बिहार बाढ़ राहत: जदयू विधायकों ने CM सम्राट चौधरी को सौंपा ₹17.19 लाख का चेक
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए जनता दल (यूनाइटेड) विधानमंडल दल के सदस्यों ने अपने-अपने एक माह के वेतन का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष में समर्पित किया। 1 अक्टूबर 2026 को पटना स्थित लोक सेवक आवास के 'संकल्प' सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल ₹17 लाख 19 हजार की राशि का चेक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा गया। यह पहल ऐसे समय में आई है जब बिहार के कई जिले बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे हैं और हजारों परिवार विस्थापन एवं जीवन-यापन की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
चेक सौंपने का कार्यक्रम
यह चेक जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, बिहार विधान परिषद के उप सभापति रामवचन राय और स्वास्थ्य मंत्री निशांत के नेतृत्व में सौंपा गया। कार्यक्रम में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान, बिहार विधानसभा के सचेतक सुधांशु शेखर, नचिकेता, विनय चौधरी समेत अनेक विधायक उपस्थित रहे।
जिन विधायकों ने अपने एक माह के वेतन का योगदान दिया उनमें विधायक राधाचरण साह, सोनम रानी, राजेश कुमार उर्फ ईश्वर मंडल, अतिरेक कुमार, इंद्रदेव सिंह, हेमनारायण साह, राजकुमार राय, निरंजन कुमार मेहता, दुलालचंद गोस्वामी, बबलू कुमार और रामविलास कामत शामिल हैं। बिहार विधान परिषद में मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस सहयोग के लिए जदयू विधानमंडल दल के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य में आपदा एवं कठिन परिस्थितियों में जरूरतमंद लोगों की मदद के काम आएगी। उनका यह बयान बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों की तात्कालिकता को रेखांकित करता है।
सोशल मीडिया पर संदेश
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में सहयोग स्वरूप सहायता राशि का चेक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा गया।' उनकी यह पोस्ट पार्टी की सामूहिक पहल को सार्वजनिक रूप से रेखांकित करती है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि बिहार प्रतिवर्ष मानसून के दौरान बाढ़ की समस्या से जूझता है, और मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा यह राशि राज्य सरकार के राहत अभियान को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराती है। जनप्रतिनिधियों द्वारा अपना वेतन दान देने की यह प्रतीकात्मक पहल बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकारी सहानुभूति का संदेश देती है, हालाँकि विशेषज्ञ अक्सर यह भी कहते हैं कि दीर्घकालिक राहत के लिए संरचनात्मक उपाय अधिक प्रभावी होते हैं। आने वाले हफ्तों में राहत कोष से वितरण की प्रक्रिया और लाभार्थियों की पहचान पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।