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जनसांख्यिकीय बदलावों पर उच्च स्तरीय समिति ने गृह मंत्री अमित शाह से की बैठक, राज्यों के दौरे की तैयारी

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जनसांख्यिकीय बदलावों पर उच्च स्तरीय समिति ने गृह मंत्री अमित शाह से की बैठक, राज्यों के दौरे की तैयारी

सारांश

जनसांख्यिकीय बदलावों पर गठित उच्च स्तरीय समिति ने गृह मंत्री अमित शाह को अपनी कार्ययोजना से अवगत कराया। समिति राज्यों का दौरा करेगी, विस्तृत प्रश्नावली के ज़रिए जमीनी जानकारी जुटाएगी और अवैध प्रवास से जुड़े नीतिगत उपाय सुझाएगी। गृह मंत्री ने शीघ्र सिफारिशें देने का निर्देश दिया।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 1 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में जनसांख्यिकीय बदलावों पर गठित उच्च स्तरीय समिति से मुलाकात की।
समिति जमीनी जानकारी के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करेगी तथा एक विस्तृत प्रश्नावली पहले से भेजेगी।
समिति की अध्यक्षता जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) कर रहे हैं; सदस्यों में दुर्गा शंकर मिश्रा , बालाजी श्रीवास्तव और डॉ.
शमिका रवि शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को ' हाई पावर्ड डेमोग्राफी मिशन ' की घोषणा की थी।
समिति अवैध प्रवास और असामान्य कारणों से होने वाले जनसांख्यिकीय बदलावों का वैज्ञानिक आकलन कर नीतिगत, विधायी और प्रशासनिक सिफारिशें देगी।

गृह मंत्री अमित शाह से 1 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में हुई बैठक में हाई लेवल कमेटी ने अपनी कार्ययोजना साझा की — समिति जमीनी स्तर पर सीधी जानकारी जुटाने के लिए देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करेगी। इसके साथ ही, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से भी संवाद कर जनसांख्यिकीय बदलावों से जुड़े विषयों पर फीडबैक लिया जाएगा।

समिति की कार्यप्रणाली और तैयारी

समिति ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दौरों को अधिक प्रभावी और संवादपरक बनाने के लिए एक विस्तृत प्रश्नावली तैयार की गई है। यह प्रश्नावली दौरे से पहले संबंधित प्रशासनों को भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक जानकारी अग्रिम रूप से एकत्र की जा सके और बैठकें अधिक सार्थक हो सकें।

गृह मंत्री अमित शाह ने समिति की रणनीति की सराहना की और गृह सचिव को निर्देश दिया कि समिति को उसके दैनिक कामकाज तथा दौरों के दौरान हर संभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने समिति से यह भी कहा कि वह अपनी सिफारिशें यथाशीघ्र प्रस्तुत करे।

मिशन की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को 'हाई पावर्ड डेमोग्राफी मिशन' की घोषणा की थी। इसके अंतर्गत भारत सरकार ने अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का वैज्ञानिक अध्ययन करने और नीतिगत उपाय सुझाने के लिए इस उच्च स्तरीय समिति का गठन किया।

समिति की संरचना

समिति की अध्यक्षता जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) कर रहे हैं। जनगणना आयुक्त के अतिरिक्त, समिति में तीन प्रतिष्ठित सदस्य शामिल हैं — दुर्गा शंकर मिश्रा (सेवानिवृत्त आईएएस), बालाजी श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त आईपीएस) और डॉ. शमिका रवि (सदस्य, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद — PMEAC)।

समिति का दायरा और उद्देश्य

यह समिति देश के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध प्रवास तथा अन्य असामान्य कारणों से उत्पन्न जनसांख्यिकीय बदलावों का वैज्ञानिक आकलन करेगी। इसके साथ ही, इन बदलावों के कारणों का विश्लेषण कर समिति उचित नीतिगत, विधायी और प्रशासनिक उपायों की सिफारिश करेगी।

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में जनसंख्या-संरचना में बदलाव को लेकर नीतिगत बहस तेज हो रही है। समिति की अंतिम सिफारिशें भविष्य की नीतियों की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि 'अवैध प्रवास' और 'असामान्य जनसांख्यिकीय बदलाव' जैसे शब्द बिना स्पष्ट परिभाषा के विवादास्पद हो सकते हैं और इनके राजनीतिक दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। समिति की विश्वसनीयता इस बात पर टिकी है कि वह अपने डेटा-संग्रह और सिफारिशों में किस हद तक पारदर्शिता और वैज्ञानिक कठोरता बनाए रखती है। सिफारिशें कब और किस रूप में सार्वजनिक होंगी — यह प्रश्न अभी अनुत्तरित है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनसांख्यिकीय बदलावों पर गठित हाई लेवल कमेटी क्या है?
यह भारत सरकार द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय समिति है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को 'हाई पावर्ड डेमोग्राफी मिशन' के तहत की थी। इसका उद्देश्य अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का वैज्ञानिक अध्ययन कर नीतिगत, विधायी और प्रशासनिक सिफारिशें देना है।
इस समिति के अध्यक्ष और सदस्य कौन हैं?
समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर कर रहे हैं। सदस्यों में जनगणना आयुक्त के अलावा सेवानिवृत्त आईएएस दुर्गा शंकर मिश्रा, सेवानिवृत्त आईपीएस बालाजी श्रीवास्तव और PMEAC सदस्य डॉ. शमिका रवि शामिल हैं।
समिति राज्यों के दौरे में क्या करेगी?
समिति दौरे से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक विस्तृत प्रश्नावली भेजेगी ताकि जरूरी जानकारी अग्रिम रूप से मिल सके। इसके बाद जमीनी स्तर पर सीधी जानकारी जुटाने के लिए इंटरैक्टिव बैठकें आयोजित की जाएंगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने समिति को क्या निर्देश दिए?
गृह मंत्री अमित शाह ने समिति की कार्ययोजना की सराहना करते हुए गृह सचिव को निर्देश दिया कि समिति को दैनिक कामकाज और दौरों में हर संभव सहायता दी जाए। उन्होंने समिति से यथाशीघ्र अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने को भी कहा।
यह समिति किन मुद्दों पर सिफारिशें देगी?
समिति मुख्य रूप से अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से उत्पन्न जनसांख्यिकीय बदलावों के कारणों का विश्लेषण करेगी। इसके आधार पर वह उचित नीतिगत, विधायी और प्रशासनिक उपायों की सिफारिश केंद्र सरकार को देगी।
राष्ट्र प्रेस
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