गुरदीप कौर: पंजाब में ड्रोन पायलट बनकर महिला सशक्तिकरण की नई कहानी
सारांश
Key Takeaways
- गुरदीप कौर ने ड्रोन पायलट बनकर कृषि में नई तकनीक का संचार किया।
- उन्होंने महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।
- ड्रोन का उपयोग खेती में तेजी और दक्षता लाने के लिए किया जा रहा है।
- किसानों को कम खर्च और कम समय में काम करने में मदद मिल रही है।
- महिलाएं नई तकनीकों को अपनाकर समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
श्री आनंदपुर साहिब, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर, महिला सशक्तिकरण की एक अद्भुत मिसाल श्री आनंदपुर साहिब के समीप गंभीरपुर गांव में देखने को मिलती है। यहां की निवासी गुरदीप कौर केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ड्रोन दीदी योजना 2024 के तहत ड्रोन पायलट बनकर न केवल अपने परिवार के लिए रोजगार का साधन बनी हैं, बल्कि खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
गुरदीप कौर को इफको कंपनी द्वारा ड्रोन चलाने की विशेष प्रशिक्षण दी गई है। इस प्रशिक्षण के बाद उन्हें ड्रोन उड़ाने का प्रमाण पत्र भी प्राप्त हुआ है। कंपनी ने उन्हें 10 लाख रुपये का ड्रोन और लगभग 5 लाख की एक थ्री-व्हीलर गाड़ी भी उपलब्ध करवाई है, जिससे वह ड्रोन और उससे संबंधित सुविधाओं को एक गांव से दूसरे गांव तक आसानी से ले जा सकती हैं।
गुरदीप कौर अब विभिन्न गांवों में जाकर किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक दवाओं और खाद का छिड़काव कर रही हैं। ड्रोन की सहायता से कम समय और कम व्यय में खेतों की देखभाल करना संभव हो जाता है। इससे किसानों को मजदूरी की कमी और बढ़ते खर्चों से राहत मिल रही है।
गुरदीप कौर ने कहा कि ड्रोन पायलट बनना उनके लिए गर्व का विषय है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें नई तकनीक सीखने का अवसर मिला है और अब वह अपने गांव और क्षेत्र के किसानों की सहायता कर रही हैं। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे आधुनिक खेती तकनीकों को अपनाएं और ड्रोन की सहायता से अपनी फसल की पैदावार बढ़ाएं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, गुरदीप कौर जैसी महिलाएं यह सिद्ध कर रही हैं कि यदि अवसर दिया जाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी नई तकनीक को अपनाकर अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं और समाज तथा कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।