शर्लिन चोपड़ा मुंबई में सीजेपी प्रोटेस्ट में शामिल, SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री और मॉडल शर्लिन चोपड़ा 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में शामिल हुईं और विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) के अंतर्गत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार प्रत्येक भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है और इसे किसी भी परिस्थिति में नहीं छीना जाना चाहिए।
प्रदर्शन में शर्लिन का मुख्य वक्तव्य
प्रदर्शन के दौरान शर्लिन चोपड़ा ने कहा कि अगर किसी भारतीय नागरिक को अपने ही देश में मतदान का अधिकार नहीं मिलेगा, तो वह किस देश में जाकर वोट देगा। उन्होंने दावा किया कि SIR के चलते बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उनका सवाल था कि क्या संबंधित अधिकारी यह प्रमाणित कर सकते हैं कि सूची से हटाए गए लोग भारतीय नागरिक नहीं हैं।
प्रधानमंत्री से अपील
शर्लिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि वह उनका सम्मान करती हैं और उन्हें पिता समान मानती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सम्मान के साथ शांतिपूर्ण असहमति व्यक्त करना भी उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि भारतीय नागरिकों के मतदान सहित सभी मौलिक अधिकारों की रक्षा की जाए।
भाजपा की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा प्रदर्शन को बेबुनियाद बताए जाने पर शर्लिन ने कहा कि यदि यह आंदोलन निराधार है, तो उन लोगों की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए जिनके नाम SIR के तहत सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने माँग की कि यदि एजेंसियों के पास इन लोगों के गैर-नागरिक होने का प्रमाण है, तो वह सार्वजनिक किया जाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बारे में पूछे जाने पर शर्लिन चोपड़ा ने उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने अपने पद पर गंभीर चूक की है और इस जिम्मेदारी को किसी ऐसे योग्य व्यक्ति को सौंपा जाना चाहिए जो चुनाव आयुक्त के कर्तव्यों का निष्पक्षता से निर्वहन कर सके।
प्रदर्शन का माहौल
शर्लिन ने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पहुँचे थे। उनके अनुसार यह भीड़ नागरिकों की देश और भारत माता के प्रति गहरी भावना को दर्शाती है। प्रदर्शन के दौरान उनकी अभिजीत दीपके से दूर से संक्षिप्त अभिवादन हुई, हालाँकि दोनों के बीच कोई व्यक्तिगत बैठक नहीं हुई। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूचियों में बदलाव का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।