रानी कपूर की सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी: 'आरके फैमिली ट्रस्ट' में दखल रोकने और 18 मई की बोर्ड मीटिंग पर स्टे की मांग
सारांश
मुख्य बातें
दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद में नया मोड़ आया है। उनकी माँ रानी कपूर ने सर्वोच्च न्यायालय में एक नई अर्जी दाखिल कर माँग की है कि संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर और अन्य संबंधित पक्षों को 'आरके फैमिली ट्रस्ट' के कामकाज में हस्तक्षेप करने से रोका जाए। यह अर्जी 12 मई 2026 को दाखिल की गई और जस्टिस जे. बी. पारदीवाला की पीठ ने सुनवाई की तारीख 14 मई तय की है।
अर्जी में क्या माँगा गया
रानी कपूर ने अपनी अर्जी में कहा है कि जब तक अदालत द्वारा शुरू की गई मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक ट्रस्ट से जुड़े किसी भी बड़े फैसले या संचालन में बदलाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी माँग की है कि रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 8 मई को जारी नोटिस के आधार पर 18 मई को प्रस्तावित बोर्ड मीटिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए।
रानी कपूर के अनुसार, इस मीटिंग का उद्देश्य बोर्ड में अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति करना है, जो मौजूदा विवाद को और गहरा कर सकता है और संपत्ति पर नियंत्रण को प्रभावित कर सकता है। रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के पास कथित तौर पर विवादित फैमिली एस्टेट का बड़ा हिस्सा है।
विवाद की पृष्ठभूमि
संजय कपूर की मृत्यु के बाद से परिवार में ट्रस्ट और संपत्ति के नियंत्रण को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। रानी कपूर का आरोप है कि उनके बेटे की मौत के बाद ट्रस्ट और संबंधित कंपनियों पर धीरे-धीरे नियंत्रण बदल दिया गया और उन्हें संपत्ति से दूर किया जाता रहा।
उनका यह भी दावा है कि 'आरके फैमिली ट्रस्ट' से जुड़े कुछ दस्तावेज उनकी जानकारी और सहमति के बिना तैयार किए गए। उनके अनुसार ट्रस्ट और कंपनियों के फैसलों में पारदर्शिता नहीं रखी गई और उनकी भूमिका को नजरअंदाज किया गया।
करिश्मा कपूर के बच्चों की भूमिका
इस विवाद में एक और अहम पहलू यह है कि अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों का नाम भी इस मामले से जुड़ा है। उन्होंने भी संजय कपूर की कथित वसीयत को चुनौती देते हुए संपत्ति में अपने अधिकार का दावा किया है।
गौरतलब है कि यह विवाद सिर्फ एक पारिवारिक झगड़ा नहीं, बल्कि एक बड़े कारोबारी ट्रस्ट और उससे जुड़ी कंपनियों के नियंत्रण का मामला है, जो अदालत तक पहुँच चुका है।
सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई
जस्टिस जे. बी. पारदीवाला की पीठ ने इस अर्जी पर 14 मई 2026 को सुनवाई तय की है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत 18 मई की प्रस्तावित बोर्ड मीटिंग पर स्टे देती है या नहीं, क्योंकि उससे पहले ही यह सुनवाई होनी है। इस मामले का फैसला न केवल रानी कपूर बल्कि सभी दावेदारों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।