बाहर पानी जमा न होने दें, एडीज मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल कंटेनरों की नियमित जाँच करें और पीने के पानी को उबालकर या उचित तरीके से शुद्ध करके ही उपयोग करें। ड्रोन सर्वेक्षण के दौरान स्वास्थ्य टीमों को सहयोग देने का भी आग्रह किया गया है। आगामी हफ्तों में यह अभियान शेष 102.46 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में भी विस्तारित किया जाएगा।