शाइना एनसी का कांग्रेस पर हमला: 'विदेश जाकर भारत को बदनाम करती है पार्टी, सेना पर भी उठाती है सवाल'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने 25 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेता विदेश यात्राओं के दौरान भारत की संस्थाओं और सेना की साख पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि यह रवैया भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर असम्मानित करने जैसा है।
कांग्रेस पर शाइना एनसी के आरोप
शाइना एनसी ने कहा कि कांग्रेस के नेता जब विदेश जाते हैं तो भारत के संविधान, सर्वोच्च न्यायालय, न्यायपालिका और प्रधानमंत्री को लेकर टिप्पणियाँ करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यही नेता भारतीय सैनिकों पर भी सवाल खड़े करते हैं। उनके अनुसार, यह एक खास 'टूलकिट' मानसिकता का हिस्सा है जिसके तहत पार्टी खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करती है।
प्रभास की फिल्म 'फौजी' पर विवाद
इसी बीच साउथ के सुपरस्टार प्रभास की आगामी फिल्म 'फौजी' का टीजर रिलीज होने के बाद से एक अलग विवाद खड़ा हो गया है। विवाद का केंद्र स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्रण को लेकर है।
टीजर की शुरुआत 29 मई 1942 के बर्लिन के एक दृश्य से होती है, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस और एडोल्फ हिटलर के बीच संवाद दिखाया गया है। इस दृश्य में नेताजी, प्रभास के काल्पनिक किरदार की हिटलर के समक्ष प्रशंसा करते दिखाई देते हैं। फिल्म में प्रभास एक विद्रोही सैनिक की भूमिका में हैं।
शाइना एनसी की फिल्म पर प्रतिक्रिया
इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शाइना एनसी ने कहा, 'मुझे लगता है कि किसी भी फिल्म निर्माता को कुछ बातों को लेकर संवेदनशील होना चाहिए। एक तो जब आपके पास युद्ध नायक, स्वतंत्रता सेनानी, ऐसे लोग हों जिन्हें हम आदर्श मानते हैं जैसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस। आप सिर्फ एक फिल्म स्टार के किरदार को बड़ा दिखाने के लिए उनके चरित्र को कमतर या अपमानित नहीं कर सकते।' उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी फिल्मों में दर्शक भ्रमित होते हैं और इतिहास को सही संदर्भ में देखने का अवसर चूक जाते हैं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ
टीजर के सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर दो पक्षों में तीखी बहस छिड़ी हुई है। एक ओर कई दर्शकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस ऐतिहासिक चित्रण को नेताजी का अपमान करार देते हुए आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि फिल्म के नायक को महिमामंडित करने के लिए एक राष्ट्रीय महापुरुष के व्यक्तित्व का गलत इस्तेमाल किया गया है।
दूसरी ओर, प्रभास के प्रशंसकों का तर्क है कि यह एक काल्पनिक और रचनात्मक कहानी है, जिसे ऐतिहासिक तथ्य से जोड़कर देखना उचित नहीं है। फिल्म निर्माताओं की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
आगे क्या
गौरतलब है कि भारतीय सिनेमा में ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के चित्रण को लेकर यह पहला विवाद नहीं है। अतीत में भी कई फिल्मों पर इसी प्रकार के आरोप लगे हैं। 'फौजी' के निर्माताओं को आगामी दिनों में इस विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। साथ ही, कांग्रेस की ओर से शाइना एनसी के आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।