'युद्ध नशों के विरुद्ध': एसएएस नगर में समीक्षा बैठक, मार्च 2025 से 2,251 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार द्वारा संचालित 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान के दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा के लिए शुक्रवार, 26 जून को जिला प्रशासनिक परिसर, सेक्टर-76, एसएएस नगर (मोहाली) में एक जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने की और इसमें नशे की रोकथाम, पुनर्वास तथा सामुदायिक भागीदारी को और सुदृढ़ करने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में उपायुक्त कोमल मित्तल, एसएसपी (अतिरिक्त प्रभार) मनिंदर सिंह, एसपी दीपिका सिंह, एसडीएम खरड़ गुरमीत सिंह, एसडीएम बनूड़ रमणदीप कौर, संयुक्त आयुक्त नगर निगम मोहाली नवदीप सिंह, सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन, डीडीपीओ परमबीर कौर, नशा मुक्ति केंद्र प्रभारी डॉ. पूजा गर्ग तथा अभियान की जोन इंचार्ज अनू बब्बर सहित विधानसभा क्षेत्र प्रभारी, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और पंचायत अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस की कार्रवाई और आँकड़े
मार्च 2025 से अब तक चिन्हित 660 नशा विक्रेताओं में से 314 और 85 चिन्हित नशा तस्करों में से 55 को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी अवधि में एनडीपीएस अधिनियम व संबंधित धाराओं के तहत 1,587 एफआईआर दर्ज करते हुए 2,251 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
जिला पुलिस प्रमुख मनिंदर सिंह ने बताया कि प्रतिदिन 20 दिन के और 20 रात्रिकालीन नाके लगाए जा रहे हैं तथा 20 से 30 नियमित छापेमारी की जा रही है। हॉटस्पॉट और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाए जा रहे हैं। नशे के कारोबार से जुड़ी अवैध संपत्तियों का पता लगाने के लिए बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन तथा चल-अचल संपत्तियों की जाँच भी की जा रही है।
पुनर्वास और उपचार सुविधाएँ
उपायुक्त कोमल मित्तल ने बताया कि जिला नशा मुक्ति केंद्र में 100 बिस्तरों की क्षमता के साथ नशा प्रभावित युवाओं का उपचार किया जा रहा है और साथ ही उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण देकर पुनर्वास के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जिले में 26 ओओएटी (ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट) केंद्रों के माध्यम से ओपीडी आधारित उपचार और दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सामुदायिक भागीदारी
सांसद मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए सभी विभागों में आपसी समन्वय आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए, युवाओं को खेलों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए तथा उपचार की ज़रूरत वाले लोगों को प्राथमिकता के आधार पर पुनर्वास सुविधाएँ दी जाएँ।
कंग ने यह भी कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे से जोड़कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, जबकि वे क्रिकेट, हॉकी, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और सशस्त्र सेनाओं में उच्च पदों पर सेवाएँ दे रहे हैं। मार्च 2025 से अब तक विलेज एवं वार्ड डिफेंस कमेटियों (वीडीसी/डब्ल्यूडीसी) के साथ कुल 5,688 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
आगे की राह
बैठक में सहमति बनी कि विभागों के बीच समन्वय और बढ़ाया जाएगा, नशा प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास को और मज़बूत किया जाएगा तथा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। यह अभियान पंजाब सरकार की नशा-मुक्त राज्य की प्रतिबद्धता का हिस्सा है और आने वाले महीनों में इसके दायरे को और विस्तृत किए जाने की संभावना है।