वोट चोरी प्रदर्शन रोकने के लिए ट्रेनें बंद कर रही सरकार: सज्जन सिंह वर्मा का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने 9 अक्टूबर 2026 को भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह वोट चोरी के मुद्दे पर जंतर-मंतर, नई दिल्ली में प्रस्तावित विपक्षी प्रदर्शन में युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भागीदारी जानबूझकर रोकने की कोशिश कर रही है। उनका आरोप है कि इंदौर, इटारसी और रतलाम सहित कई स्थानों से दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रोका जा रहा है, ताकि प्रदर्शनकारी राजधानी न पहुँच सकें।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
वर्मा ने इंदौर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से विभिन्न राज्यों में जाकर वोट चोरी का मुद्दा उठाते रहे हैं, किंतु सत्तारूढ़ दल ने इसे लगातार नजरअंदाज किया। उन्होंने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयोग से जुड़े मामलों में 14 शिकायतें दी गईं, लेकिन कथित तौर पर उन पर उचित कार्रवाई नहीं हुई।
वर्मा ने यह भी कहा कि मताधिकार से संबंधित कानून में किए गए संशोधनों को लेकर भी गंभीर सवाल उठते हैं, और विपक्ष इसी कारण लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
परिवहन व्यवस्था पर सवाल
वर्मा के अनुसार, सरकार न केवल ट्रेनों को रोक रही है, बल्कि दिल्ली मेट्रो और अन्य वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इन बाधाओं के बावजूद युवा मतदाता अपने भविष्य और मताधिकार के मुद्दे पर आवाज उठाने के लिए दिल्ली पहुँचने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यहाँ तक कहा कि प्रदर्शन में युवाओं के साथ उनके माता-पिता भी शामिल हो सकते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनावी पारदर्शिता को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी मुहिम तेज कर रहे हैं। गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन राहुल गांधी के नेतृत्व में बुलाई गई रैलियों की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है।
गिरिराज सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कथित तौर पर राहुल गांधी पर आरोप लगाया था कि वे युवाओं को भड़का रहे हैं और नेपाल तथा बांग्लादेश जैसी परिस्थितियाँ पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बयान पर वर्मा ने तीखी आपत्ति जताई और कहा कि गिरिराज सिंह को इस तरह के बयान देने से पहले मुद्दे का गहन अध्ययन करना चाहिए। वर्मा के अनुसार, अलग-अलग देशों में युवाओं की नाराज़गी के पीछे वहाँ की सरकारों के निर्णय जिम्मेदार होते हैं — राहुल गांधी का उद्देश्य युवाओं को भड़काना नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
चुनाव आयोग पर जवाबदेही की माँग
वर्मा ने माँग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बुनियादी शर्त यही है कि मतदाता जिस उम्मीदवार को वोट दे, वह वोट उसी के पक्ष में दर्ज हो। मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जाने और वोटों को लेकर उठ रहे सवालों पर भाजपा नेताओं से जवाब माँगते हुए उन्होंने कहा कि इन आरोपों की गंभीरता से जाँच होनी चाहिए।
आलोचकों का कहना है कि जब तक इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच नहीं होती, चुनावी प्रक्रिया में जन-विश्वास बहाल करना कठिन रहेगा। आने वाले दिनों में जंतर-मंतर प्रदर्शन की सफलता और सरकार की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह मुद्दा संसद तक पहुँचता है या नहीं।