25 जुलाई 2026
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संत गजानन महाराज के 150वें प्रकट दिवस पर ₹150 स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी करने की माँग, मंत्री प्रतापराव जाधव ने लिखा पत्र

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संत गजानन महाराज के 150वें प्रकट दिवस पर ₹150 स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी करने की माँग, मंत्री प्रतापराव जाधव ने लिखा पत्र

सारांश

केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने निर्मला सीतारमण, ज्योतिरादित्य सिंधिया और गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर संत गजानन महाराज के 150वें प्रकट दिवस (17 फरवरी 2028) पर ₹150 स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी करने की माँग की है — शेगांव को राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्र पर और मज़बूती से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने 25 जुलाई 2026 को तीन केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर ₹150 स्मारक सिक्का और स्मारक डाक टिकट जारी करने का आग्रह किया।
यह पहल संत गजानन महाराज के 150वें प्रकट दिवस — 17 फरवरी 2028 — के उपलक्ष्य में प्रस्तावित है।
संत गजानन महाराज फरवरी 1878 में महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में प्रकट हुए थे।
भारत की राष्ट्रपति ने 25 फरवरी 2026 को शेगांव में राष्ट्रीय आरोग्य मेले का उद्घाटन किया था।
पत्र वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण , संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को संबोधित किए गए हैं।

केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव — जो आयुष मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का दायित्व संभालते हैं — ने भारत सरकार से संत गजानन महाराज के 150वें प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में ₹150 का स्मारक सिक्का और एक स्मारक डाक टिकट जारी करने का आग्रह किया है। यह अनुरोध 25 जुलाई 2026 को तीन वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों को संबोधित अलग-अलग पत्रों के माध्यम से किया गया।

किन मंत्रियों को लिखे गए पत्र

जाधव ने वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखे हैं। इन पत्रों में संबंधित मंत्रालयों से प्रस्ताव पर विचार कर आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।

संत गजानन महाराज की विरासत और शेगांव का महत्व

पत्रों में जाधव ने रेखांकित किया कि संत गजानन महाराज फरवरी 1878 में महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में पहली बार प्रकट हुए थे। वे महाराष्ट्र और समूचे भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत में एक पूजनीय स्थान रखते हैं। उनकी जीवनी और शिक्षाएँ धार्मिक ग्रंथ श्री गजानन विजय में संकलित हैं, जो करोड़ों अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

शेगांव आज भारत के प्रमुख तीर्थ केंद्रों में गिना जाता है और देश-विदेश से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। गजानन महाराज संस्थान, शेगांव ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण विकास, सामाजिक कल्याण और मानवीय सेवा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिससे शेगांव की पहचान एक आध्यात्मिक एवं सामुदायिक सेवा केंद्र के रूप में और सुदृढ़ हुई है।

राष्ट्रपति की शेगांव यात्रा का संदर्भ

जाधव ने अपने पत्र में 25 फरवरी 2026 को भारत की राष्ट्रपति की शेगांव यात्रा का भी उल्लेख किया। राष्ट्रपति ने आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय आरोग्य मेले का उद्घाटन किया था। मंत्री के अनुसार, इस यात्रा ने आध्यात्मिकता, संस्कृति और जनसेवा के केंद्र के रूप में शेगांव के राष्ट्रीय महत्व को और भी रेखांकित किया।

150वाँ प्रकट दिवस: तिथि और महत्व

संत गजानन महाराज का 150वाँ प्रकट दिवस 17 फरवरी 2028 को मनाया जाएगा। यह देश भर के करोड़ों भक्तों के लिए एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अवसर है। जाधव ने कहा कि प्रस्तावित स्मारक सिक्का और डाक टिकट संत को एक उचित राष्ट्रीय श्रद्धांजलि होगी और उनसे प्रेरित लाखों भक्तों की आस्था एवं भावनाओं का सम्मान करेगी।

आगे क्या होगा

तीनों मंत्रालयों — वित्त, संचार और संस्कृति — की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्मारक सिक्के और डाक टिकट जारी करने के लिए सामान्यतः संबंधित मंत्रालयों की अनुशंसा के बाद सरकारी प्रक्रिया पूरी की जाती है। 17 फरवरी 2028 की समय-सीमा को देखते हुए, भक्त और सांस्कृतिक संगठन इस प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु इसे महाराष्ट्र की राजनीतिक गतिशीलता के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए — शेगांव विदर्भ क्षेत्र में है, जहाँ भाजपा की मज़बूत उपस्थिति है। असली प्रश्न यह है कि क्या सरकार 2028 की समय-सीमा से पर्याप्त पहले इस प्रस्ताव पर निर्णय लेगी, ताकि उत्सव की तैयारियाँ सुचारु हों। भारत में स्मारक सिक्के और डाक टिकट जारी करने की प्रक्रिया प्रायः लंबी होती है — इसलिए इस पहल की सफलता मंत्रालयों के बीच समन्वय और राजनीतिक इच्छाशक्ति दोनों पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संत गजानन महाराज का 150वाँ प्रकट दिवस कब मनाया जाएगा?
संत गजानन महाराज का 150वाँ प्रकट दिवस 17 फरवरी 2028 को मनाया जाएगा। वे फरवरी 1878 में महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में पहली बार प्रकट हुए थे।
प्रतापराव जाधव ने किन मंत्रियों को पत्र लिखा और क्या माँग की?
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर ₹150 का स्मारक सिक्का और एक स्मारक डाक टिकट जारी करने का आग्रह किया है। यह अनुरोध 25 जुलाई 2026 को किया गया।
शेगांव का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व क्या है?
शेगांव भारत के प्रमुख तीर्थ केंद्रों में से एक है, जो देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। गजानन महाराज संस्थान, शेगांव ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
भारत की राष्ट्रपति का शेगांव से क्या संबंध है?
भारत की राष्ट्रपति ने 25 फरवरी 2026 को शेगांव का दौरा किया था और आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय आरोग्य मेले का उद्घाटन किया था। इस यात्रा ने शेगांव के राष्ट्रीय महत्व को और रेखांकित किया।
संत गजानन महाराज की शिक्षाएँ किस ग्रंथ में संकलित हैं?
संत गजानन महाराज के जीवन और शिक्षाओं का विवरण धार्मिक ग्रंथ 'श्री गजानन विजय' में मिलता है। यह ग्रंथ उनके करोड़ों अनुयायियों के बीच विशेष आस्था और महत्व रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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