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क्या आरएसएस राष्ट्रवाद से प्रेरित युवा ट्रेनिंग लेते हैं? - मंत्री दयाशंकर सिंह

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क्या आरएसएस राष्ट्रवाद से प्रेरित युवा ट्रेनिंग लेते हैं? - मंत्री दयाशंकर सिंह

सारांश

उत्तर प्रदेश के मंत्री दयाशंकर सिंह ने आरएसएस को एक राष्ट्रवादी संगठन बताते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि युवा आरएसएस की शाखाओं से प्रशिक्षण लेते हैं और राष्ट्र के लिए समर्पित होते हैं। यह लेख राजनीतिक परिवारवाद और बिहार में विकास की चर्चा करता है।

मुख्य बातें

आरएसएस एक राष्ट्रवादी संगठन है जो युवाओं को प्रशिक्षण देता है।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप है।
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास हो रहा है।
जनता की समस्याओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
जनता का विश्वास विकास में है, न कि परिवारवाद में।

बलिया, 1 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि आरएसएस एक राष्ट्रवादी संगठन है। विश्वभर में इस विषय पर अध्ययन हो रहा है कि एक स्वयंसेवी संगठन देश के लिए इतना बड़ा जनसमर्थन कैसे प्राप्त कर सकता है।

मंत्री ने बताया कि जब कोई व्यक्ति आरएसएस की शाखा में शामिल होता है, तो वह देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने के लिए तत्पर हो जाता है। ऐसे राष्ट्रवादी संस्थान पर कांग्रेस का इस प्रकार का बयान अत्यंत खेदजनक है। राष्ट्रवाद से प्रेरित युवा आरएसएस की शाखाओं से प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ये तीनों राजनीतिक दल (कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राजद) परिवार आधारित दल हैं। जो निर्णय वे अपने परिवार के भीतर लेते हैं, उसे सही मानते हैं। कांग्रेस पार्टी ने आजादी के इतने वर्षों बाद भी एक भी नेता अपने परिवार के बाहर नहीं पैदा किया है। समाजवादी पार्टी में पहले से लेकर 24वें स्थान तक, सभी कुछ परिवार के सदस्यों द्वारा संचालित होता है।

बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान 'जननायक' विवाद के संबंध में, यूपी के मंत्री दयाशंकर सिंह ने कांग्रेस, राजद, और समाजवादी पार्टी पर फिर से हमला किया। उन्होंने कहा कि ये तीनों दल परिवार के लोगों से ही भरे हुए हैं। जनता को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बिहार की जनता को सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास से संतोष है।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि परिवार के संरक्षण में चलने वाली पार्टी चाहे जो भी कहे। राजद के कार्यकर्ता तेजस्वी को नायक मानते हैं, जबकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता राहुल गांधी और अखिलेश यादव को जननायक मानते हैं। इन परिवारवाद को बढ़ावा देने वाले दलों को समझना चाहिए कि जननायक कहलाने से कोई जननायक नहीं बनता, यह उपमा जनता द्वारा दी जाती है।

उन्होंने बिहार की एनडीए सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिहार की जनता सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा करती है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में बिहार में विकास हो रहा है। परिवारवादी दलों की बातों का जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक विमर्श में परिवारवाद एक प्रमुख मुद्दा बन चुका है। विभिन्न दलों के भीतर और बाहर के नेताओं की पहचान और उनकी भूमिका पर ध्यान देना जरूरी है। राष्ट्रवाद और विकास की बातें सुनने में आकर्षक हैं, लेकिन असली मुद्दा है जनहित और पारदर्शिता।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसएस के युवा प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
आरएसएस के युवा प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र की सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी से परिचित कराना है।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर दयाशंकर सिंह का क्या आरोप है?
दयाशंकर सिंह ने आरोप लगाया है कि ये दल परिवार आधारित हैं और जनता के मुद्दों से दूर हैं।
बिहार में विकास की स्थिति क्या है?
बिहार में सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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