रेखा आर्य केस: एसआईटी ने मंत्री का बयान दर्ज किया, फेसबुक ऑडियो क्लिप और फर्जी दस्तावेज जांच में शामिल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड सरकार में मंत्री रेखा आर्य द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 21 अक्टूबर 2026 को मंत्री का औपचारिक बयान दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एवं डिप्टी एसपी जया बलूनी के अनुसार, मंत्री की ओर से फेसबुक पर साझा की गई ऑडियो क्लिप को उचित प्रक्रिया के तहत जांच में शामिल किया गया है और मामले में लगाए गए कथित फर्जी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
डिप्टी एसपी जया बलूनी ने बताया कि मंत्री रेखा आर्य का बयान रिकॉर्ड कर लिया गया है और मंत्री द्वारा फेसबुक पर जारी ऑडियो क्लिप को कानूनी प्रक्रिया के तहत प्राप्त किया गया है। मंत्री ने अपने बयान में जो तथ्य प्रस्तुत किए हैं, उनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जा रही है। मामले से जुड़े अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान भी क्रमशः दर्ज किए जा रहे हैं।
दस्तावेज़ सत्यापन की स्थिति
मामले में कथित फर्जी दस्तावेजों से संबंधित गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनकी जांच के लिए मूल दस्तावेज हासिल करना अनिवार्य है। बलूनी ने बताया कि जांच के सिलसिले में एक टीम बरेली भेजी गई थी, जहाँ कुछ दस्तावेज मिले। फिलहाल उन दस्तावेजों की फोटोकॉपी प्राप्त की गई है और मूल दस्तावेज हासिल करने के प्रयास जारी हैं।
जांच में देरी पर एसआईटी का रुख
जांच की गति को लेकर उठ रहे सवालों पर डिप्टी एसपी बलूनी ने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े कई बिंदुओं पर पुष्टि अभी शेष है। उन्होंने कहा कि जांच-ढिलाई के आरोप निराधार हैं और सभी जरूरी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी का रुख है कि तथ्यों की पुख्ता पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा।
आम जनता और राजनीतिक परिदृश्य पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड की राजनीति में मंत्रियों से जुड़े विवाद सुर्खियों में बने हुए हैं। गौरतलब है कि एसआईटी द्वारा जांच का दायरा बढ़ाना और ऑडियो क्लिप को साक्ष्य में शामिल करना इस मामले को अधिक जटिल बनाता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस मामले की आगे की दिशा सत्तारूढ़ दल के लिए भी संवेदनशील है।
क्या होगा आगे
बलूनी ने भरोसा दिलाया कि दस्तावेजों एवं बयानों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होते ही जांच को आगे बढ़ाया जाएगा और उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। बरेली से मूल दस्तावेज प्राप्त होना इस जांच का अगला अहम पड़ाव माना जा रहा है।