तेजस्वी यादव की जनता में कोई विश्वसनीयता नहीं, राहुल गांधी की नकल कर रहे हैं: राम कृपाल यादव
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने 22 अगस्त को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी आम जनता के बीच कोई साख नहीं है और वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नकल करने की कोशिश कर रहे हैं। पटना में मीडिया से बातचीत में मंत्री ने तेजस्वी के छात्र विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने, आरजेडी के वित्तीय बयानों और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समाजवादी पार्टी (सपा) पर की गई टिप्पणी समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
तेजस्वी यादव पर सीधा हमला
तेजस्वी यादव के छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने पर राम कृपाल यादव ने कहा, 'लंबे समय बाद किसी ने छात्रों की समस्याओं का मुद्दा उठाया है।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि तेजस्वी विदेश यात्रा से लौटकर अचानक छात्रों के हमदर्द बन गए हैं। मंत्री के अनुसार, आरजेडी के भीतर ही तेजस्वी के इस कदम पर असंतोष है और खुद पार्टी के लोगों ने सवाल उठाए हैं।
राम कृपाल यादव ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीतिक शैली की अनुकरण कर रहे हैं, लेकिन यह प्रयास उनके अपने दल में भी स्वीकार्य नहीं है।
जयपुर की घटना पर प्रतिक्रिया
जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा में एक सरकारी स्कूल के दौरे के दौरान सीजीपी टीम पर कथित हमले के संदर्भ में मंत्री ने विपक्ष पर 'नकली छात्र आंदोलन' चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' का राजनीतिक पाखंड बेनकाब हो चुका है और जनता ने उनका असली चेहरा पहचान लिया है।
आरजेडी के वित्तीय बयान पर पलटवार
आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष द्वारा बिहार में वित्तीय संकट को लेकर दिए गए बयान को राम कृपाल यादव ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने याद दिलाया कि आरजेडी ने लगातार 15 वर्षों तक बिहार पर शासन किया, जिस दौरान 'खजाने की लूट' हुई। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2005 के बाद से बेहतर वित्तीय प्रबंधन के जरिए बिहार को नई दिशा मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यों की भी सराहना की।
सपा पर योगी की टिप्पणी का समर्थन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा समाजवादी पार्टी को 'गिरगिट' की संज्ञा देने पर राम कृपाल यादव ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि सपा का अपना कोई स्पष्ट राजनीतिक स्टैंड नहीं है और पार्टी खुद ही भ्रम की स्थिति में है। उन्होंने उदाहरण दिया कि पीडीएम गठबंधन में जो 'पिछड़ा' था, उसे अब 'पंडित' में बदला जा रहा है।
मंत्री ने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में योगी आदित्यनाथ ने जाति-पाँति से ऊपर उठकर अगड़े, पिछड़े, दलित, महादलित और वंचित वर्गों के लिए काम किया है और उत्तर प्रदेश की जनता उनका समर्थन जारी रखेगी।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और विपक्षी दल छात्र आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि तेजस्वी यादव हाल ही में विदेश यात्रा के बाद स्वदेश लौटे हैं और उनके छात्र प्रदर्शनों में शामिल होने को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले चुनावी मौसम का संकेत माना जा रहा है।