21 अक्टूबर 2026
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शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को ₹1 करोड़ में ₹50-50 लाख: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

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शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को ₹1 करोड़ में ₹50-50 लाख: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

सारांश

शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलने वाली ₹1 करोड़ की राशि अब बराबर बंटेगी — ₹50 लाख पत्नी को, ₹50 लाख माता-पिता को। CM मोहन यादव का यह ऐलान पुलिस स्मृति दिवस पर भोपाल से आया, जो शहीद परिवारों में माता-पिता की अनदेखी की पुरानी शिकायत पर सीधा जवाब है।

मुख्य बातें

मोहन यादव ने 21 अक्टूबर 2026 को भोपाल में पुलिस स्मृति दिवस समारोह में शहीद परिवारों के लिए बड़ी घोषणा की।
शहीद पुलिसकर्मियों की ₹1 करोड़ की सहायता राशि में से ₹50 लाख पत्नी को और ₹50 लाख माता-पिता को दिए जाएँगे।
21 अक्टूबर 1959 को चीनी सीमा पर 10 जवानों की शहादत की याद में पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
CM ने कहा मध्य प्रदेश 35 वर्षों के नक्सलवाद से मुक्त हुआ; साइबर अपराध और ड्रग तस्करी को बताया नई बड़ी चुनौती।
देवास , छतरपुर और रहानपुर सहित प्रदेशभर में शहीद स्मारकों पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित हुए।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अक्टूबर 2026 को भोपाल के लाल परेड मैदान स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित 'राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस परेड समारोह-2026' में एक महत्वपूर्ण घोषणा की — शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को दी जाने वाली ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता में से ₹50 लाख उनकी पत्नी को और ₹50 लाख उनके माता-पिता को मिलेंगे। इस समारोह में मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

घोषणा का विवरण और महत्व

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि यह नया वितरण ढाँचा शहीद पुलिसकर्मी के पूरे परिवार — पत्नी और माता-पिता दोनों — को समान रूप से आर्थिक सुरक्षा देने की राज्य सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को ₹1 करोड़ की सहायता राशि में से 50 फीसदी हिस्सा उनकी पत्नियों और 50 फीसदी हिस्सा उनके माता-पिता को देने का निर्णय उनके प्रति हमारी संवेदनशीलता का प्रतीक है।'

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार पुलिस बल के कल्याण और आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पुलिसकर्मियों के प्रमोशन और नई भर्तियों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

पुलिस स्मृति दिवस की पृष्ठभूमि

21 अक्टूबर का दिन पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को चीनी सीमा पर 10 जवानों की शहादत की स्मृति में यह दिवस राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है। यह दिन पुलिस बल के उन सभी जवानों को समर्पित है जिन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया।

नक्सलवाद, साइबर अपराध और सुरक्षा चुनौतियाँ

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश 35 वर्षों से चले आ रहे नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त होने में सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है। गौरतलब है कि नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस की शहादतें अतीत में बेहद दर्दनाक रही हैं।

डॉ. यादव ने साइबर अपराध और ड्रग तस्करी को वर्तमान की सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौतियाँ बताया और पुलिस बल से इन मोर्चों पर सतर्क रहने का आह्वान किया।

प्रदेशभर में समारोह

देवास पुलिस लाइन में भी शहीद स्मारक पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह वर्द्धमान समेत थाना प्रभारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

रहानपुर की रेणुका पुलिस लाइन में भी शहीद पुलिसकर्मियों को सलामी दी गई। छतरपुर पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने पुष्पचक्र अर्पित किया और शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी दिन-रात जनता की सेवा में समर्पित रहते हैं।

आगे की राह

नए वितरण ढाँचे के तहत ₹50-50 लाख की राशि कब से लागू होगी, इसकी अधिसूचना राज्य सरकार जल्द जारी करेगी। यह कदम शहीद पुलिस परिवारों में माता-पिता की आर्थिक उपेक्षा की लंबे समय से चली आ रही शिकायत को दूर करने की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि अब तक माता-पिता प्रायः मुआवजे की परिधि से बाहर रहते थे। लेकिन असली सवाल यह है कि यह अधिसूचना कब तक लागू होगी और पहले से लंबित मामलों पर इसका क्या असर होगा। मध्य प्रदेश में नक्सलवाद-मुक्ति का दावा सरकार की उपलब्धि के रूप में बार-बार दोहराया जाता है, पर साइबर अपराध और ड्रग तस्करी जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस संसाधन और प्रशिक्षण का ब्यौरा अभी भी अस्पष्ट है। पुलिस कल्याण की घोषणाएँ तब तक अधूरी हैं जब तक प्रमोशन और भर्ती की समयसीमा सार्वजनिक न हो।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को कितनी राशि मिलेगी और कैसे बँटेगी?
मध्य प्रदेश सरकार शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को कुल ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देती है। CM मोहन यादव की घोषणा के अनुसार, इसमें से ₹50 लाख शहीद की पत्नी को और ₹50 लाख उनके माता-पिता को दिए जाएँगे।
पुलिस स्मृति दिवस क्यों मनाया जाता है और इसकी तारीख 21 अक्टूबर क्यों है?
21 अक्टूबर 1959 को चीनी सीमा पर 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। उनकी स्मृति में हर वर्ष 21 अक्टूबर को पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
मध्य प्रदेश नक्सलवाद से कब मुक्त हुआ?
CM मोहन यादव के अनुसार मध्य प्रदेश 35 वर्षों से चले आ रहे नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकलने में सफल हुआ है। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व को दिया।
CM मोहन यादव ने पुलिस बल के लिए और क्या घोषणाएँ कीं?
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के प्रमोशन और नई भर्तियों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने साइबर अपराध और ड्रग तस्करी को वर्तमान की सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौतियाँ भी बताया।
इस समारोह में प्रदेश के किन-किन जिलों में कार्यक्रम हुए?
भोपाल के लाल परेड मैदान में मुख्य राज्य स्तरीय समारोह हुआ। इसके अलावा देवास, छतरपुर और रहानपुर की रेणुका पुलिस लाइन सहित प्रदेश के कई जिलों में शहीद स्मारकों पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किए गए।
राष्ट्र प्रेस
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