रोहित शेट्टी फायरिंग केस: आरोपी गोलू पंडित ने जांच में सहयोग से किया इनकार
सारांश
Key Takeaways
- रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की घटना हुई है।
- आरोपी गोलू पंडित ने जांच में सहयोग नहीं किया।
- मुख्य शूटर दीपक शर्मा को तीन लाख रुपए का वादा किया गया था।
- पुलिस ने 1600 मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया।
- एक संगठित आपराधिक नेटवर्क इस हमले के पीछे हो सकता है।
मुंबई, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के निवास पर हुई फायरिंग के मामले की जांच अब और गहराई में जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित से मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ जारी है, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।
पूछताछ के दौरान गोलू पंडित ने स्वीकार किया है कि वह लगभग दो साल पहले बिष्णोई गैंग से जुड़ा था और लगातार उनके संपर्क में रहा। उसने बताया कि वह सीधे लॉरेंस बिष्णोई से नहीं मिला, बल्कि उनके बीच एक तीसरा व्यक्ति था, जिसकी खोज पुलिस कर रही है। गोलू पंडित को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से गिरफ्तार किया गया था और वह अब क्राइम ब्रांच की कस्टडी में है। पुलिस के अनुसार, उसका मुख्य कार्य गैंग के लिए युवकों की भर्ती करना था, जो पैसों के लालच में आपराधिक गतिविधियों में शामिल होते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस हमले के लिए मुख्य शूटर दीपक शर्मा को तीन लाख रुपए देने का वादा किया गया था, जो गोलू पंडित के माध्यम से किया गया। दीपक और गोलू दोनों आगरा के बाह क्षेत्र के निवासी हैं और एक-दूसरे को पहले से जानते थे। आर्थिक तंगी के कारण दोनों ने इस साजिश में शामिल होने का निर्णय लिया। मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने इस मामले को सुलझाने के लिए आगरा में आठ दिन तक लगातार ऑपरेशन चलाया। तकनीकी जांच के तहत 1600 मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया, जिनमें से कई संदिग्ध हाल ही में सक्रिय पाए गए।
पुलिस ने मोबाइल टावर लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और नेटवर्क एनालिसिस के माध्यम से संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया। इस दौरान एक महत्वपूर्ण मोबाइल नंबर मिला, जिसने पूरे केस को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पुलिस को गोलू पंडित तक पहुंचने में मदद की।
जांच के दौरान एक अन्य व्यक्ति आरजू बिष्णोई की भूमिका भी सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने इस एंगल से जांच को और तेज कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले के पीछे एक संगठित आपराधिक नेटवर्क हो सकता है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने फायरिंग का तरीका YouTube पर देखे गए वीडियो से सीखा था, जिसके बाद उन्होंने साजिश रची और रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गोलू पंडित पहले से ही बिष्णोई गैंग से संपर्क में था और राजस्थान में फायरिंग की एक घटना में शामिल होने के आरोप में जेल भी जा चुका है। इससे यह संदेह और मजबूत हो गया है कि इस हमले के पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय है। फिलहाल, मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।