1 नवंबर 2026
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कुरुक्षेत्र में, हरियाणा की हीरक जयंती और स्वामी श्रद्धानंद शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कुरुक्षेत्र में, हरियाणा की हीरक जयंती और स्वामी श्रद्धानंद शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज कुरुक्षेत्र में हरियाणा की 60वीं वर्षगाँठ और स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि हैं — छह दशकों की विकास यात्रा को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 1 नवंबर 2026 को कुरुक्षेत्र में हरियाणा दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि हैं।
हरियाणा राज्य के गठन की 60वीं वर्षगाँठ ('हीरक जयंती') के अवसर पर विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।
राष्ट्रपति गुरुकुल कुरुक्षेत्र के 114वें वार्षिकोत्सव और स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी समारोह में भी शामिल हुईं।
असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 31 अक्टूबर की रात अंबाला में राष्ट्रपति का स्वागत किया।
समारोह में युवा, किसान, खिलाड़ी, उद्यमी और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों सहित लगभग 2,000 लोगों की भागीदारी अपेक्षित है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 1 नवंबर 2026 को हरियाणा दिवस के अवसर पर कुरुक्षेत्र के दौरे पर हैं, जहाँ वे राज्य के गठन की 60वीं वर्षगाँठ — 'हीरक जयंती' — के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रही हैं। इसी दिन गुरुकुल कुरुक्षेत्र के 114वें वार्षिकोत्सव और महान स्वतंत्रता सेनानी स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान शताब्दी समारोह का भी आयोजन किया जा रहा है।

राष्ट्रपति की यात्रा का क्रम

राष्ट्रपति मुर्मु के दौरे की शुरुआत प्राचीन शक्तिपीठ श्री भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके पश्चात वे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता सदन में आयोजित राज्य स्तरीय हरियाणा दिवस समारोह में पहुँचीं। समारोह स्थल पर समाज के विभिन्न वर्गों से लगभग 2,000 लोगों के उपस्थित रहने की उम्मीद है, जिनमें युवा, महिलाएँ, किसान, खिलाड़ी, उद्यमी, कलाकार और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।

हरियाणा की छह दशकों की यात्रा: विशेष प्रदर्शनी

समारोह में राष्ट्रपति ने 1966 से अब तक हरियाणा की विकास यात्रा को दर्शाने वाली एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में कृषि और हरित क्रांति, खेल, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तीकरण और सांस्कृतिक विरासत जैसे क्षेत्रों में राज्य की उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। गौरतलब है कि हरियाणा देश में प्रति व्यक्ति आय और खेल प्रतिभाओं के मामले में अग्रणी राज्यों में गिना जाता है।

स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी समारोह

दौरे के दूसरे चरण में राष्ट्रपति गुरुकुल कुरुक्षेत्र के 114वें वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान शताब्दी समारोह का भी आयोजन किया गया। स्वामी श्रद्धानंद ने शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में जो योगदान दिया, उसे आज भी पूरे देश में याद किया जाता है।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

31 अक्टूबर की देर रात राष्ट्रपति के अंबाला पहुँचने पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'हरि की पावन धरा हरियाणा में पधारने पर महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन! हरियाणा दिवस के अवसर पर कुरुक्षेत्र में आयोजित होने जा रहे प्रदेश के 60वें स्थापना दिवस समारोह में आपकी गरिमामयी उपस्थिति समस्त हरियाणावासियों के लिए गौरव और हर्ष का विषय है।'

आगे क्या

यह दौरा हरियाणा के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है — राज्य के छह दशक पूरे होने पर देश की सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी की उपस्थिति राज्य की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर रेखांकित करती है। समारोह में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि राज्य सरकार इस अवसर को जन-जुड़ाव के रूप में भी प्रस्तुत कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह राज्य सरकार की उस कोशिश का हिस्सा है जो विकास की कथा को जन-केंद्रित रूप में प्रस्तुत करे। हालाँकि प्रदर्शनी में कृषि और हरित क्रांति की उपलब्धियाँ दिखाई जाएंगी, लेकिन किसान आंदोलन और एमएसपी की माँग जैसे अनसुलझे मुद्दे इस उत्सवी माहौल में अनुपस्थित हैं। स्वामी श्रद्धानंद की विरासत को राष्ट्रपति स्तर पर सम्मान देना सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, पर यह देखना होगा कि शताब्दी वर्ष में उनके शैक्षिक और सुधारवादी दर्शन को नीतिगत स्तर पर भी कितनी जगह मिलती है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कुरुक्षेत्र दौरे पर क्यों गई हैं?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 1 नवंबर 2026 को हरियाणा दिवस पर राज्य के गठन की 60वीं वर्षगाँठ — 'हीरक जयंती' — के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने कुरुक्षेत्र पहुँची हैं। इसी दिन गुरुकुल कुरुक्षेत्र का 114वाँ वार्षिकोत्सव और स्वामी श्रद्धानंद का बलिदान शताब्दी समारोह भी आयोजित है।
हरियाणा हीरक जयंती 2026 क्या है?
हीरक जयंती हरियाणा राज्य के गठन की 60वीं वर्षगाँठ का उत्सव है। हरियाणा की स्थापना 1 नवंबर 1966 को हुई थी, और इस वर्ष राज्य अपनी स्थापना के छह दशक पूरे कर रहा है।
स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी समारोह में क्या होगा?
गुरुकुल कुरुक्षेत्र के 114वें वार्षिकोत्सव के साथ महान स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान की शताब्दी मनाई जा रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
हरियाणा दिवस समारोह में कौन-कौन शामिल हुए?
राज्य स्तरीय समारोह में लगभग 2,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी, जिनमें युवा, महिलाएँ, जनप्रतिनिधि, किसान, सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, खिलाड़ी, उद्यमी, कलाकार और स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।
हरियाणा दिवस पर विशेष प्रदर्शनी में क्या दिखाया जाएगा?
राष्ट्रपति मुर्मु द्वारा उद्घाटन की गई विशेष प्रदर्शनी में 1966 से अब तक हरियाणा की विकास यात्रा दर्शाई गई है। इसमें कृषि और हरित क्रांति, खेल, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तीकरण और सांस्कृतिक विरासत जैसे क्षेत्रों में राज्य की उपलब्धियाँ प्रदर्शित की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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