राम कृपाल यादव का दावा: समाजवादी पार्टी में जल्द हो सकती है बड़ी टूट, G7 में ट्रंप की मोदी तारीफ पर भी बोले
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने 18 जून 2026 को पटना में मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी में जल्द आंतरिक विभाजन देखने को मिल सकता है, और कई क्षेत्रीय दलों में बढ़ते असंतोष का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने G7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा को भारत की बढ़ती वैश्विक साख का प्रमाण बताया।
ट्रंप की मोदी-प्रशंसा पर राम कृपाल यादव की प्रतिक्रिया
यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 12 वर्षों से देश की सेवा में समर्पित हैं और उनकी नीतियों, विचारों तथा कार्यशैली ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान दिलाया है। उनके अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा बार-बार मोदी की तारीफ करना पूरे भारत के लिए गौरव का विषय है और यह देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को रेखांकित करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की हैं, जिससे देश के विकास को नई दिशा मिली है।
समाजवादी पार्टी में टूट का दावा
समाजवादी पार्टी के 25 से अधिक सांसदों के पाला बदलने की अटकलों पर राम कृपाल यादव ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रीय दलों के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उद्धव ठाकरे गुट का उदाहरण देते हुए कहा कि कई दलों में पहले ही विभाजन हो चुका है और यह प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रह सकती है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी में भी आंतरिक दरार स्पष्ट रूप से सामने आ सकती है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं और राजनीतिक दलों में गठबंधन व पाला-बदल की अटकलें आम हैं।
TMC और विपक्षी दलों पर हमला
तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा कि पार्टी के ही एक नेता द्वारा बैंक खाता फ्रीज़ करने के लिए पत्र लिखा जाना एक गंभीर मामला है, जो पार्टी के भीतर वित्तीय अनियमितताओं पर उठते सवालों को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई दलों में अवैध धन और वित्तीय गड़बड़ियों की समस्या है, और ऐसे में पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में अव्यवस्था का प्रतीक बन चुकी है और कुछ नेता देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे जनता भली-भाँति समझ रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी का भी समर्थन किया।
अमेरिका-ईरान समझौते और परिसीमन बिल पर रुख
यादव ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में लंबे समय से चले आ रहे तनाव के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हुई थी, जिससे वैश्विक महंगाई पर भी असर पड़ा। उनके अनुसार, किसी भी शांति पहल का स्वागत किया जाना चाहिए।
परिसीमन बिल पर उन्होंने कहा कि सरकार इसे हर हाल में लागू करने की रणनीति पर काम कर रही है और आगामी मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक लाए जा सकते हैं, जिनमें महिला आरक्षण और चुनावी प्रक्रिया को सरल बनाने से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हो सकते हैं।
वन नेशन, वन इलेक्शन और लालू पर टिप्पणी
'वन नेशन, वन इलेक्शन' की अवधारणा का समर्थन करते हुए यादव ने कहा कि इससे बार-बार होने वाले चुनावों का बोझ कम होगा और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। लालू प्रसाद यादव के सुरक्षा और आवास संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि कानून अपनी प्रक्रिया के अनुसार काम करता है और सुरक्षा व्यवस्था सुरक्षा समिति के निर्णय पर आधारित होती है — किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के धरना प्रदर्शन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता जनता के वास्तविक मुद्दों पर गंभीर नहीं हैं और गर्मी के कारण कई नेता धरने में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि वे एसी में बैठकर राजनीति करने के आदी हैं। आने वाले समय में राजनीतिक पुनर्गठन की प्रक्रिया और तेज़ होने के संकेत हैं।