सासाराम सदर अस्पताल में एक घंटे की बारिश से जलभराव, मरीज घुटनों तक पानी में चलने को मजबूर
सारांश
मुख्य बातें
रोहतास जिले के सासाराम सदर अस्पताल में 13 जून को मात्र एक घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद पूरा परिसर जलमग्न हो गया, जिससे मरीजों, परिचारकों और चिकित्साकर्मियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बिहार में मानसून की पहली तेज़ बारिश ने भले ही भीषण गर्मी से राहत दी हो, लेकिन इसने जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की जर्जर जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी।
क्या हुआ परिसर में
शनिवार की दोपहर हुई बारिश के बाद ट्रॉमा सेंटर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क, ओपीडी भवन, टीबी केंद्र, सामान्य वार्ड, ब्लड बैंक और सिविल सर्जन कार्यालय परिसर — सभी पानी में डूब गए। स्थानीय निवासियों ने अस्पताल परिसर की तुलना तालाब से की। मरीजों और उनके परिचारकों को इलाज तक पहुँचने के लिए घुटनों तक गहरे पानी में चलना पड़ा, और अपना सामान व कपड़े सूखे रखने की कोशिश में उन्हें भारी मशक्कत करनी पड़ी।
स्वास्थ्यकर्मियों पर असर
खबरों के अनुसार, जलभराव के दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को विभिन्न विभागों के बीच आवाजाही में भी भारी दिक्कतें आईं। आपात स्थिति में एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक पहुँचना भी चुनौतीपूर्ण हो गया, जिससे चिकित्सा सेवाओं पर सीधा असर पड़ा।
स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासी राजू कुमार ने कहा कि यह अस्पताल जिले के लाखों लोगों की सेवा करता है और जलभराव के कारण हर साल मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान करने का आग्रह किया। निवासियों का कहना है कि यह स्थिति नई नहीं है — हर मानसून में यही दृश्य दोहराया जाता है और हल्की बारिश के बाद भी पूरे परिसर में पानी जमा हो जाता है।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष
अस्पताल प्रबंधक अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि अचानक हुई भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी और परिसर से पानी निकालने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को सूचित किया जाएगा ताकि भविष्य में निवारक उपाय किए जा सकें। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि हर साल यही आश्वासन दिया जाता है और ज़मीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आता।
बुनियादी ढाँचे पर सवाल
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पहले से ही सवालों के घेरे में है। गौरतलब है कि सासाराम सदर अस्पताल रोहतास जिले का सबसे बड़ा सरकारी चिकित्सा केंद्र है, जो लाखों ग्रामीण और शहरी मरीजों पर निर्भर है। दीर्घकालिक जल निकासी और बुनियादी ढाँचे में सुधार की माँग अब और तेज़ हो गई है।