शेखपुरा में स्कूली छात्रों की मिसाल: बाढ़ पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए ₹10,000
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के शेखपुरा जिले के चेवाड़ा स्थित श्री कृष्ण उच्च विद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने राज्य में बाढ़ संकट के बीच एक प्रेरणादायक पहल करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए ₹10,000 की राशि का चेक अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान को सौंपा। 26 सितंबर 2026 को हुई इस पहल में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की कैडेट टीम भी शामिल रही, जिसने बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता का परिचय दिया।
पहल की पृष्ठभूमि
बिहार में हर वर्ष बाढ़ भारी तबाही मचाती है और लाखों लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ता है। इस वर्ष भी राज्य के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। ऐसे में शेखपुरा जिला पदाधिकारी शेखर आनंद के निर्देशानुसार जिले में सामाजिक सहयोग को प्रोत्साहन देने की मुहिम चलाई जा रही है।
गौरतलब है कि आपदा की इस घड़ी में न केवल सरकारी तंत्र, बल्कि शैक्षणिक संस्थान और सामाजिक संगठन भी खुलकर सामने आ रहे हैं। श्री कृष्ण उच्च विद्यालय, चेवाड़ा की यह पहल उसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
मुख्य घटनाक्रम
शनिवार को विद्यालय के प्रभारी पदाधिकारी अशोक कुमार, शिक्षक नीरज कुमार और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की कैडेट सदस्य खुशबू कुमारी तथा रागनी कुमारी ने समाहरणालय पहुँचकर अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान के कार्यालय में ₹10,000 का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु सौंपा।
प्रभारी पदाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि राज्य के प्रभावित इलाकों में पीड़ितों की दुर्दशा को देखते हुए विद्यालय परिवार और स्काउट्स एवं गाइड्स के कैडेट्स ने अपनी स्वेच्छा से यह सहयोग राशि दी है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने विद्यालय परिवार और स्काउट्स एंड गाइड्स टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए और विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की यह पहल अन्य लोगों को भी बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए प्रेरित करेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार बाढ़ राहत के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने की कोशिश कर रही है और सामाजिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
आम जनता पर असर
छात्रों की इस पहल ने शेखपुरा में सामाजिक जागरूकता का एक नया अध्याय लिखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल स्तर पर ऐसी भागीदारी न केवल आर्थिक सहयोग देती है, बल्कि युवा पीढ़ी में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित करती है।
आगे की उम्मीद यही है कि यह पहल जिले के अन्य शिक्षण संस्थानों को भी प्रेरित करेगी और बाढ़ राहत कार्यों में सामूहिक भागीदारी और बढ़ेगी।