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नेपाल बाढ़: CM धामी ने भोटेकोशी तबाही पर जताया दुख, उत्तराखंड की संवेदनाएं नेपाल के साथ

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नेपाल बाढ़: CM धामी ने भोटेकोशी तबाही पर जताया दुख, उत्तराखंड की संवेदनाएं नेपाल के साथ

सारांश

नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी की अचानक भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि नेपाल की पीड़ा उत्तराखंड की पीड़ा है — सदियों पुराने रोटी-बेटी के रिश्ते इस संकट को अपना बनाते हैं।

मुख्य बातें

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से हुई जन-धन की क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड और नेपाल के बीच सदियों पुराने 'रोटी-बेटी' के संबंध हैं; नेपाल की पीड़ा उत्तराखंड की पीड़ा है।
पिथौरागढ़ और चंपावत सहित सीमावर्ती जनपदों के नेपाल के साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध विशेष रूप से रेखांकित किए गए।
राज्य सरकार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है।
धामी ने राहत एवं बचाव में जुटे सुरक्षाकर्मियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों के प्रयासों की सराहना की।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई अचानक भीषण बाढ़ से हुई व्यापक जन-धन की क्षति पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। 26 अगस्त को जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में हुई जनहानि और नुकसान अत्यंत दुःखद एवं चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कठिन घड़ी में उत्तराखंड की जनता और राज्य सरकार की संवेदनाएं नेपाल के प्रभावित परिवारों के साथ हैं।

भारत-नेपाल के साझा सांस्कृतिक बंधन

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल दो पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं हैं — ये साझा संस्कृति, परंपराओं, आस्था और सामाजिक सरोकारों की गहरी नींव पर टिके हैं। उन्होंने विशेष रूप से उत्तराखंड और नेपाल के बीच सदियों पुराने 'रोटी-बेटी' के संबंधों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच पारिवारिक रिश्तों के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध निरंतर मजबूत रहे हैं।

कुमाऊं और सीमावर्ती क्षेत्रों का विशेष जुड़ाव

धामी ने कहा कि कुमाऊं क्षेत्र का नेपाल के साथ विशेष और आत्मीय संबंध है। पिथौरागढ़ और चंपावत सहित सीमावर्ती जनपदों के निवासियों के नेपाल के साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में नेपाल में आई यह आपदा उत्तराखंड के लोगों के लिए अपने किसी परिजन के संकट में होने जैसी पीड़ादायक है।

राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे सभी सुरक्षाकर्मियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नेपाल सरकार और वहाँ के प्रशासन के नेतृत्व में राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा। उत्तराखंड राज्य सरकार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है।

हिमालयी क्षेत्र की साझा भौगोलिक चुनौती

धामी ने रेखांकित किया कि हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियाँ भारत और नेपाल दोनों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति समान रूप से संवेदनशील बनाती हैं। उन्होंने उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से नेपाल के शोकसंतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और प्रभावित लोगों के शीघ्र सुरक्षित होने, घायलों के स्वस्थ होने तथा नेपाल में सामान्य स्थिति की शीघ्र बहाली की कामना की।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह संकट दोनों देशों के बीच एक साझा आपदा-प्रबंधन ढाँचे की आवश्यकता को फिर से उजागर करता है। सहानुभूति के बयानों से आगे बढ़कर संस्थागत सहयोग — जैसे संयुक्त पूर्व-चेतावनी प्रणाली और सीमापार राहत प्रोटोकॉल — की दिशा में ठोस कदम उठाने का यही उचित समय है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में बाढ़ कब आई?
26 अगस्त 2026 को नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में अचानक भीषण बाढ़ आई, जिससे व्यापक जन-धन की क्षति हुई। यह एक प्राकृतिक आपदा है जिसने सीमावर्ती क्षेत्रों को भी प्रभावित किया है।
CM पुष्कर सिंह धामी ने नेपाल बाढ़ पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नेपाल की पीड़ा उत्तराखंड की पीड़ा है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और राहत कार्यों में जुटे सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की।
उत्तराखंड और नेपाल के बीच क्या संबंध हैं?
उत्तराखंड और नेपाल के बीच सदियों पुराने 'रोटी-बेटी' के संबंध हैं। पिथौरागढ़ और चंपावत जैसे सीमावर्ती जनपदों के नेपाल के साथ ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं, जो दोनों क्षेत्रों को पारिवारिक स्तर पर जोड़ते हैं।
क्या उत्तराखंड सरकार नेपाल बाढ़ राहत में मदद करेगी?
मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि राज्य सरकार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है। हालाँकि, किसी विशेष राहत पैकेज या दल भेजने की औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
हिमालयी क्षेत्र में बाढ़ इतनी विनाशकारी क्यों होती है?
मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियाँ भारत और नेपाल दोनों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील बनाती हैं। पहाड़ी नदियों में अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) तेज़ ढलान और संकरी घाटियों के कारण अत्यंत विनाशकारी हो जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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