सऊदी अरब में 8 साल से फंसे इंद्रमणि नौटियाल: गंगोत्री विधायक ने CM धामी से की वापसी की अपील
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरकाशी के गोरसाडा गाँव के निवासी इंद्रमणि नौटियाल की सऊदी अरब से घर वापसी का मामला अब शासन स्तर पर पहुँच गया है। गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने 9 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर इंद्रमणि की सकुशल वापसी के लिए तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया। मुख्यमंत्री धामी ने विदेश मंत्रालय, भारत सरकार से पत्राचार एवं आवश्यक वार्ता करने का आश्वासन दिया।
मामले की पृष्ठभूमि
इंद्रमणि नौटियाल, जो उत्तरकाशी के डुंडा ब्लॉक के गाजणा क्षेत्र स्थित गोरसाडा गाँव के रहने वाले हैं, पिछले आठ वर्षों से सऊदी अरब में फंसे हुए हैं। उनके परिजन लंबे समय से उनकी वापसी के लिए प्रयासरत हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब खाड़ी देशों में फंसे भारतीय प्रवासी मजदूरों के मामले राष्ट्रीय चर्चा में हैं।
विधायक की पहल और मुख्यमंत्री का आश्वासन
विधायक सुरेश चौहान ने मुख्यमंत्री को इंद्रमणि से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज सौंपे और मामले की गंभीरता से अवगत कराया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे पहले विधायक चौहान स्वयं गोरसाडा पहुँचकर इंद्रमणि के परिजनों से मिल चुके थे और उनकी समस्या को प्राथमिकता से उठाने का भरोसा दिया था।
जनसमर्थन और सोशल मीडिया अभियान
इंद्रमणि की घर वापसी को लेकर क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन उमड़ रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोग इस अभियान से जुड़कर परिवार की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। गौरतलब है कि ऐसे मामलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता अक्सर केंद्र सरकार तक पहुँचने में निर्णायक भूमिका निभाती है।
अन्य विषयों पर भी हुई चर्चा
मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात के दौरान विधायक चौहान ने 17 अगस्त को दयारा बुग्याल में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध बटर फेस्टिवल में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। इसके साथ ही गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों, जनहित योजनाओं और समसामयिक विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
आगे क्या होगा
विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री से हुई वार्ता में सकारात्मक आश्वासन और आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है, जिससे इंद्रमणि नौटियाल की सकुशल घर वापसी की उम्मीद और मजबूत हुई है। अब सभी की निगाहें विदेश मंत्रालय की कार्रवाई पर टिकी हैं।