राज्यपाल मंगुभाई पटेल का आह्वान: किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दें
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने रविवार, 31 मई को भोपाल स्थित केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान में आयोजित 'मन की बात' के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे आधुनिक कृषि तकनीक का केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव सीधे किसानों तक पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि संस्थान को आसपास के क्षेत्रों के किसानों को नियमित रूप से आमंत्रित कर उनकी आवश्यकता और सामर्थ्य के अनुरूप कृषि यंत्रों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देना चाहिए।
कार्यक्रम का संदर्भ और आयोजन
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' रेडियो प्रसारण के पूर्व किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के साथ संयुक्त श्रवण के रूप में आयोजित किया गया था। संस्थान के सभागार में हुए इस आयोजन में संचालक कृषि कल्याण उमाशंकर भार्गव, केंद्र के निदेशक सी.आर. मेहता और परियोजना समन्वयक के.एन. अग्रवाल सहित किसान एवं कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ और आई.सी.ए.आर. गान भी प्रस्तुत किया गया।
राज्यपाल का 'लैब से फील्ड' पर जोर
राज्यपाल पटेल ने अपने गृह राज्य गुजरात के अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2007 में ऐतिहासिक 'कृषि मेलों' की शुरुआत की थी, जिसके तहत कृषि वैज्ञानिकों को 'लैब से फील्ड' भेजकर सीधे किसानों से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि इन मेलों के माध्यम से वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) को रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में बड़े पैमाने पर अपनाया गया, जिसने जैविक खेती की नींव को मजबूत किया।
उन्होंने उल्लेख किया कि भारत के महान कृषि वैज्ञानिक, स्वर्गीय डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन ने स्वयं गुजरात में एक माह तक प्रवास कर इन कृषि मेलों के सकारात्मक प्रभावों और दूरगामी परिणामों का अध्ययन किया था। राज्यपाल पटेल नवसारी के निवासी हैं, जहाँ एक प्रतिष्ठित कृषि विश्वविद्यालय स्थित है।
महिला किसानों और 'ड्रोन दीदी' पर विशेष ध्यान
राज्यपाल ने कार्यक्रम में महिला किसानों की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्नत कृषि के लिए देश में 3 करोड़ 'ड्रोन दीदी' बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊँचाई देगा। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की।
मौसम की मार से फसल सुरक्षा पर बल
राज्यपाल पटेल ने कृषि वैज्ञानिकों से विशेष आग्रह किया कि बदलते मौसम के प्रकोप को सहने और फसलों की सुरक्षा की क्षमता बढ़ाने में किसानों की सहायता की जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की प्राथमिकता में किसान कल्याण सर्वोपरि है। कार्यक्रम के दौरान अनुसूचित जाति उप योजना के तहत किसानों को उन्नत कृषि किट भी प्रदान किए गए।
'मन की बात' को राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताया
राज्यपाल ने कहा कि 'मन की बात' केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की सामूहिक चेतना, शक्ति और संकल्प का प्रतीक है। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम देश के सुदूर कोनों के गुमनाम नायकों की उपलब्धियों को सामने लाता है और यह संदेश देता है कि जब पूरा देश एक दिशा में सोचता है, तो बड़े से बड़ा बदलाव संभव हो जाता है। आगामी दिनों में ऐसे और कार्यक्रमों के आयोजन की उम्मीद है, जो वैज्ञानिक ज्ञान को खेत तक पहुँचाने की इस पहल को और गति देंगे।