सागर जहरीली शराब कांड: मुख्य आरोपी मनीष लोधी मुठभेड़ में घायल, साथी आशीष साहू समेत गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब त्रासदी के मुख्य आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत को 23 सितंबर 2026 की तड़के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथी आशीष साहू को भी इसी कार्रवाई में पकड़ा गया और दोनों को फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन बताया जा रहा है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, मालथौन थाना क्षेत्र में नोनिया सेसाई रोड घाटी पर सुबह करीब 3 बजे तलाशी अभियान के दौरान पुलिस दल का सामना मनीष लोधी और आशीष साहू से हुआ। आरोपियों ने पहले पुलिस टीम पर गोलीबारी की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में चलाई गई गोली लोधी के पैर में लगी। गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में भागते समय आशीष साहू भी घायल हो गया।
घटनास्थल से पुलिस ने दो देसी पिस्तौल, पाँच कारतूस और एक बेसबॉल बैट बरामद किया। पुलिस अधिकारी ने बताया, 'घटनास्थल पर ज़रूरी कार्रवाई, हथियार और अन्य सबूत इकट्ठा करना और घायलों की मेडिकल जाँच की जा रही है। नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई और विस्तृत जाँच चल रही है।'
आरोपी की पृष्ठभूमि
मनीष लोधी पर ₹30,000 का इनाम घोषित था और वह बांदा व शाहगढ़ इलाकों में हुई जहरीली शराब त्रासदी का मुख्य संदिग्ध माना जा रहा था। सागर पुलिस उसे पकड़ने के लिए लंबे समय से सघन ऑपरेशन चला रही थी। यह त्रासदी सितंबर 2026 की शुरुआत में सागर जिले के बांदा और शाहगढ़ इलाकों में हुई थी, जब कई लोगों ने कथित तौर पर जहरीली शराब का सेवन कर लिया और उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो गईं।
इससे पहले हुई गिरफ्तारियाँ
गौरतलब है कि 11 सितंबर 2026 को इसी मामले के एक अन्य मुख्य आरोपी रवि लखेरा को भी बरायथा जंगल में पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया था। लखेरा को इलाज के लिए बांदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसकी गिरफ्तारी में सहायता के लिए ₹20,000 के इनाम की घोषणा की गई थी।
यह ऐसे समय में आया है जब पुलिस और आबकारी विभाग इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। अब तक दो थानों में 33 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है और लगभग 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आम जनता और प्रशासन पर असर
जहरीली शराब से प्रभावित अनेक लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा था। इस घटना ने मध्य प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार की भयावह तस्वीर उजागर की है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियान के बाद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
आगे की जाँच
अधिकारियों के अनुसार मामले में विस्तृत जाँच जारी है और अन्य संभावित संदिग्धों की तलाश की जा रही है। मनीष लोधी और आशीष साहू के अस्पताल से ठीक होने के बाद उनसे गहन पूछताछ की जाएगी। इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया और आबकारी विभाग की जवाबदेही तय करना अभी बाकी है।