सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर संपत्ति विवाद में पूर्व सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर संपत्ति विवाद में पूर्व सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया

सारांश

सोना ग्रुप के दिवंगत संस्थापक संजय कपूर की संपत्ति और फैमिली ट्रस्ट को लेकर परिवार में छिड़ी कानूनी जंग अब मध्यस्थता की राह पर है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया है और सभी पक्षों पर मीडिया बयानबाज़ी पर पाबंदी लगाई है।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने 7 मई 2026 को पूर्व सीजेआई डी.वाई.
चंद्रचूड़ को संजय कपूर संपत्ति विवाद में मध्यस्थ नियुक्त किया।
परिवार के सभी पक्षों ने मध्यस्थता प्रक्रिया के लिए सहमति दी है।
अदालत ने सभी पक्षों पर मीडिया और सोशल मीडिया पर बयान देने पर पाबंदी लगाई।
रानी कपूर का आरोप — 2017 में बीमारी के दौरान खाली दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करवाकर संपत्ति फैमिली ट्रस्ट में स्थानांतरित की गई।
करिश्मा कपूर ने बच्चों समायरा और कियान कपूर की ओर से उत्तराधिकार दावा दायर किया है।
अगली सुनवाई अगस्त 2026 में निर्धारित।

नई दिल्ली, 7 मई 2026: सर्वोच्च न्यायालय ने दिवंगत उद्योगपति और सोना ग्रुप के संस्थापक संजय कपूर की मृत्यु के बाद उत्पन्न करोड़ों रुपये की संपत्ति एवं फैमिली ट्रस्ट विवाद को सुलझाने के लिए देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि यह मामला न्यायालयों में इसी तरह चलता रहा तो इसे सुलझाने में कई दशक लग सकते हैं, इसलिए परिवार के सभी पक्षों को आपसी बातचीत के ज़रिए समाधान खोजना होगा।

मध्यस्थता प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने यह कदम तब उठाया जब परिवार के सभी पक्षों ने मध्यस्थता प्रक्रिया के लिए अपनी सहमति दे दी। अदालत ने सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सख्त निर्देश दिए कि अब इस विवाद को लेकर कोई भी पक्ष मीडिया में बयान नहीं देगा और न ही सोशल मीडिया पर इस मामले से संबंधित कोई सामग्री पोस्ट करेगा। अगली सुनवाई अगस्त 2026 में निर्धारित की गई है।

विवाद की जड़ें — रानी कपूर की याचिका

यह पूरा मामला संजय कपूर की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति, फैमिली ट्रस्ट और विरासत को लेकर शुरू हुआ था। संजय कपूर की माँ रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर फैमिली ट्रस्ट को रद्द करने की माँग की। उनका आरोप है कि यह ट्रस्ट उनकी जानकारी और अनुमति के बिना बनाया गया था। रानी कपूर ने यह भी दावा किया कि 2017 में कथित तौर पर कई अवैध लेन-देन के ज़रिए उनकी संपत्तियाँ फैमिली ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दी गईं।

गौरतलब है कि रानी कपूर ने अदालत में यह भी आरोप लगाया कि जब वह स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं, तब उनसे कई दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करवाए गए — जिनमें कुछ दस्तावेज़ कथित तौर पर खाली थे और उन्हें पूरी जानकारी दिए बिना साइन करवाए गए। उन्होंने अपने दिवंगत पुत्र संजय कपूर और बहू प्रिया कपूर पर बीमारी का फायदा उठाकर संपत्ति हस्तांतरित करने का आरोप लगाया। उन्होंने माँग की कि जब तक अंतिम निर्णय न हो, तब तक संपत्तियों के हस्तांतरण और बिक्री पर यथास्थिति बनाए रखी जाए।

प्रिया कपूर का पक्ष और मानहानि का मामला

दूसरी ओर, प्रिया कपूर ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ मानहानि का मामला भी दायर किया है। प्रिया कपूर का कहना है कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। इससे पहले की सुनवाई में भी सुप्रीम कोर्ट ने प्रिया कपूर को नोटिस जारी कर दोनों पक्षों को मध्यस्थता के ज़रिए समाधान निकालने की सलाह दी थी।

करिश्मा कपूर और बच्चों का उत्तराधिकार दावा

इस विवाद में अभिनेत्री करिश्मा कपूर और उनके बच्चों — समायरा कपूर और कियान कपूर — का नाम भी सामने आया है। करिश्मा कपूर ने अपने बच्चों की ओर से उत्तराधिकार से जुड़ा मामला दायर किया था। वहीं रानी कपूर ने दावा किया है कि वह अपने दिवंगत पति डॉ. सुरिंदर कपूर की संपूर्ण संपत्ति की इकलौती कानूनी उत्तराधिकारी हैं।

आगे क्या होगा

पूर्व सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में मध्यस्थता प्रक्रिया अब शुरू होगी और सुप्रीम कोर्ट अगस्त 2026 में इस मामले की अगली समीक्षा करेगा। यह देखना अहम होगा कि क्या दशकों तक खिंच सकने वाला यह पारिवारिक विवाद मध्यस्थता की मेज़ पर सुलझ पाता है, या फिर अदालती लड़ाई जारी रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सार्वजनिक जवाबदेही की माँग को भी दबाता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय कपूर संपत्ति विवाद क्या है?
यह विवाद दिवंगत उद्योगपति और सोना ग्रुप के संस्थापक संजय कपूर की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति और फैमिली ट्रस्ट को लेकर परिवार के विभिन्न सदस्यों के बीच शुरू हुआ है। रानी कपूर ने ट्रस्ट को रद्द करने की माँग की है, जबकि प्रिया कपूर ने सभी आरोपों को गलत बताया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ को मध्यस्थ क्यों नियुक्त किया?
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि यदि यह मामला अदालतों में इसी तरह चलता रहा तो इसे सुलझाने में कई दशक लग सकते हैं। परिवार के सभी पक्षों की सहमति के बाद अदालत ने पूर्व सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया ताकि आपसी बातचीत से समाधान निकाला जा सके।
रानी कपूर के मुख्य आरोप क्या हैं?
रानी कपूर का आरोप है कि 2017 में उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनकी संपत्तियाँ फैमिली ट्रस्ट में डाली गईं। उन्होंने यह भी कहा कि बीमारी के दौरान उनसे खाली दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करवाए गए और वह अपने दिवंगत पति डॉ. सुरिंदर कपूर की इकलौती कानूनी उत्तराधिकारी हैं।
करिश्मा कपूर का इस विवाद से क्या संबंध है?
अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने अपने बच्चों समायरा कपूर और कियान कपूर की ओर से उत्तराधिकार से जुड़ा मामला दायर किया है। वे भी इस संपत्ति विवाद में एक पक्ष के रूप में शामिल हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पूर्व सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू होगी और सुप्रीम कोर्ट अगस्त 2026 में अगली सुनवाई करेगा। सभी पक्षों पर मीडिया और सोशल मीडिया पर बयान देने की पाबंदी लगाई गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले