राजकोट नगर निगम का हाईटेक डेंगू-मलेरिया अभियान: ड्रोन-AI से 10,333 मच्छर प्रजनन स्थल चिह्नित
सारांश
मुख्य बातें
राजकोट नगर निगम (RMC) ने 10 अक्टूबर 2026 को डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों पर काबू पाने के लिए एक उन्नत तकनीकी अभियान के तहत शहर के 95.27 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ड्रोन सर्वेक्षण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी के ज़रिए मच्छरों के प्रजनन के 10,333 संभावित स्थलों की पहचान की है। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह अभियान गुजरात के राजकोट शहर में मानसून के बाद संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए चलाया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
स्वास्थ्य विभाग के बयान के अनुसार, चिह्नित 10,333 स्थलों में से 5,605 स्थलों पर फील्ड स्टाफ द्वारा कीटनाशक छिड़काव या स्रोत-कमी के उपाय पहले ही किए जा चुके हैं। ड्रोन का उपयोग कीटनाशक छिड़काव के लिए कुल 149 घंटे तक किया गया। सर्वेक्षण में शहर के 161.85 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में से 10 नगर निगम वार्डों — वार्ड संख्या 3, 7, 13, 4, 5, 6, 18, 1, 11 और 12 — के कुछ हिस्सों को शामिल किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से उन स्थानों पर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान करना है जहाँ पारंपरिक छिड़काव विधियाँ कठिन या जोखिम भरी होती हैं। ड्रोन संचालन के दायरे में नदी तल के नाले, गड्ढे, तालाब, जलभराव वाले स्थान और अन्य संभावित प्रजनन स्थल शामिल हैं।
ज़मीनी अभियान का विस्तार
1 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच, फील्ड कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (MPHW) ने 1,03,359 घरों में मच्छरों के लार्वा को समाप्त करने के उपाय किए। 953 घरों में फॉगिंग अभियान चलाए गए, जबकि अधिक मच्छर घनत्व वाले क्षेत्रों में वाहन-आधारित फॉगिंग मशीनों का उपयोग किया गया।
इसी अवधि में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने 2,47,323 लोगों का सर्वेक्षण किया, 4,664 क्लोरीन की गोलियाँ और 889 ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) पैकेट वितरित किए, तथा 2,671 आरसी परीक्षण किए।
गैर-आवासीय परिसरों पर नज़र
स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के संभावित प्रजनन के लिए 303 गैर-आवासीय परिसरों का निरीक्षण किया है। इनमें निर्माण स्थल, स्कूल, अस्पताल, होटल, औद्योगिक इकाइयाँ, छात्रावास, वाणिज्यिक परिसर, स्क्रैप यार्ड, तहखाने, पार्टी प्लॉट, धार्मिक स्थल, पेट्रोल पंप और सरकारी कार्यालय शामिल हैं।
नियमों के उल्लंघन पर आवासीय क्षेत्रों में 260 और व्यावसायिक क्षेत्रों में 37 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए, तथा लागू नगरपालिका उपनियमों के तहत प्रशासनिक शुल्क भी वसूले गए।
नागरिकों से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने, घरों के अंदर और आसपास पानी जमा होने से रोकने और ड्रोन सर्वेक्षण टीमों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया है। विभाग ने पीने के पानी को उबालकर या ठीक से शुद्ध करके उपयोग करने की भी सलाह दी है।
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब मानसून के बाद गुजरात के कई शहरों में डेंगू और मलेरिया के मामले बढ़ने की चिंता रहती है। ड्रोन और AI तकनीक का यह प्रयोग नगरपालिका स्वास्थ्य प्रबंधन में एक नई दिशा का संकेत देता है।