9 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

साबरमती स्टेशन रीडेवलपमेंट: ₹335 करोड़ के प्रोजेक्ट का 85% काम पूरा, मेट्रो-हाई-स्पीड रेल से जुड़ेगा हब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
साबरमती स्टेशन रीडेवलपमेंट: ₹335 करोड़ के प्रोजेक्ट का 85% काम पूरा, मेट्रो-हाई-स्पीड रेल से जुड़ेगा हब

सारांश

₹335 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे साबरमती स्टेशन का 85% काम पूरा — अब यह सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि मेट्रो, हाई-स्पीड रेल और सड़क परिवहन को एक छत के नीचे लाने वाला अहमदाबाद का पहला मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनने की राह पर है।

मुख्य बातें

साबरमती रेलवे स्टेशन के ₹335 करोड़ के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का 85% काम पूरा हो चुका है।
स्टेशन को साबरमती मेट्रो , एईसी मेट्रो और हाई-स्पीड रेल से जोड़ने वाला मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाया जा रहा है।
कुल 28 लिफ्ट और 28 एस्केलेटर ; SCADA व BMS आधारित स्मार्ट-बिल्डिंग प्रणाली होगी।
86,000 वर्ग फीट के दो-मंजिला होल्डिंग एरिया में एक साथ 10,000 यात्री बैठ सकेंगे।
स्टेशन को IGBC गोल्ड-रेटेड ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जाएगा और 1,300 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगेगा।
फिलहाल स्टेशन से रोज़ाना 35,000 से अधिक यात्री आवागमन करते हैं; 19 ट्रेनें यहाँ से आरंभ होती हैं।

अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन का ₹335 करोड़ का पुनर्विकास कार्य तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है — अब तक लगभग 85 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। पश्चिम रेलवे के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन को साबरमती मेट्रो, एईसी मेट्रो और हाई-स्पीड रेल स्टेशन से जोड़ने वाले एकीकृत मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। रोज़ाना 35,000 से अधिक यात्रियों का आवागमन संभालने वाला यह स्टेशन पुनर्विकास के बाद गुजरात के सबसे आधुनिक रेल परिसरों में शुमार होगा।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्य स्टेशन भवन का पूर्वी खंड काफी हद तक तैयार हो चुका है। यूटीएस (UTS), पीआरएस (PRS) और टिकट काउंटर पहले से ही यात्रियों के लिए चालू हैं। वेटिंग एरिया को पूर्वी हिस्से में स्थानांतरित किया जा चुका है और वहाँ लिफ्ट व एस्केलेटर सेवाएँ भी शुरू हो गई हैं। कुल 28 लिफ्ट और 28 एस्केलेटर इस परियोजना में शामिल हैं।

स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक

पुनर्विकसित स्टेशन में एक एकीकृत स्मार्ट-बिल्डिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी, जिसमें सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (SCADA) और बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) शामिल हैं। इसके अलावा एकीकृत सीसीटीवी सर्विलांस, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, एक्सेस कंट्रोल, आईटी नेटवर्किंग और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसी सुविधाएँ होंगी, जो ट्रेन की आवाजाही और अन्य जानकारी रियल-टाइम में उपलब्ध कराएँगी।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण को लेकर केंद्र सरकार का ज़ोर लगातार बढ़ रहा है। साबरमती इस बदलाव का एक प्रमुख मॉडल बन सकता है।

यात्री सुविधाएँ और दिव्यांग-अनुकूल व्यवस्था

लिफ्ट में ब्रेल सुविधाएँ, गाइड और वॉर्निंग टाइल्स तथा दिशा-निर्देश संकेत उपलब्ध होंगे। दिव्यांग-अनुकूल टिकट काउंटर, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) और पेयजल की सुविधाएँ भी दी जाएंगी। पैसेंजर कॉनकोर्स में वेटिंग एरिया, टॉयलेट, महिलाओं और बच्चों के लिए बेबी-केयर रूम, कमर्शियल सुविधाएँ और कैफेटेरिया होंगे।

परिवहन सुगमता के लिए आगमन और प्रस्थान हेतु अलग-अलग ज़ोन बनाए जा रहे हैं। दो-पहिया वाहन, कार, ऑटो और बस — सभी के लिए निर्धारित पार्किंग और ईवी चार्जिंग की व्यवस्था भी होगी।

होल्डिंग एरिया और त्योहारी भीड़ प्रबंधन

लगभग 86,000 वर्ग फीट में फैला एक दो-मंजिला होल्डिंग एरिया निर्मित किया जा रहा है — प्रत्येक मंजिल लगभग 43,000 वर्ग फीट की। इसमें एक साथ 10,000 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। होली, दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के दौरान बड़े पैमाने पर होने वाली भीड़ को सुचारु रूप से संभालना इसका मुख्य उद्देश्य है। यहाँ बैठने की जगह, पेयजल, रिफ्रेशमेंट सेंटर और पुरुष, महिला व दिव्यांग — तीनों के लिए अलग-अलग टॉयलेट होंगे।

हरित भवन और कनेक्टिविटी

स्टेशन परिसर को IGBC गोल्ड-रेटेड ग्रीन बिल्डिंग के मानकों पर तैयार किया जा रहा है। परिसर में 1,300 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव है। साबरमती (SBI) स्टेशन की छत लगभग 20 मीटर ऊँची है और अहमदाबाद-साइड एफओबी से दिल्ली-साइड एफओबी तक स्टेशन का कुल क्षेत्रफल 32 लाख वर्ग फीट से अधिक है।

गौरतलब है कि फिलहाल साबरमती स्टेशन से 19 ट्रेनें आरंभ होती हैं और 22 ट्रेनें यहाँ से गुजरती हैं। पुनर्विकास के बाद मेट्रो और हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी इस हब को पश्चिम भारत के सबसे महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट नोड्स में से एक बनाने की क्षमता रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि मेट्रो और हाई-स्पीड रेल से एकीकरण समयसीमा में हो — क्योंकि भारत में कई मल्टीमॉडल परियोजनाएँ 'हब' के नाम पर बनती हैं और कनेक्टिविटी के अभाव में सिर्फ बड़ी इमारतें बनकर रह जाती हैं। ₹335 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में ग्रीन बिल्डिंग और स्मार्ट सिस्टम की योजनाएँ उत्साहजनक हैं, पर रोज़ाना 35,000 यात्रियों की ज़रूरतों को देखते हुए परिचालन दक्षता और अंतिम-मील कनेक्टिविटी ही इसकी सफलता का असली मापदंड होगी।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साबरमती रेलवे स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट क्या है?
यह पश्चिम रेलवे द्वारा ₹335 करोड़ की लागत से साबरमती स्टेशन को आधुनिक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में पुनर्विकसित करने की परियोजना है। इसमें मेट्रो, हाई-स्पीड रेल और सड़क परिवहन को एकीकृत करने के साथ-साथ स्मार्ट-बिल्डिंग सिस्टम और यात्री सुविधाएँ शामिल हैं।
साबरमती स्टेशन रीडेवलपमेंट का काम कितना पूरा हो चुका है?
8 अक्टूबर 2026 तक इस प्रोजेक्ट का लगभग 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मुख्य स्टेशन भवन का पूर्वी हिस्सा काफी हद तक तैयार है और टिकट काउंटर, लिफ्ट व एस्केलेटर चालू हो चुके हैं।
साबरमती स्टेशन को किन परिवहन साधनों से जोड़ा जाएगा?
स्टेशन को साबरमती मेट्रो, एईसी मेट्रो और हाई-स्पीड रेल स्टेशन से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री विभिन्न परिवहन साधनों के बीच आसानी से आ-जा सकेंगे। यह अहमदाबाद का पहला एकीकृत मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब होगा।
होल्डिंग एरिया की क्षमता और उद्देश्य क्या है?
लगभग 86,000 वर्ग फीट के दो-मंजिला होल्डिंग एरिया में एक साथ 10,000 यात्री बैठ सकेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य होली, दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के दौरान बड़ी भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से संभालना है।
साबरमती स्टेशन पर पर्यावरण संबंधी क्या उपाय किए जा रहे हैं?
स्टेशन को IGBC गोल्ड-रेटेड ग्रीन बिल्डिंग के मानकों पर विकसित किया जा रहा है और परिसर में 1,300 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव है। प्राकृतिक प्रकाश के बेहतर उपयोग के लिए प्लेटफॉर्म पर स्काईलाइट्स भी लगाए जाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले