11 अक्टूबर 2026
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जम्मू कश्मीर को जल्द मिल सकता है पूर्ण राज्य का दर्जा: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले

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जम्मू कश्मीर को जल्द मिल सकता है पूर्ण राज्य का दर्जा: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले

सारांश

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने श्रीनगर में संकेत दिया कि जम्मू कश्मीर को जल्द पूर्ण राज्य का दर्जा मिल सकता है — यह वादा 2019 से लंबित है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद बंद करने की चेतावनी दी और क्षेत्र के विकास पर केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने 11 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर में कहा कि जम्मू कश्मीर को जल्द पूर्ण राज्य का दर्जा मिल सकता है।
PM नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह राज्य के दर्जे के वादे से अवगत हैं।
अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू कश्मीर 2019 से केंद्र शासित प्रदेश है; राज्य का दर्जा अब तक बहाल नहीं हुआ।
आठवले ने पाकिस्तान से पहलगाम हमले के संदर्भ में आतंकवाद का समर्थन बंद करने की माँग की।
केंद्र सरकार ने राजनीतिक मतभेदों को विकास फंड या परियोजनाओं में बाधा न बनने देने का आश्वासन दिया।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 11 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि जम्मू कश्मीर को निकट भविष्य में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों इस वादे से भलीभाँति अवगत हैं।

मुख्य घोषणा और सरकार की प्रतिबद्धता

आठवले ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और राजनीतिक मतभेदों को विकास परियोजनाओं या फंड आवंटन के रास्ते में नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया कि वे क्षेत्र की विकासात्मक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करें ताकि केंद्रीय सहायता का पूरा लाभ उठाया जा सके।

गौरतलब है कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में तब्दील कर दिया गया था। तभी से राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा राष्ट्रीय राजनीति में एक अनुत्तरित प्रश्न बना हुआ है।

अनुच्छेद 370 और संवैधानिक बदलाव

अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले का उल्लेख करते हुए आठवले ने कहा कि इस निर्णय के बाद जम्मू कश्मीर भारतीय संविधान के पूर्ण दायरे में आ गया है, जिससे इस क्षेत्र को कई संवैधानिक प्रावधानों और अधिकारों का विस्तार मिला है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में हालात पहले की तुलना में काफी बेहतर हुए हैं, हालांकि चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू कश्मीर की निर्वाचित सरकार और केंद्र के बीच राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।

पहलगाम हमले और पाकिस्तान पर रुख

पहलगाम आतंकी हमले का संदर्भ देते हुए आठवले ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस घटना के जवाब में ठोस कदम उठाए हैं और पाकिस्तान से आतंकवाद का समर्थन बंद करने की माँग की है। उन्होंने कहा, "जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।"

आठवले ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की आम जनता भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहती है, लेकिन राजनीतिक हित दोनों देशों के बीच सामान्य स्थिति की बहाली में बाधक बन रहे हैं।

विकास योजनाओं पर जोर

आठवले ने बताया कि अपनी पिछली यात्राओं में उन्होंने जम्मू कश्मीर के कई जिलों का दौरा किया और जमीनी स्तर पर लोगों से संवाद किया। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार की विकास योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुँचना सुनिश्चित किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य के दर्जे की बहाली से न केवल प्रशासनिक शक्तियों का विकेंद्रीकरण होगा, बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अधिक अधिकार मिलेंगे। आने वाले महीनों में इस विषय पर केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस घोषणा हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक दोहराया गया वादा है — जो 2019 से लंबित है। सर्वोच्च न्यायालय ने दिसंबर 2023 में सरकार को 'जल्द से जल्द' राज्य का दर्जा बहाल करने का निर्देश दिया था, फिर भी कोई ठोस समयसीमा अब तक घोषित नहीं हुई है। यह बयान श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आया — न कि संसद या किसी नीतिगत दस्तावेज़ में — जो इसकी बाध्यकारी प्रकृति पर सवाल उठाता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि राज्य के दर्जे के बिना जम्मू कश्मीर की निर्वाचित सरकार की शक्तियाँ सीमित हैं, और यह असंतुलन ज़मीनी लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर असर डालता है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा कब मिलेगा?
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने 11 अक्टूबर 2026 को कहा कि 'निकट भविष्य में' यह दर्जा बहाल किया जा सकता है, लेकिन कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई। 2019 से यह वादा लंबित है और सर्वोच्च न्यायालय भी सरकार को जल्द कार्रवाई का निर्देश दे चुका है।
जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा कब और क्यों हटाया गया था?
अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाते हुए जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों — जम्मू कश्मीर और लद्दाख — में विभाजित कर दिया था। सरकार ने कहा था कि यह फैसला क्षेत्र के विकास और भारतीय संविधान के पूर्ण अनुप्रयोग के लिए जरूरी था।
आठवले ने पहलगाम हमले पर क्या कहा?
आठवले ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में कदम उठाए हैं और पाकिस्तान से आतंकवाद का समर्थन बंद करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
राज्य का दर्जा मिलने से जम्मू कश्मीर में क्या बदलेगा?
राज्य का दर्जा मिलने पर जम्मू कश्मीर की निर्वाचित सरकार को पुलिस और भूमि जैसे विषयों पर अधिक प्रशासनिक शक्तियाँ मिलेंगी, जो अभी उपराज्यपाल के अधीन हैं। इससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और स्वायत्तता दोनों बढ़ेंगी।
केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के विकास के लिए क्या कर रही है?
आठवले के अनुसार, केंद्र सरकार क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राजनीतिक मतभेदों को फंड आवंटन या परियोजनाओं में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया कि वे विकासात्मक जरूरतों के लिए प्रस्ताव तैयार करें।
राष्ट्र प्रेस
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