25 सितंबर 2026
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मजीठा में कौशल विकास केंद्र के लिए सांसद साहनी का ₹51 लाख का योगदान, नशा मुक्ति को मिलेगी नई दिशा

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मजीठा में कौशल विकास केंद्र के लिए सांसद साहनी का ₹51 लाख का योगदान, नशा मुक्ति को मिलेगी नई दिशा

सारांश

राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने मजीठा में ₹51 लाख के कौशल विकास केंद्र की घोषणा कर नशा मुक्ति की लड़ाई को नया आयाम दिया — सिर्फ जागरूकता नहीं, बल्कि रोज़गार और अवसर भी।

मुख्य बातें

राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने 25 सितंबर 2026 को मजीठा, पंजाब में कौशल विकास केंद्र के लिए ₹51 लाख के योगदान की घोषणा की।
घोषणा नशा मुक्त पंजाब यात्रा के दौरान की गई, जो नशे के विकल्प के रूप में युवाओं को रोज़गार से जोड़ने पर केंद्रित है।
प्रस्तावित केंद्र बाज़ार-उन्मुख व्यावसायिक प्रशिक्षण देगा ताकि युवाओं को सम्मानजनक आजीविका मिल सके।
साहनी ने कहा कि नशे की संस्कृति को उद्यमशीलता और अवसरों की संस्कृति से बदलना होगा।
उन्होंने समाज से आग्रह किया कि नशे से प्रभावित युवाओं को उत्पादक जीवन की ओर लौटने में सामूहिक सहयोग दिया जाए।

राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने 25 सितंबर 2026 को पंजाब के मजीठा में एक कौशल विकास केंद्र की स्थापना के लिए ₹51 लाख के व्यक्तिगत योगदान की घोषणा की। यह ऐलान नशा मुक्त पंजाब यात्रा के दौरान किया गया, जो युवाओं को रोज़गारोन्मुख प्रशिक्षण देकर नशे की लत के विकल्प तैयार करने पर केंद्रित है।

घोषणा की पृष्ठभूमि

साहनी ने नशा मुक्त पंजाब यात्रा को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल जागरूकता अभियानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनके अनुसार, इस लड़ाई में शिक्षा, कौशल विकास, रोज़गार और पुनर्वास के अवसर भी बराबर के साझीदार होने चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या राज्य-स्तरीय नीति-निर्माताओं और सामाजिक संगठनों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

प्रस्तावित केंद्र की विशेषताएँ

साहनी ने बताया कि मजीठा में प्रस्तावित कौशल केंद्र बाज़ार-उन्मुख व्यावसायिक प्रशिक्षण पर ध्यान देगा, जिससे प्रशिक्षार्थियों को सम्मानजनक आजीविका कमाने के वास्तविक अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा, 'कौशल, नौकरी और उद्देश्य की भावना से युक्त युवा नशे से दूर रहने के लिए कहीं अधिक सक्षम होते हैं।' केंद्र का लक्ष्य रोज़गार की संभावनाओं को बेहतर बनाना और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

नशा मुक्ति की व्यापक रणनीति

साहनी ने ज़ोर दिया कि नशे की संस्कृति को अवसरों, उद्यमशीलता और आत्मविश्वास की संस्कृति से बदला जाना चाहिए। उनके शब्दों में, 'हमारी नशा मुक्त यात्रा का उद्देश्य केवल युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए कहना नहीं है — इसका उद्देश्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें उन्हें शिक्षा, कौशल, रोज़गार और आशा मिलें।' गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए कई सरकारी और गैर-सरकारी प्रयास पहले से जारी हैं, लेकिन रोज़गार सृजन को इस अभियान से जोड़ने की माँग लंबे समय से उठती रही है।

समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल

सांसद साहनी ने अभियान के दौरान इस बात पर भी जोर दिया कि नशे से प्रभावित युवाओं को उत्पादक जीवन की ओर लौटने में मदद के लिए पूरे समाज को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा, 'पंजाब में अपार प्रतिभा है — हमारी जिम्मेदारी है कि हम यह सुनिश्चित करें कि इस प्रतिभा को यहीं सही अवसर मिलें, न कि हमारे युवा नशे की लत या निराशा के जाल में फंस जाएं।' यह बयान उस व्यापक बहस को भी रेखांकित करता है जिसमें पंजाब के युवाओं के पलायन और बेरोज़गारी को नशे की जड़ के रूप में देखा जाता है।

आगे की राह

₹51 लाख के इस योगदान से मजीठा में केंद्र की स्थापना की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि कौशल विकास को नशा मुक्ति अभियान से जोड़ना एक दीर्घकालिक और टिकाऊ नीतिगत दृष्टिकोण हो सकता है। साहनी की यह पहल पंजाब के अन्य सांसदों और नेताओं के लिए भी एक नज़ीर बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह एक सद्प्रयास से आगे नहीं जा सकती।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विक्रमजीत सिंह साहनी ने मजीठा में क्या घोषणा की?
राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने 25 सितंबर 2026 को मजीठा, पंजाब में एक कौशल विकास केंद्र की स्थापना के लिए ₹51 लाख के व्यक्तिगत योगदान की घोषणा की। यह ऐलान नशा मुक्त पंजाब यात्रा के दौरान किया गया।
मजीठा कौशल विकास केंद्र का उद्देश्य क्या है?
प्रस्तावित केंद्र का उद्देश्य पंजाब के युवाओं को बाज़ार-उन्मुख व्यावसायिक प्रशिक्षण देना है ताकि वे सम्मानजनक रोज़गार पा सकें। साहनी का मानना है कि कौशल और रोज़गार के अवसर नशे की लत के सबसे प्रभावी विकल्प हैं।
नशा मुक्त पंजाब यात्रा क्या है?
नशा मुक्त पंजाब यात्रा पंजाब में नशे के विरुद्ध चलाया जा रहा एक जागरूकता एवं सामाजिक अभियान है। इसमें जागरूकता के साथ-साथ शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास के अवसर भी शामिल करने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
साहनी की इस पहल से पंजाब के युवाओं को कैसे फायदा होगा?
कौशल विकास केंद्र के ज़रिये युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी रोज़गार-क्षमता बढ़ेगी और वे नशे की लत से दूर रह सकेंगे। साहनी के अनुसार उद्देश्यपूर्ण रोज़गार युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से बचाने का सबसे कारगर माध्यम है।
पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए कौशल विकास क्यों जरूरी है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि बेरोज़गारी और अवसरों की कमी पंजाब में नशे की व्यापकता के प्रमुख कारणों में से एक है। केवल कानूनी कार्रवाई या जागरूकता से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलता — रोज़गार और कौशल विकास दीर्घकालिक समाधान प्रदान करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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