17 अक्टूबर 2026
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उत्तराखंड मंत्री रेखा आर्या ने पति गिरधारी लाल साहू पर दर्ज कराई FIR, मारपीट और हत्या की साजिश का आरोप

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उत्तराखंड मंत्री रेखा आर्या ने पति गिरधारी लाल साहू पर दर्ज कराई FIR, मारपीट और हत्या की साजिश का आरोप

सारांश

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पति गिरधारी लाल साहू पर मारपीट और हत्या की साजिश की FIR दर्ज कराई और देहरादून अस्पताल में भर्ती हैं। तीन बार की विधायक ने कहा — 'मैं यह संदेश देना चाहती हूँ कि आम महिलाएँ भी घर में ऐसा बहुत कुछ सहती हैं।'

मुख्य बातें

उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने 17 अक्टूबर 2026 को पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ FIR दर्ज कराई।
आरोपों में मारपीट, जातिसूचक अपशब्द और जान से मारने की साजिश शामिल हैं।
मंत्री फिलहाल देहरादून के कृष्णा मेडिकल सेंटर में उपचाराधीन हैं।
पति ने मंत्री पर ₹10 करोड़ के भ्रष्टाचार का जवाबी आरोप लगाया; रेखा आर्या ने इसे 'FIR वापस लेने की धमकी' करार दिया।
रेखा आर्या 3 बार की विधायक और 2 बार की मंत्री हैं; राजनीतिक सफर 2003 से शुरू हुआ।
उन्होंने कहा कि वे घरेलू हिंसा की बात सार्वजनिक कर अन्य महिलाओं को आगे आने का संदेश देना चाहती हैं।

उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने 17 अक्टूबर 2026 को अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। उन पर मारपीट, जातिसूचक अपशब्द कहने और जान से मारने की साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल मंत्री देहरादून के कृष्णा मेडिकल सेंटर में उपचाराधीन हैं।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

रेखा आर्या ने बताया कि वे लंबे समय से घरेलू हिंसा झेल रही थीं और इसे छुपाती रही थीं। उन्होंने खुलासा किया कि 2004 में विवाह से पहले उन्हें यह नहीं पता था कि उनके पति पहले से विवाहित हैं। उन्होंने कहा, 'शादी और बच्चे होने के बाद मुझे जानकारी मिली कि मेरे पति विवाह से पहले ही शादीशुदा थे, हालाँकि पारिवारिक स्थिति, रिश्ते, भावना आदि के कारण मैं आगे बढ़ती चली गई।'

FIR दर्ज होने के बाद मंत्री का इलाज जारी है, जो इस मामले की गंभीरता को उजागर करता है। गिरधारी लाल साहू की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भ्रष्टाचार के आरोप और रेखा आर्या का जवाब

रेखा आर्या के पति ने उन पर ₹10 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इस पर मंत्री ने साफ कहा कि यह 'एफआईआर वापस लेने की एक मीठी धमकी' है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी संपत्तियों का विवरण 2003, 2012, 2014 और 2022 के नामांकन में पूरी तरह सार्वजनिक है। उन्होंने कहा, 'मेरी संपत्ति कितनी है, यह एक खुली किताब है। इसके बाद भी अगर किसी को संतुष्टि नहीं मिलती, तो वह इसकी जाँच करवा ले।'

राजनीतिक सफर और सार्वजनिक जीवन

रेखा आर्या ने अपना राजनीतिक जीवन 2003 में निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य के रूप में शुरू किया था। इसके बाद 2012 में वे निर्दलीय चुनाव लड़ीं और आगे चलकर तीन बार की विधायक और दो बार की मंत्री बनीं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब वे कई महत्त्वपूर्ण विभागों का पोर्टफोलियो संभाल रही हैं।

गौरतलब है कि 2024 में उन्होंने कल्पना नामक एक महिला के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि संबंधित महिला उनके दस्तावेजों और घर के पते का दुरुपयोग कर रही थी।

महिला सशक्तिकरण का संदेश

रेखा आर्या ने अपने निजी जीवन की बात सार्वजनिक करने के पीछे एक स्पष्ट उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा, 'चूँकि मैं एक जनप्रतिनिधि हूँ, इसके बावजूद अपने निजी जीवन को लोगों के सामने रखकर मैं यह संदेश देना चाहती हूँ कि ज़्यादातर महिलाएँ जो सामान्य होती हैं, वह अपने घर में ऐसी बहुत-सी चीजें समाज, रिश्तेदारों और लोगों के डर से सहन करती हैं।'

एक कैबिनेट मंत्री का इस तरह खुलकर सामने आना राज्य में घरेलू हिंसा के मुद्दे को नई धार दे सकता है। आने वाले दिनों में पुलिस जाँच और कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय करेगी कि यह मामला किस मोड़ पर जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका असली महत्त्व कानूनी नहीं, सांकेतिक है। रेखा आर्या ने जानबूझकर अपनी व्यक्तिगत पीड़ा को सार्वजनिक करने का फैसला किया — यह दर्शाता है कि घरेलू हिंसा का चुप्पा दबाव उन पर भी उतना ही था जितना किसी आम महिला पर। पति की ओर से ₹10 करोड़ के भ्रष्टाचार के जवाबी आरोप मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश प्रतीत होते हैं, जिनकी जाँच स्वतंत्र एजेंसी से होनी चाहिए। सरकार को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि एक मंत्री होने के नाते न तो रेखा आर्या को अनुचित संरक्षण मिले, न ही उनके विरुद्ध राजनीतिक दुरुपयोग हो।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेखा आर्या ने पति के खिलाफ क्या आरोप लगाए हैं?
उत्तराखंड मंत्री रेखा आर्या ने पति गिरधारी लाल साहू पर मारपीट, जातिसूचक अपशब्द कहने और जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। 17 अक्टूबर 2026 को FIR दर्ज कराई गई और मंत्री देहरादून के कृष्णा मेडिकल सेंटर में भर्ती हैं।
गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या पर क्या आरोप लगाए हैं?
गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या पर ₹10 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। मंत्री ने इसे FIR वापस लेने के लिए दी गई 'मीठी धमकी' करार दिया और कहा कि उनकी संपत्तियों का विवरण 2003 से सार्वजनिक है।
रेखा आर्या कौन हैं और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है?
रेखा आर्या उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं। उन्होंने 2003 में निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य के रूप में राजनीतिक जीवन शुरू किया, तीन बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुकी हैं।
रेखा आर्या ने निजी जीवन सार्वजनिक करने का फैसला क्यों किया?
रेखा आर्या ने कहा कि वे यह संदेश देना चाहती हैं कि आम महिलाएँ भी घर में बहुत कुछ समाज और रिश्तेदारों के डर से सहती हैं। एक जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने सामाजिक दबाव से आगे बढ़कर यह कदम उठाया।
क्या रेखा आर्या को पहले से पति के पूर्व विवाह की जानकारी थी?
नहीं, रेखा आर्या के अनुसार उन्हें 2004 में हुई शादी से पहले यह नहीं पता था कि उनके पति पहले से विवाहित हैं। शादी और बच्चे होने के बाद यह जानकारी मिली, लेकिन पारिवारिक कारणों से वे रिश्ता जारी रखती रहीं।
राष्ट्र प्रेस
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