उत्तराखंड मंत्री रेखा आर्या ने पति गिरधारी लाल साहू पर दर्ज कराई FIR, मारपीट और हत्या की साजिश का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने 17 अक्टूबर 2026 को अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। उन पर मारपीट, जातिसूचक अपशब्द कहने और जान से मारने की साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल मंत्री देहरादून के कृष्णा मेडिकल सेंटर में उपचाराधीन हैं।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
रेखा आर्या ने बताया कि वे लंबे समय से घरेलू हिंसा झेल रही थीं और इसे छुपाती रही थीं। उन्होंने खुलासा किया कि 2004 में विवाह से पहले उन्हें यह नहीं पता था कि उनके पति पहले से विवाहित हैं। उन्होंने कहा, 'शादी और बच्चे होने के बाद मुझे जानकारी मिली कि मेरे पति विवाह से पहले ही शादीशुदा थे, हालाँकि पारिवारिक स्थिति, रिश्ते, भावना आदि के कारण मैं आगे बढ़ती चली गई।'
FIR दर्ज होने के बाद मंत्री का इलाज जारी है, जो इस मामले की गंभीरता को उजागर करता है। गिरधारी लाल साहू की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भ्रष्टाचार के आरोप और रेखा आर्या का जवाब
रेखा आर्या के पति ने उन पर ₹10 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इस पर मंत्री ने साफ कहा कि यह 'एफआईआर वापस लेने की एक मीठी धमकी' है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी संपत्तियों का विवरण 2003, 2012, 2014 और 2022 के नामांकन में पूरी तरह सार्वजनिक है। उन्होंने कहा, 'मेरी संपत्ति कितनी है, यह एक खुली किताब है। इसके बाद भी अगर किसी को संतुष्टि नहीं मिलती, तो वह इसकी जाँच करवा ले।'
राजनीतिक सफर और सार्वजनिक जीवन
रेखा आर्या ने अपना राजनीतिक जीवन 2003 में निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य के रूप में शुरू किया था। इसके बाद 2012 में वे निर्दलीय चुनाव लड़ीं और आगे चलकर तीन बार की विधायक और दो बार की मंत्री बनीं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब वे कई महत्त्वपूर्ण विभागों का पोर्टफोलियो संभाल रही हैं।
गौरतलब है कि 2024 में उन्होंने कल्पना नामक एक महिला के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि संबंधित महिला उनके दस्तावेजों और घर के पते का दुरुपयोग कर रही थी।
महिला सशक्तिकरण का संदेश
रेखा आर्या ने अपने निजी जीवन की बात सार्वजनिक करने के पीछे एक स्पष्ट उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा, 'चूँकि मैं एक जनप्रतिनिधि हूँ, इसके बावजूद अपने निजी जीवन को लोगों के सामने रखकर मैं यह संदेश देना चाहती हूँ कि ज़्यादातर महिलाएँ जो सामान्य होती हैं, वह अपने घर में ऐसी बहुत-सी चीजें समाज, रिश्तेदारों और लोगों के डर से सहन करती हैं।'
एक कैबिनेट मंत्री का इस तरह खुलकर सामने आना राज्य में घरेलू हिंसा के मुद्दे को नई धार दे सकता है। आने वाले दिनों में पुलिस जाँच और कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय करेगी कि यह मामला किस मोड़ पर जाता है।