राजनाथ सिंह के बांग्लादेश वाले बयान पर कांग्रेस का तीखा पलटवार, बोले — 'दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं'
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने विपक्ष के आंदोलन को बांग्लादेश से प्रेरित बताया — कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने 16 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कड़ी प्रतिक्रिया दी। विपक्षी नेताओं ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं।
प्रमोद तिवारी का बयान: 'दूसरी आजादी की लड़ाई'
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, 'कांग्रेस ऐसा कभी नहीं कहेगी। अगर किसी ने ऐसे विचार व्यक्त किए हैं, तो वे उस व्यक्ति के निजी विचार हो सकते हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस संविधान के अनुसार, लोकतांत्रिक तरीकों से सरकार में बदलाव चाहती है।
तिवारी ने आगे कहा, 'हम देश की दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं। यह व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। आजादी के बाद संविधान के ज़रिए हमें मताधिकार मिला था, जो आज चोरी से छीना जा रहा है।' उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग भी दोहराई।
विपक्ष की शांतिपूर्ण लड़ाई का जिक्र करते हुए तिवारी ने कहा कि विपक्ष 'लाठियाँ खाने और छर्रों के हमलों का सामना करने के बावजूद शांति बनाए हुए है।' उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर लगाई गई रोक को लोकतंत्र पर 'तानाशाही' करार दिया।
1975 का संदर्भ: 'अब 2026 की बात करें'
तिवारी ने रक्षा मंत्री को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'मैं उनसे कहना चाहता हूं कि 1975 की घटना के बाद से कई बार जनादेश मिल चुके हैं। कांग्रेस पार्टी ने संविधान के तहत लगाई गई इमरजेंसी पर अपना पक्ष रखा है और इस पर खेद भी जताया है।' उन्होंने 1975 या 2025 की बजाय 2026 के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
मनोज कुमार का हमला: 'भारत बांग्लादेश से भी पीछे'
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा, 'क्या इसका मतलब यह है कि हम चुप रहें और वोटों की चोरी होने दें?' उन्होंने NEET प्रश्न पत्र लीक का हवाला देते हुए कहा कि हेलीकॉप्टर से प्रश्न पत्र पहुँचाने की ज़िम्मेदारी रक्षा मंत्रालय की थी, फिर भी दिल्ली और पटना में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने दावा किया कि भारत की आर्थिक स्थिति बांग्लादेश से भी खराब है और सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2047 तक 'विश्व गुरु' बनने के सपने देखने से पहले आर्थिक विफलताओं का जवाब देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति के निजी बयान का दोष राहुल गांधी पर थोपना उचित नहीं है।
उदित राज और किशोर शाहदेव की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, 'देश की रक्षा, वोट की रक्षा और संविधान की रक्षा के लिए लड़ना अगर अराजकता है, तो हम अराजक हैं। चोरी और जिस तरह से वोट डिलीट किए गए हैं, उसे क्या सही ठहराना चाहिए?' उनके इस बयान ने बहस को चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे से भी जोड़ दिया।
वहीं किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि पड़ोसी देशों जैसी सत्ता-परिवर्तन की तुलना भाजपा नेता खुद कर रहे हैं। उन्होंने जोड़ा, 'मुझे भारतीय लोकतंत्र, भारत के संविधान, न्याय प्रणाली, मतदाताओं और जनता पर पूरा भरोसा है।'
AAP का आरोप: 'बातचीत की आड़ में दमन'
आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक गोपाल राय ने कहा, 'सरकार बातचीत की बात तो करती है, लेकिन असल में दमन करती है।' उन्होंने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की माँग की।
राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की जनता की माँग का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि 'पूरी सरकार उन्हें बचाने में लगी हुई है।' यह विवाद ऐसे समय में तेज हुआ है जब चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की स्वायत्तता पर बहस पहले से ही गर्म है।