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राजद ने पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का 30 साल पुराना गढ़ तोड़ा, तेजस्वी ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना

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राजद ने पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का 30 साल पुराना गढ़ तोड़ा, तेजस्वी ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना

सारांश

राजद ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में BJP का तीन दशक पुराना गढ़ तोड़ा — तेजस्वी यादव के लिए यह सिर्फ एक सीट की जीत नहीं, बल्कि शिक्षित मतदाताओं तक पार्टी की पहुँच का संकेत है। साथ ही चुनाव आयोग पर निशाना और 1 नवंबर का मार्च, विपक्ष की रणनीतिक आक्रामकता को दर्शाता है।

मुख्य बातें

राजद ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में BJP के 30 साल पुराने वर्चस्व को तोड़ा।
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि विजयी राजद प्रत्याशी को देर रात तक प्रमाणपत्र नहीं दिया गया।
इंडिया गठबंधन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 1 नवंबर 2026 को मार्च और रैली का ऐलान।
कोसी और दरभंगा स्नातक सीटों पर राजद प्रत्याशी दूसरे स्थान पर; कुछ सीटों पर मतगणना जारी।
तेजस्वी ने मतदाता सूची में पात्र स्नातकों के नाम न जुड़ने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद प्रत्याशी की जीत को ऐतिहासिक बताया और इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन दशक पुराने गढ़ में पहली सेंध करार दिया। तेजस्वी ने इस अवसर पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए और मतगणना में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।

तीन दशकों बाद राजद की ऐतिहासिक जीत

तेजस्वी यादव ने कहा कि कई वर्षों से राजद शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज नहीं कर पा रहा था और इन क्षेत्रों में पार्टी का कोई प्रतिनिधि नहीं था। पटना शिक्षक सीट पर यह जीत उस सिलसिले को तोड़ती है, जहाँ BJP लगातार 30 वर्षों से अपना वर्चस्व बनाए हुए थी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं और राजद के पक्ष में मतदान करने वाले मतदाताओं का आभार जताया।

गौरतलब है कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सामान्य विधानसभा सीटों से अलग होते हैं, जहाँ पंजीकृत शिक्षक और स्नातक मतदाता के रूप में अपना प्रतिनिधि चुनते हैं। इन क्षेत्रों में शिक्षा, रोज़गार और विश्वविद्यालयों की दशा केंद्रीय मुद्दे रहे हैं।

चुनाव आयोग पर पारदर्शिता के आरोप

जीत का जश्न मनाते हुए तेजस्वी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखे आरोप लगाए। उनके अनुसार, जिन तीन सीटों पर राजद प्रत्याशी नहीं जीत रहे थे, उनके परिणाम शाम छह बजे तक घोषित कर दिए गए, जबकि पार्टी के विजयी प्रत्याशी को देर रात तक प्रमाणपत्र नहीं दिया गया।

तेजस्वी ने दावा किया कि परिणामों में इस देरी और सूचना के आदान-प्रदान की कमी से संदेह पैदा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग BJP के इशारे पर काम कर रहा है — हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध संवैधानिक संस्थाओं से नहीं, बल्कि उन लोगों से है जो संस्थाओं में बैठकर BJP के लिए काम कर रहे हैं।

1 नवंबर को इंडिया गठबंधन का मार्च

तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि 1 नवंबर 2026 को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन की ओर से एक बड़ा मार्च और रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें वह स्वयं शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े कई खुलासों पर सवाल उठाए गए हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।

मतदाता सूची और स्नातक सीटों पर चिंता

तेजस्वी ने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कई पात्र स्नातकों के नाम सूची में शामिल नहीं हो सके, जिससे मतदान प्रभावित हुआ।

कोसी और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में राजद प्रत्याशी दूसरे स्थान पर हैं, जबकि कुछ सीटों पर मतगणना अभी जारी बताई गई है। तेजस्वी ने कहा कि आगामी चुनावों में पार्टी और अधिक मज़बूती के साथ मैदान में उतरेगी तथा सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर राजनीतिक संदेश बड़ा है — तेजस्वी यादव यह दिखाना चाहते हैं कि शिक्षित और पेशेवर मतदाता भी उनकी पार्टी की ओर झुक रहे हैं, जो परंपरागत रूप से BJP का आधार माना जाता था। चुनाव आयोग पर लगाए आरोप राजनीतिक रूप से तीखे हैं, लेकिन बिना दस्तावेज़ी साक्ष्य के इन्हें केवल दावे के स्तर पर ही रखना उचित है। असली सवाल यह है कि क्या राजद इन क्षेत्रों में संगठनात्मक ढाँचा बना पाएगा, या यह जीत एकमुश्त रहेगी — बिहार की आगामी विधानसभा राजनीति में इसका उत्तर ज़्यादा अहमियत रखता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजद ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में BJP का गढ़ कैसे तोड़ा?
राजद प्रत्याशी ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज करके BJP के 30 साल पुराने वर्चस्व को समाप्त किया। तेजस्वी यादव के अनुसार शिक्षा, रोज़गार और विश्वविद्यालयों की बदहाली जैसे मुद्दों ने मतदाताओं को प्रभावित किया।
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि जिन तीन सीटों पर राजद नहीं जीत रहा था, उनके परिणाम शाम छह बजे तक घोषित हो गए, जबकि विजयी राजद प्रत्याशी को देर रात तक जीत का प्रमाणपत्र नहीं दिया गया। उन्होंने इसे मतगणना में पारदर्शिता की कमी का उदाहरण बताया।
1 नवंबर 2026 का इंडिया गठबंधन का मार्च किस बारे में है?
इंडिया गठबंधन 1 नवंबर 2026 को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च और रैली आयोजित करेगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े खुलासों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा, इसलिए यह विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
बिहार के अन्य शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में राजद का क्या हाल रहा?
कोसी और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में राजद प्रत्याशी दूसरे स्थान पर हैं। तेजस्वी के अनुसार कुछ सीटों पर मतगणना अभी जारी थी।
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सामान्य विधानसभा सीटों से अलग कैसे होते हैं?
इन विशेष निर्वाचन क्षेत्रों में केवल पंजीकृत शिक्षक या स्नातक मतदाता के रूप में भाग ले सकते हैं और अपना प्रतिनिधि चुनते हैं। इनमें शिक्षा, रोज़गार और उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थिति मुख्य चुनावी मुद्दे होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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