रामशरण नौटियाल की भाजपा से कांग्रेस में वापसी, सैलजा ने धामी सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने 19 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा देकर औपचारिक रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की सदस्यता ग्रहण कर ली। नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने इसे उत्तराखंड की राजनीति के लिए एक संकेतात्मक घटनाक्रम बना दिया।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहे मौजूद
नौटियाल के कांग्रेस में प्रवेश के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा, उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल उपस्थित रहे। पार्टी के इस स्तर के नेताओं की मौजूदगी यह दर्शाती है कि कांग्रेस ने इस वापसी को संगठनात्मक दृष्टि से महत्व दिया है।
नौटियाल ने क्यों छोड़ी भाजपा
कार्यक्रम में रामशरण नौटियाल ने कहा कि उन्होंने BJP में 'घुटन' महसूस होने के कारण पार्टी छोड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी मूल राजनीतिक विचारधारा की ओर लौट रहे हैं, क्योंकि वे पहले भी कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। नौटियाल ने कहा, 'मैंने केवल यह तय किया है कि फिर से कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़कर उसके लिए काम करूं। मैंने पार्टी से कोई कमिटमेंट नहीं लिया है बल्कि पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है और पूरी निष्ठा के साथ कार्य करूंगा।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी से कोई पद या जिम्मेदारी नहीं माँगी है।
सैलजा का धामी सरकार पर हमला
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में कुमारी सैलजा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में न्याय की माँग करने वालों को हिरासत में लिया जा रहा है और राज्य सरकार भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रही है। सैलजा ने नौटियाल की वापसी पर कहा कि वे पहले भी कांग्रेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा चुके हैं और पार्टी उनका स्वागत करती है।
सप्पल का निवेश दावों पर तीखा व्यंग्य
गुरदीप सिंह सप्पल ने धामी सरकार के निवेश संबंधी दावों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ₹3 लाख करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जबकि घोषित निवेश ₹1 लाख करोड़ का था। उनके अनुसार, सरकार छोटे स्तर के व्यवसायों और व्यक्तिगत खरीदारी को भी बड़ी निवेश उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है। सप्पल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि इसी तर्ज पर फ्रिज खरीदने को 'कोल्ड स्टोरेज निवेश' और पकौड़े बेचने को 'फूड प्रोसेसिंग निवेश' बताया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में टाटा मोटर्स और अशोक लीलैंड जैसी बड़ी कंपनियों ने उत्तराखंड में निवेश किया था और कई औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए थे। उनके अनुसार धामी सरकार की निवेश नीति 'पूरी तरह विफल' रही है और इसका प्रचार तंत्र 'धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है'।
मुंबई फायरिंग पर भी की टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान रामशरण नौटियाल ने मुंबई में हाल ही में हुई फायरिंग की घटनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुंबई देश का सबसे संवेदनशील महानगर है और गोलीबारी जैसी घटनाएँ आम नागरिकों में भय का माहौल बनाती हैं। यह टिप्पणी उन्होंने अपनी राजनीतिक सक्रियता की शुरुआत का संकेत देते हुए की।
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि नौटियाल की वापसी से पार्टी को केवल देहरादून में नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में संगठनात्मक मजबूती मिलेगी। आगामी महीनों में उत्तराखंड में कांग्रेस अपनी जमीनी सक्रियता बढ़ाने की योजना बना रही है, जिसमें नौटियाल के अनुभव और जनसंपर्क का लाभ उठाने की उम्मीद है।