जनसांख्यिकीय बदलाव पर समिति गठन: दिनेश शर्मा बोले — राज्यसभा में उठाया था मुद्दा, अब चर्चा संतोषजनक
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने 28 मई 2026 को कहा कि उन्होंने राज्यसभा में जनसांख्यिकीय बदलाव का मुद्दा उठाया था और अब इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होना उनके लिए संतोषजनक है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उच्च-स्तरीय समिति के गठन को ऐतिहासिक फैसला बताया।
उच्च-स्तरीय समिति का गठन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को घोषणा की कि केंद्र सरकार ने सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य अवैध प्रवासन और अन्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का व्यापक मूल्यांकन करना है।
दिनेश शर्मा ने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद इस मुद्दे पर ध्यान देने के लिए गृह मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे देश को फायदा होगा।
कर्नाटक सरकार पर तीखा हमला
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर प्रहार करते हुए दिनेश शर्मा ने कहा, 'वहाँ लूट-खसोट की सरकार रही है। सिद्दारमैया से जुड़ा जो भ्रष्टाचार अधूरा रह गया था, उसे डी. शिवकुमार पूरा करेंगे।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक में कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएँ तेज़ हैं।
ताजमहल वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया
ताजमहल के अंदर कथित कीर्तन के वायरल वीडियो पर सांसद ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा, 'भारत सरकार ने अपने संरक्षित स्मारकों के रखरखाव और प्रबंधन को अच्छी स्थिति में रखा है। कुछ लोग सोशल मीडिया का दुरुपयोग झूठी अफवाहें फैलाने के लिए करते हैं।'
सुप्रीम कोर्ट के SIR फैसले पर विपक्ष को नसीहत
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) संबंधी फैसले पर दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्षी नेताओं को इस तरह के बयान देना बंद कर देना चाहिए। उन्हें चुनाव आयोग तथा SIR प्रक्रिया के खिलाफ झूठा प्रचार बंद करना चाहिए। कोर्ट के फैसले के बाद सच्चाई सामने आ गई है।'
उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी शक्तियाँ संविधान के तहत सुरक्षित हैं। दिनेश शर्मा ने विपक्ष से अपील की कि वह न्यायालय के फैसले का सम्मान करे और देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में सहयोग दे।
गौरतलब है कि जनसांख्यिकीय बदलाव का मुद्दा हाल के महीनों में राजनीतिक बहस के केंद्र में रहा है, और न्यायाधीश नावलेकर की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट इस विमर्श को नई दिशा दे सकती है।