31 जुलाई 2026
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क्या केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं?

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क्या केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं?

सारांश

बिहार में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन के आरोपों के चलते यह मामला सामने आया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित असर।

मुख्य बातें

ललन सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन किया गया।
चुनाव आयोग मामले की जांच कर रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो चरण में वोटिंग होगी।
अनंत सिंह की अनुपस्थिति में ललन सिंह ने चुनाव प्रचार संभाला।

मोकामा, 4 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मोकामा में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के खिलाफ मंगलवार को एफआईआर दर्ज की गई है। मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के कथित उल्लंघन के आरोप में सीओ लवली कुमारी ने यह मामला दर्ज किया है।

पटना के जिला मजिस्ट्रेट-सह-रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि पटना जिला प्रशासन ने सर्विलांस टीम द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो फुटेज का विश्लेषण किया। जांच के बाद, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के खिलाफ बीएनएस और रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

इससे पहले, भारत निर्वाचन आयोग ने भी मोकामा में उनके कथित बयानों को लेकर ललन सिंह को नोटिस जारी किया था और 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा था।

बता दें कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह विपक्षी वोटरों को वोट डालने से रोकने के बारे में बात करते दिख रहे हैं। चुनाव आयोग ने इन बयानों को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का संभावित उल्लंघन माना है। राजद ने भी इस वीडियो को आधार बनाते हुए केंद्रीय मंत्री पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इस मामले में चुनाव आयोग अब ललन सिंह के स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहा है।

इससे पहले, सोमवार को भी मोकामा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक रोड शो के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला सामने आया था। पटना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मोकामा में अनंत सिंह के समर्थन में रोड शो किया था। इस दौरान प्रचार में अनुमति से अधिक संख्या में वाहनों का उपयोग किया गया, जिसे चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना था।

आपको बताते चलें, जदयू प्रत्याशी और पूर्व विधायक अनंत सिंह इस वक्त दुलारचंद यादव हत्याकांड के सिलसिले में बेउर जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। 1 नवंबर की देर रात उनकी गिरफ्तारी हुई थी। ऐसी में अनंत सिंह की अनुपस्थिति में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली है। ललन सिंह अब इस निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार का नेतृत्व कर रहे हैं और अनंत सिंह की ओर से वोट मांग रहे हैं।

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो चरण में वोटिंग होगी। पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को और दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। वहीं, 14 नवंबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ललन सिंह पर आरोप क्या हैं?
ललन सिंह पर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का आरोप है, जिसके तहत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
क्या चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई की है?
हां, चुनाव आयोग ने ललन सिंह को नोटिस जारी किया है और उनकी बयानों की जांच कर रहा है।
रोड शो के दौरान क्या हुआ?
रोड शो के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया, जिसके चलते पटना पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इस मामले का क्या असर होगा?
इस मामले का असर ललन सिंह की चुनावी रणनीति और उनके राजनीतिक करियर पर पड़ सकता है।
क्या अनंत सिंह की गिरफ्तारी से ललन सिंह की स्थिति प्रभावित हुई है?
जी हां, अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद ललन सिंह ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली है।
राष्ट्र प्रेस
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