बिहार मंत्री संतोष सुमन का 'रिजीम चेंज' पर पलटवार: 'भारत में जनता मालिक, अराजकता नहीं चलेगी'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष सुमन ने 18 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया और प्रशासनिक खामियों की जाँच की माँग की। इसी के साथ उन्होंने 'रिजीम चेंज' को लेकर उठे विवाद पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
कोलकाता भगदड़ पर शोक और जाँच की माँग
मंत्री सुमन ने कहा कि इतने बड़े आयोजन में बिजली का शॉर्ट-सर्किट होना अपने आप में एक गंभीर चूक है। उनके अनुसार, इस तरह की दुर्घटनाएँ बताती हैं कि बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा इंतज़ामों को लेकर सरकार को और अधिक सतर्कता बरतने की ज़रूरत है। उन्होंने इसे 'बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना' करार देते हुए प्रशासनिक ज़िम्मेदारी तय करने की अपील की।
'रिजीम चेंज' पर विपक्ष को घेरा
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के 'रिजीम चेंज' संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री सुमन ने कहा कि विपक्ष ने पहले एसआईआर (SIR) को लेकर आंदोलन किया, फिर भारत के मुख्य न्यायाधीश पर गंभीर आरोप लगाए, और अब 'रिजीम चेंज' की बात कर रहे हैं। उनके शब्दों में, 'इनके इरादे अब पूरी तरह साफ हो चुके हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं और नेपाल तथा बांग्लादेश जैसे हालात भारत में पैदा करने की कोशिश में हैं।
सुमन ने ज़ोर देकर कहा कि 'भारत एक लोकतांत्रिक देश है, यहाँ जनता मालिक है और जनता ही सरकारें बनाती व बदलती है।' उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे चुनावों का इंतज़ार करें, क्योंकि जनता खुद फैसला करेगी कि कौन सत्ता में आएगा।
नेहा बोरा के बयान का संदर्भ
मंत्री ने कार्यकर्ता नेहा बोरा के उस कथित बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर बांग्लादेश की तर्ज़ पर भारत में 'रिजीम चेंज' की बात कही थी। सुमन ने कहा कि ऐसे विभाजनकारी मंसूबे कभी कामयाब नहीं हो सकते, क्योंकि जनता सब देख रही है।
पप्पू यादव के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया
सांसद पप्पू यादव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि छेड़खानी करने वालों के हाथ काटकर लाने पर ₹2 लाख का इनाम दिया जाएगा, मंत्री सुमन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिहार में कोई 'समानांतर सरकार' नहीं चल सकती। राज्य कानून-व्यवस्था और संविधान के अनुसार चलता है, जिसमें हर अपराध की सज़ा का प्रावधान पहले से मौजूद है। उनके अनुसार, इस तरह के बयान न केवल गैर-ज़िम्मेदाराना हैं, बल्कि क़ानून की अवहेलना भी करते हैं।
ग्वालियर सड़क दुर्घटना: मध्य प्रदेश सरकार ने मुआवज़ा घोषित किया
इस बीच, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने ग्वालियर में हुई एक गंभीर सड़क दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹4 लाख और गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को ₹2 लाख का मुआवज़ा देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने प्रथम दृष्टया दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सभी घायलों के लिए निःशुल्क उपचार का भी आश्वासन दिया।
इन घटनाओं और बयानों के बीच एक बात स्पष्ट है — राजनीतिक बहस का केंद्र लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थागत भरोसे के इर्द-गिर्द और अधिक तीखी होती जा रही है, और आने वाले समय में इस पर और बड़ी प्रतिक्रियाएँ सामने आ सकती हैं।