6 अगस्त 2026
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टेरिटोरियल आर्मी में 44,400 जवान, 59 यूनिट: राजनाथ सिंह ने बताई 'सिटीजन-सोल्जर' की ताकत

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टेरिटोरियल आर्मी में 44,400 जवान, 59 यूनिट: राजनाथ सिंह ने बताई 'सिटीजन-सोल्जर' की ताकत

सारांश

टेरिटोरियल आर्मी सिर्फ रिज़र्व फोर्स नहीं — बाढ़ राहत से लेकर 10 करोड़ पौधे लगाने तक, यह बल अब राष्ट्र निर्माण का हिस्सा बन चुका है। राजनाथ सिंह की बैठक ने 'सिटीजन-सोल्जर' की इस अनूठी भूमिका को नई पहचान दी।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 अगस्त 2026 को रक्षा मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की।
टेरिटोरियल आर्मी में वर्तमान में लगभग 44,400 जवान और 59 इकाइयाँ सक्रिय हैं।
बल ने अब तक करीब 10 करोड़ पौधे लगाए, जिनमें 80–85% जीवित हैं।
केरल बाढ़ , ओडिशा चक्रवात और असम बाढ़ में टेरिटोरियल आर्मी ने राहत-बचाव कार्य किए।
बैठक में CDS जनरल एन.एस.
राजा सुब्रमणी , थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह उपस्थित रहे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें टेरिटोरियल आर्मी की भूमिका, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने टेरिटोरियल आर्मी को 'नागरिक-सैनिक' की अवधारणा की जीवंत मिसाल बताया और कहा कि यह बल विकसित भारत के निर्माण में अहम भागीदार है।

टेरिटोरियल आर्मी की संरचना और ताकत

राजनाथ सिंह ने बताया कि वर्तमान में टेरिटोरियल आर्मी में लगभग 44,400 जवान हैं और इसकी 59 इकाइयाँ सक्रिय हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बल के सदस्य सामान्य जीवन में अपने-अपने पेशे से जुड़े रहते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर वर्दी पहनकर देश की सीमाओं की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा का दायित्व निभाते हैं। यही 'सिटीजन-सोल्जर' की परिकल्पना को साकार करता है।

आपदा राहत में अग्रणी भूमिका

रक्षा मंत्री ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के समय टेरिटोरियल आर्मी सबसे पहले राहत और बचाव कार्यों में उतरती है। केरल की बाढ़, ओडिशा के चक्रवात और हाल ही में असम की बाढ़ के दौरान इन जवानों ने राहत, बचाव और चिकित्सा सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह ऐसे समय में आया है जब देश में आपदा प्रबंधन क्षमताओं को और सुदृढ़ करने की माँग बढ़ रही है।

पर्यावरण संरक्षण में 10 करोड़ पौधों का रिकॉर्ड

पर्यावरण के मोर्चे पर टेरिटोरियल आर्मी ने उल्लेखनीय कार्य किया है। राजनाथ सिंह ने बताया कि इस बल ने अब तक करीब 10 करोड़ पौधे लगाए हैं, जिनमें से 80 से 85 प्रतिशत पौधे जीवित हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान 'मिशन लाइफ' और 'पंचामृत' के लक्ष्यों को ज़मीन पर उतारने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

जम्मू-कश्मीर और 'हर घर तिरंगा' अभियान

रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में तैनात टेरिटोरियल आर्मी के जवानों की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जवानों ने 'हर घर तिरंगा' अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गौरतलब है कि सशस्त्र बलों के लिए प्रशिक्षित जवानों का यह समूह सेवा पूरी करने के बाद समाज में लौटकर युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित भी करता है।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

इस बैठक में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणी, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित रक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समिति के सदस्यों ने टेरिटोरियल आर्मी को और सशक्त बनाने के लिए कई सुझाव भी प्रस्तुत किए। आने वाले समय में इन सुझावों पर विचार कर नीतिगत निर्णय लिए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

400 जवानों की यह रिज़र्व शक्ति रणनीतिक रूप से और प्रासंगिक हो जाती है। 10 करोड़ पौधों का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि इस अभियान का स्वतंत्र पर्यावरणीय मूल्यांकन कब और कैसे होगा। 'सिटीजन-सोल्जर' की अवधारणा को संसदीय मंच पर रेखांकित करना नीतिगत दृष्टि से सकारात्मक है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब इन सुझावों को बजट आवंटन और भर्ती नीति में ठोस रूप मिले।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टेरिटोरियल आर्मी क्या है और यह नियमित सेना से कैसे अलग है?
टेरिटोरियल आर्मी एक अर्धसैनिक रिज़र्व बल है जिसके सदस्य सामान्य जीवन में अपना पेशा जारी रखते हैं और जरूरत पड़ने पर सक्रिय ड्यूटी पर बुलाए जाते हैं। यह 'नागरिक-सैनिक' की अवधारणा पर आधारित है, जो इसे नियमित सेना से अलग बनाती है।
टेरिटोरियल आर्मी में कितने जवान और कितनी इकाइयाँ हैं?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, टेरिटोरियल आर्मी में वर्तमान में लगभग 44,400 जवान हैं और इसकी 59 इकाइयाँ सक्रिय हैं।
टेरिटोरियल आर्मी ने आपदा राहत में क्या भूमिका निभाई है?
टेरिटोरियल आर्मी ने केरल की बाढ़, ओडिशा के चक्रवात और असम की बाढ़ के दौरान राहत, बचाव और चिकित्सा सहायता का कार्य किया है। यह बल प्राकृतिक आपदाओं के समय सबसे पहले पहुँचने वाले बलों में शामिल रहता है।
पर्यावरण संरक्षण में टेरिटोरियल आर्मी का क्या योगदान है?
टेरिटोरियल आर्मी ने अब तक करीब 10 करोड़ पौधे लगाए हैं, जिनमें से 80 से 85 प्रतिशत जीवित हैं। यह अभियान 'मिशन लाइफ' और 'पंचामृत' के लक्ष्यों से जुड़ा हुआ है।
6 अगस्त 2026 की संसदीय सलाहकार समिति बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणी, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित रक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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