12 जुलाई 2026
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शशि थरूर ने जनसांख्यिकीय बदलाव समिति का स्वागत किया, बोले — आंकड़े समझे बिना राजनीति खतरनाक

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शशि थरूर ने जनसांख्यिकीय बदलाव समिति का स्वागत किया, बोले — आंकड़े समझे बिना राजनीति खतरनाक

सारांश

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गृह मंत्रालय की जनसांख्यिकीय बदलाव समिति का स्वागत किया, लेकिन साफ कहा — राजनीतिक बहस से पहले आंकड़े पूरे और सटीक होने चाहिए, वरना अधूरे डेटा से बेवजह विवाद खड़े होंगे।

मुख्य बातें

शशि थरूर ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की जनसांख्यिकीय बदलाव पर उच्चस्तरीय समिति के गठन का स्वागत किया।
थरूर ने कहा कि राजनीतिक चर्चा से पहले सटीक और समग्र आंकड़ों को समझना जरूरी है, अन्यथा अधूरे आंकड़ों से विवाद बढ़ सकते हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया को भी इस दिशा में उपयोगी बताया।
नई दिल्ली में मोरक्को के राजदूत एच.ई.
मोहम्मद मलिकी की किताब 'वाट इफ…व्हाय नॉट' के विमोचन में थरूर मुख्य अतिथि रहे।
11वें ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर बुक कवर प्राइज की घोषणा — बेना सरीन को अमितवा कुमार की किताब 'माई बीलव्ड लाइफ' के कवर डिज़ाइन के लिए पुरस्कृत किया गया।

कांग्रेस सांसद डॉ. शशि थरूर ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जनसांख्यिकीय बदलाव पर उच्चस्तरीय समिति के गठन का स्वागत किया है। 27 मई को नई दिल्ली में एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान थरूर ने कहा कि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थों पर बहस से पहले सटीक और समग्र आंकड़ों को समझना अनिवार्य है।

थरूर का मुख्य संदेश

थरूर ने कहा, 'कई तरह के बदलाव हो रहे हैं। मेरा मानना है कि इससे पहले कि हम इसके राजनीतिक प्रभावों पर कोई गंभीर चर्चा करें, यह जरूरी है कि हम उन आंकड़ों को समझ लें जिनसे हम निपट रहे हैं। वरना लोग आंकड़ों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, खासकर अगर आंकड़े अधूरे हों और बेवजह राजनीतिक विवाद खड़े कर सकते हैं।'

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सभी जनसांख्यिकीय कारकों और रुझानों को प्रतिबिंबित करने वाले सही तथ्य और आंकड़े होना आवश्यक है। थरूर ने राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह भी इस दिशा में उपयोगी साबित होगी।

मोरक्को राजदूत की किताब के विमोचन में शिरकत

थरूर ने नई दिल्ली में मोरक्को के राजदूत एच.ई. मोहम्मद मलिकी की किताब 'वाट इफ…व्हाय नॉट' के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। किताब की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ एक डिप्लोमेटिक संस्मरण नहीं है। यह उनके बचपन की यादें हैं, बल्कि जिंदगी, इंसानों और एक-दूसरे से रिश्तों पर उनके विचार भी हैं। यह बहुत ही अच्छी तरह से लिखी गई, बहुत ही दिल को छू लेने वाली किताब है, जो सचमुच उस मानवीय जुड़ाव को स्थापित करती है, जिसके बारे में डिप्लोमेसी होती है।'

थरूर ने राजदूत मलिकी के योगदान को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि उन्होंने कूटनीति को सहानुभूति, स्मृति और संस्कृतियों — विशेषकर भारत और मोरक्को — के बीच सेतु निर्माण का माध्यम बनाया है।

ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर पुरस्कार की घोषणा

समारोह के दौरान डॉ. थरूर ने 11वें ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर बुक कवर प्राइज के विजेता की घोषणा भी की। यह पुरस्कार बेना सरीन को अमितवा कुमार की किताब 'माई बीलव्ड लाइफ' के कवर डिज़ाइन के लिए प्रदान किया गया। थरूर ने बेना सरीन को बधाई देते हुए कहा कि उनका डिज़ाइन किताब की भावना को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत करता है।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब जनसांख्यिकीय बदलाव का मुद्दा देश में राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय की यह समिति विभिन्न समुदायों की जनसंख्या वृद्धि दर, प्रवासन और क्षेत्रीय असंतुलन जैसे पहलुओं का अध्ययन करेगी। थरूर का यह बयान संकेत देता है कि विपक्ष के भीतर भी इस समिति के गठन को लेकर एकमत विरोध नहीं है, बशर्ते प्रक्रिया तथ्य-आधारित और राजनीति-निरपेक्ष रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या इसके निष्कर्ष चुनावी चक्र से स्वतंत्र रहेंगे। इतिहास बताता है कि भारत में जनसांख्यिकीय आंकड़े अक्सर राजनीतिक ध्रुवीकरण के औज़ार बन जाते हैं — थरूर की 'आंकड़े पहले' वाली अपील इसी खतरे की पहचान है, भले ही इसे लागू करने का तंत्र अभी अस्पष्ट है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शशि थरूर ने जनसांख्यिकीय बदलाव समिति पर क्या कहा?
थरूर ने गृह मंत्रालय की उच्चस्तरीय समिति के गठन का स्वागत किया और कहा कि राजनीतिक प्रभावों पर बहस से पहले सटीक और समग्र आंकड़ों को समझना जरूरी है। उन्होंने चेताया कि अधूरे आंकड़ों से बेवजह राजनीतिक विवाद खड़े हो सकते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की जनसांख्यिकीय बदलाव समिति क्या है?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनसांख्यिकीय बदलाव के विभिन्न पहलुओं — जैसे जनसंख्या वृद्धि दर, प्रवासन और क्षेत्रीय असंतुलन — का अध्ययन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। इसके विस्तृत संदर्भ की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
थरूर ने राष्ट्रीय जनगणना का जिक्र क्यों किया?
थरूर ने कहा कि चल रही राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया जनसांख्यिकीय आंकड़ों को समझने में उपयोगी साबित होगी। उनका तर्क था कि जनगणना जैसे व्यापक और आधिकारिक स्रोत ही किसी भी नीतिगत चर्चा का आधार होने चाहिए।
11वाँ ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर बुक कवर प्राइज किसे मिला?
यह पुरस्कार बेना सरीन को अमितवा कुमार की किताब 'माई बीलव्ड लाइफ' के कवर डिज़ाइन के लिए दिया गया। पुरस्कार की घोषणा डॉ. शशि थरूर ने नई दिल्ली में 27 मई को एक कार्यक्रम के दौरान की।
मोरक्को के राजदूत की किताब 'वाट इफ…व्हाय नॉट' किस बारे में है?
यह किताब मोरक्को के राजदूत एच.ई. मोहम्मद मलिकी का संस्मरण है, जिसमें उनकी बचपन की यादों के साथ-साथ जिंदगी, इंसानों और रिश्तों पर उनके विचार शामिल हैं। थरूर ने इसे कूटनीति में मानवीय जुड़ाव को स्थापित करने वाली रचना बताया।
राष्ट्र प्रेस
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