राजद ने पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का 30 साल पुराना गढ़ तोड़ा, तेजस्वी ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद प्रत्याशी की जीत को ऐतिहासिक बताया और इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन दशक पुराने गढ़ में पहली सेंध करार दिया। तेजस्वी ने इस अवसर पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए और मतगणना में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।
तीन दशकों बाद राजद की ऐतिहासिक जीत
तेजस्वी यादव ने कहा कि कई वर्षों से राजद शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज नहीं कर पा रहा था और इन क्षेत्रों में पार्टी का कोई प्रतिनिधि नहीं था। पटना शिक्षक सीट पर यह जीत उस सिलसिले को तोड़ती है, जहाँ BJP लगातार 30 वर्षों से अपना वर्चस्व बनाए हुए थी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं और राजद के पक्ष में मतदान करने वाले मतदाताओं का आभार जताया।
गौरतलब है कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सामान्य विधानसभा सीटों से अलग होते हैं, जहाँ पंजीकृत शिक्षक और स्नातक मतदाता के रूप में अपना प्रतिनिधि चुनते हैं। इन क्षेत्रों में शिक्षा, रोज़गार और विश्वविद्यालयों की दशा केंद्रीय मुद्दे रहे हैं।
चुनाव आयोग पर पारदर्शिता के आरोप
जीत का जश्न मनाते हुए तेजस्वी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखे आरोप लगाए। उनके अनुसार, जिन तीन सीटों पर राजद प्रत्याशी नहीं जीत रहे थे, उनके परिणाम शाम छह बजे तक घोषित कर दिए गए, जबकि पार्टी के विजयी प्रत्याशी को देर रात तक प्रमाणपत्र नहीं दिया गया।
तेजस्वी ने दावा किया कि परिणामों में इस देरी और सूचना के आदान-प्रदान की कमी से संदेह पैदा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग BJP के इशारे पर काम कर रहा है — हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध संवैधानिक संस्थाओं से नहीं, बल्कि उन लोगों से है जो संस्थाओं में बैठकर BJP के लिए काम कर रहे हैं।
1 नवंबर को इंडिया गठबंधन का मार्च
तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि 1 नवंबर 2026 को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन की ओर से एक बड़ा मार्च और रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें वह स्वयं शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े कई खुलासों पर सवाल उठाए गए हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।
मतदाता सूची और स्नातक सीटों पर चिंता
तेजस्वी ने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कई पात्र स्नातकों के नाम सूची में शामिल नहीं हो सके, जिससे मतदान प्रभावित हुआ।
कोसी और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में राजद प्रत्याशी दूसरे स्थान पर हैं, जबकि कुछ सीटों पर मतगणना अभी जारी बताई गई है। तेजस्वी ने कहा कि आगामी चुनावों में पार्टी और अधिक मज़बूती के साथ मैदान में उतरेगी तथा सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करती रहेगी।