26 जून 2026
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'युद्ध नशों के विरुद्ध': एसएएस नगर में समीक्षा बैठक, मार्च 2025 से 2,251 गिरफ्तार

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'युद्ध नशों के विरुद्ध': एसएएस नगर में समीक्षा बैठक, मार्च 2025 से 2,251 गिरफ्तार

सारांश

पंजाब के 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान की एसएएस नगर में समीक्षा — मार्च 2025 से अब तक 2,251 गिरफ्तारियाँ, 1,587 एफआईआर और 5,688 सामुदायिक बैठकें। 100 बिस्तरों का नशा मुक्ति केंद्र और 26 ओओएटी क्लीनिक उपचार की धुरी बने हुए हैं।

मुख्य बातें

26 जून को एसएएस नगर (मोहाली) में सांसद मलविंदर सिंह कंग की अध्यक्षता में 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई।
मार्च 2025 से अब तक 1,587 एफआईआर दर्ज और 2,251 व्यक्ति गिरफ्तार।
चिन्हित 660 नशा विक्रेताओं में से 314 और 85 तस्करों में से 55 गिरफ्तार।
जिला नशा मुक्ति केंद्र में 100 बिस्तर ; जिले में 26 ओओएटी केंद्र सक्रिय।
वीडीसी/डब्ल्यूडीसी के साथ मार्च 2025 से कुल 5,688 सामुदायिक बैठकें आयोजित।
प्रतिदिन 20 दिन के व 20 रात्रिकालीन नाके और 20-30 छापेमारी जारी।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार द्वारा संचालित 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान के दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा के लिए शुक्रवार, 26 जून को जिला प्रशासनिक परिसर, सेक्टर-76, एसएएस नगर (मोहाली) में एक जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने की और इसमें नशे की रोकथाम, पुनर्वास तथा सामुदायिक भागीदारी को और सुदृढ़ करने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में उपायुक्त कोमल मित्तल, एसएसपी (अतिरिक्त प्रभार) मनिंदर सिंह, एसपी दीपिका सिंह, एसडीएम खरड़ गुरमीत सिंह, एसडीएम बनूड़ रमणदीप कौर, संयुक्त आयुक्त नगर निगम मोहाली नवदीप सिंह, सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन, डीडीपीओ परमबीर कौर, नशा मुक्ति केंद्र प्रभारी डॉ. पूजा गर्ग तथा अभियान की जोन इंचार्ज अनू बब्बर सहित विधानसभा क्षेत्र प्रभारी, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और पंचायत अधिकारी उपस्थित रहे।

पुलिस की कार्रवाई और आँकड़े

मार्च 2025 से अब तक चिन्हित 660 नशा विक्रेताओं में से 314 और 85 चिन्हित नशा तस्करों में से 55 को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी अवधि में एनडीपीएस अधिनियम व संबंधित धाराओं के तहत 1,587 एफआईआर दर्ज करते हुए 2,251 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

जिला पुलिस प्रमुख मनिंदर सिंह ने बताया कि प्रतिदिन 20 दिन के और 20 रात्रिकालीन नाके लगाए जा रहे हैं तथा 20 से 30 नियमित छापेमारी की जा रही है। हॉटस्पॉट और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाए जा रहे हैं। नशे के कारोबार से जुड़ी अवैध संपत्तियों का पता लगाने के लिए बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन तथा चल-अचल संपत्तियों की जाँच भी की जा रही है।

पुनर्वास और उपचार सुविधाएँ

उपायुक्त कोमल मित्तल ने बताया कि जिला नशा मुक्ति केंद्र में 100 बिस्तरों की क्षमता के साथ नशा प्रभावित युवाओं का उपचार किया जा रहा है और साथ ही उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण देकर पुनर्वास के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जिले में 26 ओओएटी (ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट) केंद्रों के माध्यम से ओपीडी आधारित उपचार और दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सामुदायिक भागीदारी

सांसद मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए सभी विभागों में आपसी समन्वय आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए, युवाओं को खेलों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए तथा उपचार की ज़रूरत वाले लोगों को प्राथमिकता के आधार पर पुनर्वास सुविधाएँ दी जाएँ।

कंग ने यह भी कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे से जोड़कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, जबकि वे क्रिकेट, हॉकी, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और सशस्त्र सेनाओं में उच्च पदों पर सेवाएँ दे रहे हैं। मार्च 2025 से अब तक विलेज एवं वार्ड डिफेंस कमेटियों (वीडीसी/डब्ल्यूडीसी) के साथ कुल 5,688 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।

आगे की राह

बैठक में सहमति बनी कि विभागों के बीच समन्वय और बढ़ाया जाएगा, नशा प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास को और मज़बूत किया जाएगा तथा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। यह अभियान पंजाब सरकार की नशा-मुक्त राज्य की प्रतिबद्धता का हिस्सा है और आने वाले महीनों में इसके दायरे को और विस्तृत किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

251 गिरफ्तारियाँ और 5,688 सामुदायिक बैठकें — लेकिन असली कसौटी यह है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में आपूर्ति श्रृंखला के बड़े खिलाड़ी कितने हैं और खुदरा विक्रेता कितने। पंजाब में पिछले नशा-विरोधी अभियानों का इतिहास बताता है कि निचले स्तर की गिरफ्तारियाँ अधिक होती हैं जबकि नेटवर्क के शीर्ष तक पहुँचना कठिन रहता है। 100 बिस्तरों का पुनर्वास केंद्र और 26 ओओएटी क्लीनिक सकारात्मक कदम हैं, परंतु जब तक पुनर्वास के बाद रोज़गार और सामाजिक पुनर्एकीकरण का ढाँचा नहीं बनता, पुनरावृत्ति की दर ऊँची बनी रहेगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान क्या है?
यह पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा चलाया जा रहा नशा-विरोधी अभियान है, जिसका उद्देश्य नशीले पदार्थों की रोकथाम, तस्करों पर कार्रवाई, उपचार और सामुदायिक भागीदारी के ज़रिए राज्य को नशा मुक्त बनाना है। अभियान के दूसरे चरण में मार्च 2025 से अब तक 2,251 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसएएस नगर में 26 जून की बैठक में क्या हुआ?
सांसद मलविंदर सिंह कंग की अध्यक्षता में जिला प्रशासनिक परिसर, सेक्टर-76 में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसमें अभियान के दूसरे चरण की उपलब्धियों की समीक्षा की गई और विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर सहमति बनी।
अभियान के तहत अब तक कितनी गिरफ्तारियाँ हुई हैं?
मार्च 2025 से अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 1,587 एफआईआर दर्ज कर 2,251 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 660 चिन्हित नशा विक्रेताओं में से 314 और 85 चिन्हित तस्करों में से 55 शामिल हैं।
नशा प्रभावित व्यक्तियों के उपचार की क्या व्यवस्था है?
जिला नशा मुक्ति केंद्र 100 बिस्तरों की क्षमता के साथ उपचार और कौशल विकास प्रशिक्षण दे रहा है। इसके अलावा जिले में 26 ओओएटी (ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट) केंद्रों के माध्यम से ओपीडी आधारित उपचार और दवाइयाँ उपलब्ध हैं।
सामुदायिक भागीदारी के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
पुलिस ने मार्च 2025 से अब तक विलेज एवं वार्ड डिफेंस कमेटियों (वीडीसी/डब्ल्यूडीसी) के साथ 5,688 बैठकें आयोजित की हैं। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों और एसोसिएशनों के साथ नियमित बैठकें कर जागरूकता फैलाई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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