दिल्ली: रोहित लांबा गैंग का फरार सदस्य आदित्य कुमार द्वारका मोड़ से गिरफ्तार, हत्या के प्रयास का था आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-II ने 4 जुलाई को हत्या के प्रयास के एक मामले में वांछित आरोपी आदित्य कुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नजफगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में अपने साथियों की गिरफ्तारी के बाद से फरार था और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश कर रहा था। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया सूचना के आधार पर उसे द्वारका मोड़ स्थित द्वारका अस्पताल के निकट दबोचा गया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, 26 जून को रोहित लांबा, आदित्य कुमार और रितिक ठाकुर स्कूटी पर सवार होकर अफजल नामक युवक के पास पहुँचे। तीनों ने उससे प्रतिद्वंद्वी गैंग से जुड़े मोहित भारद्वाज उर्फ मोनू के ठिकाने की जानकारी माँगी। अफजल द्वारा जानकारी देने से इनकार करने पर रोहित ने उसके सिर पर पिस्तौल तान दी और रितिक ने चाकू से हमला करने की कोशिश की। इस दौरान आदित्य ने अफजल को पकड़े रखा, जिससे उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं। गली में एक मोटरसाइकिल आने पर तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
विशेष टीम का गठन और गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदोरा के निर्देश पर इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम में एसआई कुलदीप, एसआई रवि भूषण, कांस्टेबल मुकेश और तकनीकी निगरानी में हेड कांस्टेबल भंवर की अहम भूमिका रही। निरंतर सर्विलांस के आधार पर आरोपी की लोकेशन द्वारका मोड़ के पास चिह्नित हुई, जहाँ जाल बिछाकर उसे पकड़ा गया। पुलिस को देखते ही आदित्य भागने लगा, लेकिन पीछा कर उसे काबू में कर लिया गया।
आरोपी की पृष्ठभूमि और गैंग से संबंध
पूछताछ में आदित्य ने बताया कि वह नजफगढ़ के धर्मपुरा का रहने वाला है और 10वीं तक पढ़ा है। कथित तौर पर लगभग तीन वर्ष पहले एक रिलायंस स्टोर में काम करने के दौरान वह रोहित लांबा के संपर्क में आया था। पुलिस के अनुसार, रोहित ने खुद को कुख्यात अशोक प्रधान गैंग का सदस्य बताते हुए आदित्य को अपने नेटवर्क में शामिल कर लिया था।
पुरानी गैंग रंजिश की पृष्ठभूमि
पुलिस के मुताबिक, रोहित लांबा गैंग और मोनू गैंग के बीच पुरानी दुश्मनी चली आ रही थी। अफजल पर हमला इसी रंजिश की कड़ी था — रोहित को संदेह था कि अफजल ने मोनू को उसकी गतिविधियों की सूचना दी थी। गौरतलब है कि 28 जून को नजफगढ़ थाना पुलिस ने मुठभेड़ के बाद रोहित लांबा और रितिक ठाकुर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
आगे की कार्रवाई
आदित्य की गिरफ्तारी से रोहित लांबा गैंग के खिलाफ चल रही जाँच को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा और फरार अपराधियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।