रक्सौल हवाई अड्डे के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी टेंडर जारी, CM सम्राट चौधरी ने PM मोदी का जताया आभार

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रक्सौल हवाई अड्डे के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी टेंडर जारी, CM सम्राट चौधरी ने PM मोदी का जताया आभार

सारांश

रक्सौल हवाई अड्डे के रनवे, एप्रन और टैक्सीवे निर्माण के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी टेंडर जारी हो गया है। भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित यह परियोजना चंपारण क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जोड़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई रफ़्तार देगी।

मुख्य बातें

रक्सौल हवाई अड्डे के नवनिर्माण हेतु रनवे, एप्रन व टैक्सीवे के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं का टेंडर 6 मई 2026 को जारी किया गया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए इसे सीमावर्ती विकास का अहम कदम बताया।
परियोजना भारत-नेपाल सीमा के निकट पूर्वी चंपारण क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उड़ान नेटवर्क से जोड़ेगी।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जारी है, हालाँकि अधिकारियों के अनुसार कुछ मौजों में अपेक्षित आवेदन न मिलने से प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
परियोजना से व्यापार, पर्यटन, स्थानीय रोज़गार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्सौल हवाई अड्डा परियोजना के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं का टेंडर जारी होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। 6 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

टेंडर में क्या शामिल है

सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस टेंडर के तहत रक्सौल हवाई अड्डे के रनवे, एप्रन, टैक्सीवे और अन्य एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं की नियुक्ति की जाएगी। यह टेंडर परियोजना के नवनिर्माण की दिशा में पहला ठोस प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि भूमि अधिग्रहण में आ रही बाधाएँ परियोजना की समयसीमा के लिए वास्तविक जोखिम हैं। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण इस एयरपोर्ट की रणनीतिक अहमियत तो निर्विवाद है, परंतु बिहार में पहले भी कई बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ भूमि विवाद और प्रशासनिक देरी के कारण वर्षों तक अटकी रही हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या सरकार अधिग्रहण की बाधाओं को दूर करते हुए तय समय-सीमा में निर्माण कार्य शुरू करा पाती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रक्सौल हवाई अड्डा टेंडर किसलिए जारी किया गया है?
यह टेंडर रक्सौल हवाई अड्डे के नवनिर्माण के लिए रनवे, एप्रन, टैक्सीवे और अन्य एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण हेतु इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं की नियुक्ति के लिए जारी किया गया है। यह परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में पहला ठोस प्रशासनिक कदम है।
रक्सौल हवाई अड्डा परियोजना बिहार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
रक्सौल भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित है, इसलिए यहाँ हवाई अड्डा बनने से पूर्वी चंपारण और आसपास के जिलों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे व्यापार, पर्यटन, रोज़गार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
रक्सौल एयरपोर्ट से नेपाल को क्या फ़ायदा होगा?
रक्सौल, भारत-नेपाल सीमा के ठीक निकट होने के कारण, इस एयरपोर्ट के विकसित होने से नेपाल के यात्रियों के लिए भी आवागमन सुविधाजनक होगा। अंतरराष्ट्रीय व्यापार और द्विपक्षीय क्षेत्रीय संपर्क को भी मज़बूती मिलेगी।
भूमि अधिग्रहण में क्या बाधाएँ आ रही हैं?
अधिकारियों के अनुसार, कुछ मौजों में अपेक्षित संख्या में आवेदन न मिलने के कारण भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। बिहार सरकार ने इस प्रक्रिया को तेज़ करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस परियोजना पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स (X) पर लिखा कि रक्सौल हवाई अड्डे के नवनिर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया है और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने इसे डबल इंजन सरकार के संकल्प का परिणाम बताया।
राष्ट्र प्रेस
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